Heart Attack Precautions : अचानक हार्ट अटैक का झटका लगे तो घर पर ऐसे करें बचाव

समय पर सही उपचार मिलने से बच सकती है जान

Heart Attack Precautions : बदलती जीवनशैली व खानपान के चलते आजकल हार्ट अटैक सामान्य हो चला है। हार्ट अटैक का झटका कभी भी आ सकता है। ऐसे में कुछ उपाय कर जान बचाई जा सकती है। हार्ट अटैक में पहला एक घंटा बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसमें किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लें।

हार्ट अटैक का मुख्य कारण दिल को खून की आपूर्ति करने वाली नलियों में रूकावट होना होता है। कई बार रूकावट कम होती है। इसका समय रहते पता नहीं चलता। यह रक्त वाहिनी 100% रूक जाने पर हार्ट अटैक का झटका आता है। इसके मुख्य लक्षण हैं कि छाती में दर्द होगा। दर्द बढ़ते हुए जबड़े, पेट, पीठ के साथ हाथों भी हो सकता है। अगर छाती में भारीपन या कसाव महसूस हो रहा है तो जांच जरूर करवा लें। यह सभी लक्षण हार्ट अटैक के होते हैं। इसको हल्के में नहीं ली। इसकी गंभीरता को समझते हुए घर पर प्राथमिक उपाय जरूर कर लें।

Heart Attack Precautions : शुरूआती समय में मदद जरूरी

चिकित्सीय विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक में पहला एक घंटा बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसको गोल्डन पीरियड भी का जाता है। इस समय में सही चिकित्सा मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। दूसरे की मदद के साथ-साथ स्वयं के साथ ऐसा होने के लिए भी यह जानकारी अहम है। अकेले व्यक्ति को आर्ट अटैक का झटका आने पर वह किसी की मदद लेने की स्थिति में नहीं होता। ऐसी स्थिति में करने वाले उपाय सबसे अहम हैं। इसकी पूरी जानकारी होनी जरूरी है।

Heart Attack Precautions : ऐसे करें उपाय

अकेलेपन की स्थिति में हार्ट अटैक की नौबत आने पर सबसे पहले घबराएं बिलकुल भी नहीं। इससे उपाय करने की क्षमता भी कम होगी और गलती भी हो सकती है। यदि इस प्रकार के लक्षण दिखते हैं अपने घर पर या कार्य स्थल पर खून पतला करने के लिए प्रयोग की जाने वाली कुछ दवाइयां हमेशा पास रखें। ऐसी एक दवा है सोर्बिट्रेट। इसको जीभ के नीचे रख कर कुछ राहत पाई जा सकती है। हालांकि कोई भी दवा बिना चिकित्सक की सलाह के नहीं ली जानी चाहिए। इसके गंभीर परिणाम आ सकते हैं। अपने साथ एंबुलेंस व नजदीकी चिकित्सक का नंबर जरूर रखें। ऐसी स्थिति में प्राथमिक उपाय की जानकारी ली जा सकती है।

अचानक हार्ट अटैक का झटका लगे तो घर पर ऐसे करें बचाव
अचानक हार्ट अटैक का झटका लगे तो घर पर ऐसे करें बचाव

Heart Attack Precautions : समय पर चिकित्सक के पास पहुंचें

हार्ट अटैक को बहुत गंभीरता से लें। हमेशा जल्दी से जल्दी चिकित्सक के पास पहुंचने की व्यवस्था करें।
क्योंकि ऐसी स्थिति में पहला एक घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में प्रयास करें कि इससे कम समय में चिकित्सक के पास पहुंच जाएं। कभी भी ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और चिकित्सक को फोन कर उपाय की जानकारी लें। साथ ही एंबुलेंस को भी इसका संदेश दे दें। इसके बाद जल्दी से जल्दी अस्पताल जाकर ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) और ECHO (इकोकार्डियोग्राम) जैसे टेस्ट बहुत ही सामान्य हैं। इससे आर्ट अटैक का पता चल जाता है। इसके बाद चिकित्सक एंजियोग्राफी करवाते हैं। यदि ECG और ECHO की रिपोर्ट सामान्य आई और लक्षण गंभीर हैं तो चिकित्सक इसके बावजूद एंजियोग्राफी करवा सकते हैं। इसमें करीब 15 से 20 मिनट लगते हैं। यह टेस्ट हार्ट अटैक होने या नहीं होने को पूरी तरह से साफ कर देता है।

Heart Attack Precautions : जीवन शैली में करें बदलाव

हालांकि हार्ट अटैक के बहुत से कारण हो सकते हैं, लेकिन जीवन में कुछ बदलाव कर इसकी आशंका को कम किया जा सकता है। यदि आप धूम्रपान करते हैं तो हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है। यह हार्ट अटैक का मुख्य कारण है। इसलिए धूम्रपान को छोड़ दें। खाने में बदलाव करें और कम वसा वाला खाना खाएं। फल, सब्जियाें के साथ साबुत अनाज भोजन में लें। तला हुआ खाना पूरी तरह बंद कर दें या इसको बहुत कम कर दें। जरूरी है कि नियमित रूप से व्यायाम करें। तनाव भी हार्ट अटैक का कारण हो सकता है। इसलिए तनाव प्रबंधन जरूर करें।
समय समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाते रहें। मई मामलाें में यह बीमारी आनुवंशिक हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि नियमित रूप से जांच करवाते रहें।

डिस्कलेमर : – हार्ट अटैक एक गंभीर बीमारी है। इसमें जरा सी लालपरवाही जानलेवा हो सकती है। ऐसे में हर प्रकार का इलाज या दवा चिकित्सक की अनुसंशा पर ही लें। सुनी सुनाई बातों पर विश्वास कर कोई भी उपाय नहीं करें।

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