Health Insurance : हेल्थ इंश्योरेंस पालिसी ले रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
गलत चयन डाल सकता है परेशानी में
Health Insurance : आज कल हर क्षेत्र में काम करने वालों के लिए स्वास्थ्य बड़ी चुनौती बन गया है। साधारण रूप से बीमार पड़ने पर भी इलाज काफी महंगा होता है। यदि गंभीर बीमारी हो जाए तो अस्पताल का मोटा बिल हो जाता है। इससे बचने के लिए लोग Health Insurance पालिसी लेते हैं। यह पालिसी लेते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है। यदि पालिसी लेते समय ही मुख्य बातों का ध्यान नहीं रखा जाए तो यह बाद में परेशानी दे सकता है।
Health Insurance लेते समय आपकी उम्र बहुत मायने रखती है। उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे में पालिसी बेचने वाली कंपनी इसी हिसाब से Insurance प्रीमियम निर्धारित करती हैं। उम्र के साथ ही Insurance की प्राथमिकताएं भी अलग हो जाती हैं। यदि कोई व्यक्ति 20 वर्ष की आयु में Health Insurance लेता है तो इसका प्रीमियम और लंबी कंटिन्यूटी पर ध्यान देना चाहिए। वहीं 30 की उम्र में Health Insurance लेते समय परिवार को मिलने वाला कवर भी देखा जाता है। 40 की उम्र में Health Insurance के प्लान में क्रिटिकल इलनेस बहुत महत्वपूर्ण है। 50 की उम्र में कवरेज बढ़ा लें और हर हाल में 60 वर्ष की उम्र के बाद पालिसी को जरूर कंटीन्यू रखें। Health Insurance एक पालिसी ही नहीं है। यह जीवन की सुरक्षा एक भरोसेमंद कवर है। हालांकि लोग मेडिकल इमरजेंसी पड़ने पर ही Health Insurance के बारे में सोचते हैं। इसका खास लाभ नहीं पाता। तब प्रीमियम बढ़ जाते हैं और बीमारियों की दस्तक शुरू हो जाती है। ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस आसान नहीं होता। ऐसे में उम्र के हिसाब से पहले ही सही प्लान का चयन जरूरी है। इसका मुख्य कारण यह है कि 20 वर्ष व 50 की उम्र में व्यक्ति की जरूरतें और प्राथमिकताएं बदल जाती हैं।

Health Insurance : 20 साल की उम्र सबसे बेहतर
हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय उम्र सबसे बड़ा कारक होती है। 29 की उम्र तक यह पालिसी ली जा सकती है। इस उम्र में शरीर बीमारियों से बचा होता है और मजबूत होता है। इस उम्र में कम प्रीमियम में भी अच्छे पैकेज का कवरेज कंपनी द्वारा दिया जाता है। इसके चलते पालिसी हिस्ट्री (policy continuity) अच्छी होती है। इससे भविष्य में बीमारी की राशि के लिए क्लेम करना बहुत ही आसान होता है। साथ ही यह पालिसी लेने पर सेक्शन 80D के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। हालांकि इस उम्र में लोग खुद को फिट देखते हैं और Health Insurance की जरूरत महसूस नहीं करते। जबकि ऐसा नहीं होता। इसके कारण पालिसी शुरू करने में देरी हो जाती है। हालांकि उम्र के 30 साल के पड़ाव में व्यक्ति पर कई प्रकार की जिम्मेदारियां आ जाती हैं। स्वयं के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी होती है। बच्चों की पढ़ाई, कई प्रकार के लोन के साथ मेडिकल खर्च भी होते हैं। इसके कारण ऐसी उम्र में फैमिली फ्लोटर प्लान का चुनाव करना चाहिए। इससे एक पालिसी से आपके परिवार को कवर मिल जाता है। वहीं 40 की उम्र कई शारीरिक व सामाजिक बदलाव लेकर आती है। जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ शरीर भी कमजोर होने लगता है। इस उम्र में कई प्रकार की सामान्य बीमारियां जैसे दिल की बीमारी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर घर करने लगती हैं। इस उम्र में Health Insurance के तहत क्रिटिकल इलनेस कवरेज की जरूरत रहती है। इससे हार्ट अटैक, कैंसर जैसी बीमारियों से कवरेज का लाभ मिलता है। यह इलाज महंगे होते हैं और Health Insurance से इनको कवर किया जा सकता है। यह जरूर देख लें कि परिवार अनुवांशिक बीमारियां हैं तो इसके हिसाब से भी कवरेज जोड़ लें। इस उम्र तक पालिसी का वेटिंग टाइम पूरी हो चुका होता है। ऐसे में इसको अपग्रेड करना आसान रहता है। 50 की उम्र स्वास्थ्य के लिए बहुत ही असाधारण होती है। अब शरीर में तेजी से कई प्रकार के बदलाव व बीमारियां आती हैं। इस दौरान पालिसी की कवर 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक बढ़ा लें। इससे गंभीर इलाज के साथ सर्जरी के दौरान भी मदद मिलती है।
Health Insurance : बुढ़ापे की चिंता
60 साल की उम्र में नौकरी से सेवानिवृति होत जाती है और जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। साथ ही शरीर में भी कई प्रकार के बदलाव होते रहते हैं। आय के सामान्य संसाधान सिमित होने के कारण इलाज बहुत भारी हो जाता है। ऐसे में Health Insurance बहुत काम आ सकता है। ध्यान रखें की अपनी पालिसी को जारी रखें। इसमें जरूरत के अनुसार टाप अप जुड़वा लें। यह आपके काम आएंगे। हालांकि बच्चों की एम्प्लायर पालिसी में डिपेंडेंट के रूप में शामिल हो सकते हैं।










