Haryana Politics : दुष्यंत चौटाला को रूठे हुए कार्यकर्ताओं की आई याद
Haryana Politics : हरियाणा राजनीति में जननायक जनता पार्टी फिर से अपनी पैठ मजबूत करने में लगी है। इसके लिए पार्टी अपने स्थापना दिवस पर जींद जिला के जुलाना विधानसभा क्षेत्र में 7 दिसंबर को कार्यक्रम करने जार रही है। इसके लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला स्वयं मैदान में उतरे हैं।
मंगलवार को उन्होंने जींद स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यक्रम की योजना बनाई। जुलाना पुराने लोकदल या देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला को पुराना गढ़ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में जजपा ने प्रदेश में कुल 10 सीट जीती थी। इनमें से एक जुलाना भी थी। इस बार जजपा एक भी सीट नहीं जीत पाई, ऐसे में अब दुष्यंत चौटाला को रूठे हुए कार्यकर्ताओं की याद आने लगी है।
स्थापना दिवस रैली की तैयारियों में दुष्यंत चौटाला ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से आह्वान किया किया सबसे पहले रुठे हुए कार्यकर्ताओं का मनाएं। उनके घर जाकर अपने साथ जोड़ें। चौटाला ने कहा कि संगठन की असली ताकत कार्यकर्ता होते हैं। उनके दम पर ही संगठन चलाया जा सकता है।
Haryana Politics : संगठन को जोड़ने पर जोर
पिछले चुनाव के बाद महज 10 सीट जीत कर भी दुष्यंत चौटाला भाजपा के साथ सरकार बनाने में सफल रहे और उन्हें उप मुख्यमंत्री का पद मिला। इस दौरान सत्ता में रहते हुए काफी कार्यकर्ता नाराज भी हुए। हालांकि दुष्यंत चौटाला कहते रहे कि यह गठबंधन की सरकार है और इसमें वे अच्छा कर रहे हैं। इसी का परिणाम हुआ कि अपने पहले ही चुनाव में 10 सीट जीतने के बाद अगले चुनाव में जजपा को एक भी सीट नहीं मिली। यहां तक कि जजपा का कोई उम्मीदवार जीत के नजदीक तक नहीं पहुंचा। स्वयं दुष्यंत चौटाला उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से 5वें स्थान पर रहे थे और जमानत भी नहीं बचा सके। ऐसे में अब फिर से वे संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। इसलिए अब रूठे हुए कार्यकर्ताओं को मनाने की तैयारी चल रही है। उधर इनेलो को कुनबा बढ़ रहा है और जजपा इनेलो से ही अलग होकर अस्तित्व में आई है। इससे दुष्यंत चौटाला और भी शिद्दत से लगे हुए हैं।

Haryana Politics : जरूरत पड़ी तो स्वयं रहेंगे मौजूद
जींद में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सभी प्रकोष्ठों के प्रधान रैली के लिए सक्रिय हो जाएं। वाहन की व्यवस्था करें और रैली के लिए ठीक उसी प्रकार लोगों को न्यौता दें, जिस प्रकार परिवार की शादी में देते हैं। इसी प्रकार रूठे हुओं को भी मनाया जाए। पार्टी के जाे मेहनती कार्यकर्ता उनसे किसी भी कारण से नाराज हैं, वे मान जाएंगे। इसके लिए अगर कहीं स्वयं उनकी जरूरत पड़े तो हर समय मौजूद रहेंगे।
Haryana Politics : 6 साल बाद फिर जींद में शक्ति प्रदर्शन
जजपा का गठन ओमप्रकाश चौटाला की इनेलो से अलग होकर 9 दिसंबर 2019 में किया गया था। इसी साल हुए चुनाव में पार्टी ने 10 सीट जीती। जजपा का गठन भी जींद की ही धरती पर पिंडारा गांव के पास रैली कर किया गया गया था। एक बार फिर जननायक जनता पार्टी जींद जिला में ही अपने स्थापना दिवस पर कार्यक्रम कर रही है। इस बार फर्क इतना है कि जजपा सत्ता से बाहर होने के बाद यह कार्यक्रम कर रही है। वहीं जींद की धरती को हरियाणा की राजनीति में बदलाव का केंद्र माना जाता है।
Haryana Politics : कई विधायकों ने छोड़ा साथ
पिछले चुनाव में जजपा के दस विधायक जीते थे। इनमें से दो विधायक परिवार के ही स्वयं दुष्यंत चौटाला व उनकी मां नैना चौटाला रहे। इसके बाद तब जजपा से विधायक रहे नारनौंद से रामकुमार गौतम शुरू से ही बागी हो गए थे। इसके बाद नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा भी पार्टी से दूर हो गए। अब गौतम भाजपा के टिकट पर जींद के जी सफीदों से विधायक हैं। इसके अलावा मंत्री रहे देवेंद्र बबली व अनूप धानक भी पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। जुलाना से विधायक अमरजीत ढांडा अभी भी पार्टी के साथ हैं। इसलिए अब जुलाना को ही चुना गया है।










