Human Rights Commission team : नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए : मानव अधिकार आयोग
आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा के साथ आयोग की टीम ने किया दौरा
Human Rights Commission team : हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता में आयोग की टीम ने सोमवार को हरियाणा के जींद जिला का दौरा किया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। अयोग की टीम ने मानव अधिकारों से जुड़े विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। अध्यक्ष ललित बत्रा ने कहा कि जिला में नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
इस दौरान अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जींद जिला में मानव अधिकारों की स्थिति पर चर्चा की गई। आयोग की टीम ने कानून व्यवस्था, महिला एवं बाल संरक्षण, अनुसूचित जाति / जनजाति अत्याचार निवारण, बंदियों के अधिकार के साथ आमजन की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर जानकारी ली। इस दौरान जींद के लोक निर्माण विश्राम गृह में अधिकारियों के साथ आयोग की बैठक हुई। बैठक में आयोग के सदस्य कुलदीप जैन, दीप भाटिया, रजिस्ट्रार एसके खंडूजा, सहायक रजिस्ट्रार डॉ पुनीत अरोड़ा, जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह मौजूद रहे।
जेल में बंदिरयों और कैदियों की स्थिति जांची
बैठक के बाद आयोग की टीम ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। आयोग के अध्यक्ष ललित बत्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदियों के मानव अधिकारों का पूर्ण पालन हो। मानव अधिकारों की रक्षा एवं संवर्धन राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार का केंद्र होता है।
महिला कैदियों को मिले काम का अधिकार
आयोग के अध्यक्ष ने जेल अधिकारियों से कहा कि इच्छुक महिला बंदियों से उसकी शारीरिक क्षमता अनुसार कार्य लिया जाए। इससे उसके परिश्रम से मिलने वाली राशि का वह उपयोग वे कर पाएंगी। उन्होंने कारागार में बंद महिला व पुरूषों को राज्य सरकार की हिदायत अनुसार विशेष शिविर लगाकर पेंशन बनाने बनाई जाए। ताकि पात्र लोगों को सरकार की योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने जेल अधिकारियों को कहा कि सभी लंबित पैरोल के लिए नियमानुसार रिमांडर भिजवाएं।
सौरभ गर्ग की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित
मानाव अधिकार आयोग की टीम ने पिल्लूखेड़ा पहुंच कर शहीद सौरभ गर्ग स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। जींद पहुंची टीम के समक्ष सौरभ गर्ग के परिजनों ने मरणोपरांत पुरस्कार की मांग का मामला रखा। इसके लिए बताया गया कि पुरस्कार के लिए लगातार मांग की जा रही है। इस पर टीम ने इस मामले की जानकारी ली।

कौन हैं सौरभ गर्ग
गौरतलब है कि पिल्लूखेड़ा निवासी सौरभ गर्ग ने 8 दिसंबर 2012 को अद्वितीय साहस और त्याग का परिचय देते हुए पड़ोस में लगी आग से 11 लोगों की जान बचाई थी। इसमें सौरभ की जान चली गई। ऐसे में परिजन और समाज के लोग उनके बलिदान को सम्मान दिलवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
आयोग ने शुरू की जांच
सौरभ गर्ग को सम्मान नहीं मिलने पर आयोग द्वारा जांच शुरू की गई है। अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गोयल के अनुसार आयोग की टीम ने जांच का आश्वासन दिया है। गोयल ने कहा कि जींद के तत्कालीन डीसी ने मामले की अनुशंसा करते हुए उच्च अधिकारियों को भेजा था। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर विलंब हुआ है। इसको लेकर सौरभ गर्ग के पिता चंद्र भान गर्ग ने मानव अधिकार आयोग में आवेदन दिया था। आयोग के निर्देशों के बाद पिल्लूखेड़ा स्थित का रखरखाव करने के लिए माली व सफाई कर्मी की नियुक्ति सरकार द्वारा की गई है।










