Oil Prices May Cheaper : भारत में तेल की कीमतें हो सकती हैं कम!

वेनेजुएला मामले के बाद बन रही स्थिति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल कीमतों पर पड़ेगा असर

Oil Prices May Cheaper : वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद बनी परिस्थिति के बाद नए साल में तेल की कीमतें कम होने की संभावना है। इसका असर सीधे तौर पर भारत में भी पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं पर पड़ने जा रहा है। यानी कि वेनेजुला संकट का असर हर किसी जेब पर पड़ेगा, क्योंकि इससे तेल सस्ता होने जा रहा है। हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएल के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद अब अमेरिका द्वारा यहां के तेल को लेकर भी योजना बनाई जा रही है।

वेनेजुएला पर हुई कार्रवाई के बाद अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यहां निकाले गए तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के संकेत दिए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें कम हो सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत कम होने से आम उपभोक्ता को भी पेट्रोल व डीजल सस्ता मिलेगा। इस बारे में एसबीआई की शोध भी सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में जून महीने तक कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। कीमतें घट कर 50 डालर प्रति बैरल तक पहुंच जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो भारत की मुद्रास्फीति, रुपये की मजबूती और आर्थिक विकास पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

Oil Prices May Cheaper : भारत में तेल की कीमतें हो सकती हैं कम!
भारत में तेल की कीमतें हो सकती हैं कम!

Oil Prices May Cheaper : ओपेक नहीं घटाएगा तेल उत्पादन

दूसरी ओर ताजा घटनाक्रम के बीच तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) ने भी संकेत दिए हैं कि तेल उत्पादन घटाने नहीं घटेगा। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता अधिक रहेगी। बेशक इसका असर पेट्रोल व डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि भारत में पेट्रोल व डीजल की खुदरा किस प्रकार की कटौती होगी या नहीं नहीं इसके बारे में कुछ खास नहीं कहा जा सकता। वहीं एसबीआई की शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि ओपेक के उत्पादन बढ़ाने के फैसले के कारण तेल की कीमतें पहले से ही दबाव में चल रही हैं।

Oil Prices May Cheaper : कीमतों में है कमी

उत्पादन में कटौती की रणनीति उलटने के बावजूद कीमतों में गिरावट जारी रहने की संभावना है। वर्तमान में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 61.17 डालर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है। पिछले महीने से 2.12 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर यह कीमत 19.83 प्रतिशत कम है। क्योंकि 2022 के जून-जुलाई महीने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 90 डालर प्रति बैरल से अधिक नहीं हुई हे। खाड़ी के क्षेत्र की अस्थिरता, सीरिया पर हमला और अब वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर कोई विशेष बदलाव नजर नहीं आया है। क्योंकि वैश्विक आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में है। अब ताजा घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला काफी तेल वैश्विक बाजार में आ सकता है।

Oil Prices May Cheaper : क्या भारत को मिलेगा फायदा?

शोध रिपोर्ट में कहा है कि भारत के आयात बास्‍केट में तेल की कीमतें सबसे बड़ा हिस्सा रहती हैं। ऐसे में आयात बिल में कमी आने का असर रुपये पर सीधे तौर पर से पड़ेगा। यदि अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपये की आधार कीमत 90.28 रुपये मान कर चलें तो कीमतों में 14 प्रतिशत की गिरावट के कारण रुपये में तीन प्रतिशत की मजबूती रहने की संभावना है। इसके कारण डालर के मुकाबले रुपया लगभग 87.5 के स्तर पर पहुंचने की संभावना है।

Oil Prices May Cheaper : 6 साल से प्रतिबंध झेल रहा वेनेजुएला

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। इसके चलते ही वेनेजुएला साल 2019 से प्रतिबंध झल रहा है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बावजूद भारत वेनेजुएला से अपनी जरूरत का करीब 10 प्रतिशत तेल वहीं से खरीद रहा है। वेनेजुएला के हैवी क्रूड को देश की पुरानी रिफाइनरियाें में काफी पंसद किया जाता है। अब फिर से यह सिलसिला फिर शुरू हो जाएगा।

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