Lal Hari Mirchi Ka Achar: सर्दियों में बनाएं भरतपुर की मशहूर लाल-हरी मिर्च का अचार
खाने का जायका बढ़ाएगा यह स्वादिष्ट अचार
Lal Hari Mirchi Ka Achar: सर्दी का मौसम शुरू होते ही खाने की विभिन्न वायरटी भी आ जाती हैं। इस मौसम में यूं तो सब्जियों की बहार हाेती है, लेकिन खाने के साथ मिर्च का अचार हो तो स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है। मिर्च के अचार में भी भरतपुर की लाल-हरी मिर्च का अपना ही स्थान है। इस लाल हरी मिर्च का अचार बहुत पंसद किया जाता है। बाजार में अब भरतपुर की इस लाल हरी मिर्च की बहार लौट आई है। इसके चलते मंडी में लोग भर-भर कर इस मिर्च को खरीदने पहुंच रहे हैं।
लाल हरी मिर्च का अचार इसलिए भी खास है कि यह दिखने बहुत अच्छा है और साथ में इसका स्वाद भी बहुत अधिक तीखा नहीं होता। मसालों के मिश्रण के साथ इस अचार की महक ही भूख को बढ़ा देती है। आज आपको इस मिर्च की खूबियों के साथ अचार की रेसिपी भी बता रहे हैं। इससे आप घर पर ही यह अचार तैयार कर इसका मजा ले सकते हैं।
जैसा की नाम से ही साफ है कि यह मिर्च राजस्थान के भरतपुर से आती है। हालांकि इसकी उपलब्धता देश भर में रहती और विशेषकर उत्तर भारत की सब्जी मंडियों के साथ सब्जी की दुकानों पर भी यह मिर्च रहती है। ऐसे में आप अपने नजदीक से मिर्च खरीद कर इसका अचार घर पर ही बना सकते हैं।

भरतपुर की मंडी में भी इस दिनों इस लाल हरी मिर्च का सही स्वाद प्रचूर मात्रा में मिल रहा है। यह मिर्च कुछ लाल कुछ हरी होने के साथ लंबी भी होती है। इससे घर-घर में पारंपरिक अचार बनाया जा रहा है। इस मिर्च का उत्पादन होने के साथ जैसे ही मंडी में पहुंची तो महिलाएं मसालों की खुशबू के साथ स्वादिष्ट अचार बनाने तैयारी में जुट गई हैं। भरतपुर ही नहीं पूरे उत्तर भारत में लोग इस मिर्च का अचार बना कर पूरे साल का स्टाक तैयार कर लेते हैं। इस समय मिर्च काफी सस्ती मिल जाती है और इस मौसम में बनाया हुआ अचार भी लंबे समय तक सही रहता है।
Lal Hari Mirchi Ka Achar: अब सर्दियों के साथ ही भरतपुर की मंडी में अचार वाली वाली खास मिर्ची के नाम से प्रसिद्ध लाल हरी मिर्च की जोरदार आवक शुरू हो गई है। विशेषकर भरतपुर और आसपास के क्षेत्र में लोग इस सीजन का बहुत ही बेसब्री के इंतजार करते हैं। इस मिर्च का अचार अपने अदभूत स्वाद और लाजवाब सुगंध के लिए जाना जाता है। लोग अपने घरों में अचार तैयार कर रिश्तेदारों व जानकारों को भी भेजते हैं। भरतपुर सब्जी मंडी के व्यापारियों का कहना है कि हर साल दिसंबर के महीने में इस मिर्ची की खरीद में लोगों का खासा उत्साह होता है।
क्योंकि यह मिर्ची आकार में लंबी चिकनी व हल्की हरी-लाल रंग की रहती है, ऐसे में अचार तैयार करने के लिए बिल्कुल सही रहती है। मिर्च का छिलका पतला होता है और गुदा अधिक होता है। इससे मसाले आसानी से मिर्च के अंदर तक मिलाए जा सकते हैं। यही अनोखापन इस मिर्च के अचार का स्वाद कई गुना तक बढ़ा देता है। बढ़ जाता है. मौसम की ठंडक के कारण भी यह अचार को लंबे समय तक खराब नहीं होता। यही कारण है कि लोग सर्दियों में बड़ी मात्रा में अचार बना कर रख लेते हैं। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में इस मिर्ची की मांग बहुत अधिक रहती है।

Lal Hari Mirchi Ka Achar: गुणवत्ता वाली मिर्च का ही बनाएं अचार
यूं तो मंडी व दुकानों में कई प्रकार की मिर्च मिल जाती है, लेकिन सबसे अधिक मांग ताजा मिर्च की रहती है। यह मिर्च मंडी में करीब 40 रुपये प्रति किलो तो तो रिटेल बाजार में 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल जाती है। साथ ही इसकी ताजगी, आकार व रंग के हिसाब से भी रेट तय होते हैं। उत्तम गुणवत्ता वाली मिर्च 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। मिर्च की कीमत आकार पर बहुत निर्भर करती है। छोटे आकार की मिर्ची कुछ सस्ती मिल रही है तो ताजा व लंबी और चमकीले रंग वाली प्रीमियम मिर्ची की मांग अधिक है। हालांकि इस मिर्च का उत्पादन अच्छा आ रहा है।
Lal Hari Mirchi Ka Achar: छाछ में डालकर बनता है पारंपरिक अचार
हालांकि मिर्च बनाने की विधि सामान्यतौर पर घरों में अलग होती है, लेकिन राजस्थान में इस मिर्च का अचार छाछ में डाल कर बनाया जाता है। इससे मिर्च का तीखापन भी चला जाता है। इसके लिए मिर्च को अच्छी प्रकार से धो कर सुखा लें।
इसके बाद करीब 4 दिन के लिए छाछ में डाल कर रख लें। इससे जहां तीखापन निकल जाएगा, वहीं प्राकृतिक रूप से खट्टापन भी आ जाएगा। इसके बाद मिर्च को लंबी काट कर टुकड़े बना कर इसमें मसाल भर दें और अचार तैयार हो गया। इस अचार में सरसों का तेल भी डाल दें। इससे अचार लंबे समय तक खराब नहीं होगा ओर मसालों के साथ मिल कर यह तेल अच्छा स्वाद भी देगा।
Lal Hari Mirchi Ka Achar : 500 ग्राम मिर्च का अचार बनाने की सामग्री
हरी लाल मिर्च – 500 ग्राम
सरसों का तेल- 1 कप
सौंफ – 50 ग्राम
राई – 1 चम्मच
हींग – 1 चुटकी
मेथी दाना – 2 चम्मच
हल्दी पिसी हुई – 2 चम्मच
नींबू का रस – 2 चम्मच
नमक – स्वादानुसार










