Antibiotic Misuse : एंटीबायोटिक हो सकती है जानलेवा, बिना चिकित्सक की सलाह के नहीं लें
बुखार या सर्दी-खांसी की दवा नहीं है एंटीबायोटिक
Antibiotic Misuse : जो लोग बिना चिकित्सक की सलाह के नियमित रूप से एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं, वे सावधान हो जाएं। एंटीबायोटिक का लगातार सेवन जानलेवा भी हो सकता है। यह बात हम नहीं चिकित्सक कह रहे हैं। इसलिए कभी बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन नहीं करें। क्योंकि इसके शरीर पर गंभीर प्रभाव आते हैं। एंटीबायोटिक का सेवन गंभीर स्वास्थ्य परिणाम देता है।
दरअसल आजकल सामान्य ही बीमारियों में भी लोग चिकित्सक के परामर्श के बिना ही खुद से एंटीबायोटिक लेने लगते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर मामला है। यह बहुत ही चिंता का कारण हो सकता है। जो लोग नियमित रूप से बिना किसी विशेषज्ञ के परामर्श के एंटीबायोटिक का उपयोग करते हैं, उनमें गंभीर बीमारियों का भी खतरा बना रहता है।
असर हो जाता है बंद
वरिष्ठ चिकित्सक डा. राजेश कुमार का कहना है कि एंटीबायोटिक के लगातार सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। क्योंकि इससे शरीर में लंबे समय के बाद एंटीबायोटिक का असर होना ही बंद हो जाता है।
आज कल लोग सामान्य बुखार और सर्दी, खांसी में एंटीबायोटिक का सेवन करने लगते हैं। विशेष बात यह है कि कुछ मामलों में एंटीबायोटिक के सेवन की जरूरत ही नहीं होती। क्योंकि लगातार सेवन से शरीर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस विकसित हो जाता है।
रोग रोधक क्षमता होती है कम
एंटीबायोटिक के सेवन से शहरी की रोगी रोधक क्षमता भी कम होती है। ऐसे में भविष्य में शरीर बीमारियों की चपेट में आने के लिए आसान शिकार रहता है। डा. राजेश कुमार का कहना है कि शरीर के ऐसी स्थिति में आने के बाद कोई भी संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। साथ ही इसके प्रयोग से पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसका असर शरीर में एलर्जी, लीवर और किडनी पर भी आ सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों पर असर अधिक
एचसीएमएस के पूर्व अध्यक्ष डा. राजेश कुमार बताते हैं कि एंटीबायोटिक इस प्रकार सेवन करने से गर्भवती महिलाओं के साथ बच्चों, बुजुर्गों पर इसका असर बहुत अधिक गंभीर होने क खतरा रहता है। ऐसे में एंटीबायोटिक का सेवन सिर्फ चिकित्सकों के परामर्श पर ही किया जाना चाहिए। क्योंकि एंटीबायोटिक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है, ऐसे में बार-बार बीमार होने का खतरा रहता है। इसके कारण बच्चों में पोषण संबंधित समस्याएं भी आ सकती हैं। बाल रोग विशेष डा. आरबी पूनिया का कहना है कि बच्चों में एंटीबायोटिक का लीवर पर बहुत गंभीर असर होता है। इसके कारण बच्चे खाना छोड़ देते हैं और यह जानलेवा हो सकता है।










