Cattle Fair : नायाब पशुओं का मेला, 28 महीने उम्र 56 इंच ऊंचा घोड़ा, ऊंट करता है कैटवाक

उमदा पशुओं काे मिले 50 लाख रुपये से अधिक के ईनाम

Cattle Fair : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में राज्य स्तय पशु मेले का आयोजन 6 से 8 फरवरी तक किया गया। इस दौरान प्रदेश भर से एक से बढ़ कर एक पशुओं की झलक मेले में देखने को मिली। मेले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी स्वयं पहुंचे। यहां कुछ पशु ऐसे भी आए, जिनको देख कर लोग दंग रह गए। पशु मेले में 1800 से ज्यादा पशुओं ने भाग लिया। इस दौरान बेहतर पशुओं को 50 लाख 20 हजार 600 रुपये के इनाम भी दिए गए। मेले में कैटवाक करने वाली ऊंट और महज 28 महीने में 56 इंच की ऊंचाई वाला खास घोड़ा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

गौरतलब है कि हरियाणा में लोग खेती के साथ पशु पालन पर भी खासा जोर रखते हें। कुछ किसान ऐसे भी हैं, जिनके पशुओं को वह परिवार के सदस्यों की तरह ही प्यार देते हैं और इनका रखरखाव भी परिवार के सदस्यों की तरह ही होता। कुरुक्षेत्र के मेला मैदान में आयोजित पशु 41वें मेले में प्रदेश भर में पशु प्रेमियों को एक जुट किया। यूं तो इसमें 1800 से अधिक पशुुओं ने हिस्सा लिया, लेकिन इनमें से 298 पशु ऐसे रहे, जो विजेता चुने गए। इनमें 4 नस्लों के 8 ब्रीड चैम्पियन बने है।

मेले में आने वाले पशु पालकों का कहना है कि इससे उनके पशुओं को जहां नई पहचान मिलती है, वहीं पशुओं के रखरखाव के लिए दूसरे लोगों से जानकारी भी मिलती है। हालांकि हरियाणा में अधिक दूध देने वाली भैंस व करोड़ों रुपये के भैंसे आम बात है। इस मेले में कई अन्य पशु ऐसे भी आए, जिनका पालन कम होता है, लेकिन इनका डंका दूर-दूर तक बजता है।

50 लखा रुपये में भी नहीं बेचा घोड़ा

कुरुक्षेत्र में आयोजित मेले में पहुंचा घोड़ा हरियाणा के फतेहाबाद जिला के लहरिया गांव निवासी संतलाल का है। संतलाल अपने गांव के सरपंच भी रहे हैं और उनके पास इस घोडे बादशाह की तीसरी पीढ़ी है। सफेद रंग का यह घोड़ा मेले में हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता रहा। संतलाल के अनुसार यह घोड़ा नुकरे नस्ल का है। बादशाह 28 महीने की उम्र में यह 65 इंच ऊंचा है। यही विशेषता इसको काफी अलग बनाती है। हालांकि इसकी कीमत 50 लाख रुपये तक लगाई गई, लेकिन संतलाल ने इसको बेचा नहीं। संतलाल का कहना है कि बादशाह को उसने अपने पास रखने के लिए ही पाला है। बेचने के लिए नहीं।

Cattle Fair: A unique animal fair, a 28-month-old, 56-inch-tall horse, and a camel do a catwalk.
नायाब पशुओं का मेला, 28 महीने उम्र 56 इंच ऊंचा घोड़ा, ऊंट करता है कैटवाक

घोड़े को मिलता है वीआइपी ट्रीटमेंट

कहने को तो यह घोड़ा है, लेकिन इसका रखरखाव किसी खास व्यक्ति से भी अधिक होता है। क्योंकि इसको सप्ताह में 4 बार तो तेल की मालिश की जाती है। इसके अलावा मौसम के हिसाब से बादशाह की डाइट भी बदली जाती है। सर्दियों में बादशाह को दूध और बादाम का सेवन करता है। वहीं गर्मी में बादशाह को खाने में मक्खन दिया जाता है। बादहशा की चूरी भी देसी घी में तैयार होती है और इसमें बादाम भी मिलाए जाते हैं।

मेले में छाया महेंद्रगढ़ का ऊंट

फतेहाबाद के घोड़े की तरह ही इस मेले में महेंद्रगढ़ से आई एक ऊंटनी भी छा गई। हालांकि अन्य पशुओं के साथ ऊंट भी काफी संख्या में आए थे, लेकिन महेंद्रगढ़ से पहुंचे जगदेव सिंह के ऊंट ने मेले में प्रथम पुरस्कार भी जीता। यहां पर ऊंटनी की कैटवॉक देख कर हर कोई हैरान था। इतना ही नहीं डीेजे पर गाने बजने पर भी ऊंट डांस कर रहे थे। जगदेव सिंह का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से ऊंट पालन का कार्य करते आ रहे हैं। उसकी ऊंटनी ने यहां पर प्रथम पुरस्कार जीता है, यह पशु पालकों को प्रेरित करता है।

पहले भी इनाम जीत चुकी है ऊंटनी

जगदेव सिंह के अनुसार उनकी ऊंटनी पहले भी कई मेलों में इनाम जीत चुकी है। हालांकि इस ऊंटनी को खाने में घोड़े बादशाह की तरह कुछ खास नहीं दिया जाता। सामान्य घास और घर पर पैदा होने वाला अनाज ही खिलाया जाता है। इसके बावजूद 3 वर्ष उम्र वाली इस ऊंटनी की कीमत डेढ लाख रुपये है।

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