EDFC : ईडीएफसी पर राजधानी से भी तेज गति से चली साधारण ट्रेन

छठ पूजा के लिए शकूर बस्ती रूट पर चली पहली विशेष ट्रेन

EDFC : भारतीय रेल में लगातार कई बदलाव हो रहे हैं। इनसे जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं रेलवे रूट पर ट्रेन का संचालन भी आसान व सुविधाजनक हो रहा है। इस बदलाव में अब ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारिडोर (ईडीएफसी) का नाम भी जुड़ गया है। इस रूट पर पहली ट्रेन का संचालन हो गया है। (EDFC )इतना ही नहीं इस पर चलने वाली ट्रेन की औसत स्पीड राजधानी जैसी सुपर फास्ट ट्रेन से भी अधिक रही है। ऐसे में भारतीय रेलवे के इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया है। इस रूट पर छठ पूजा के लिए विशेष ट्रेन का संचालन किया गया।

इसके तहत शकूरबस्ती रूट पर चुनार से दादरी के बीच ट्रेन चलाई गई। अब आने वाले समय में भविष्य में ट्रेन चलाने के लिए यह सुरक्षित रास्ता बन गया है। यह प्रयोग सफल होने के बाद रेलवे के पास मुख्य लाइन पर ट्रेन संचालन के साथ नया रास्ता भी तैयार हो गया है। हालांकि यह कारीडोर माल ढुलाई के लिए बना है। ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर पर बिना किसी रूकावट के ट्रेन का संचालन किया गया है। (EDFC ) इस रूट पर पहली बार ट्रेन का संचालन बुधवार को किया गया और किसी भी रूकावट के बिना ट्रेन ने आपना सफर पूरा किया। छठ पूजा पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए रेलवे द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए थे। इसके तहत फ्रेट कारीडोर के रास्ते भी छह ट्रेन चलाने की योजना बनाई गई। इसके तहत दो रेलगाड़ी गया- शकूरबस्ती और दानापुर-शकूरबस्ती रूट पर चलाई गई। अनारक्षित श्रेणी की इन ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के साथ स्लीपर श्रेणी की कुल 20-20 बोगियां लगाई गई।

Railway News : इसके तहत 28 अक्टूबर पहली ट्रेन 03641 गया-शकूरबस्ती चलाने की योजना बनाई, लेकि ट्रेन में यात्री नहीं बैठे। इसके कारण ट्रेन को नहीं चलाया गया। इसको अगले दिन फिर से चलाने की योजना बनी और दोपहर बाद 3.45 बजे यात्रियों ने इस ट्रेन में रूचि नहीं ली। हालांकि इसको करीब सवा घंटे बाद फिर से शैड्यूल कर शाम पांच बजकर एक मिनट चलाया गया। यह रात को 10.42 बजे चुनार से डीएफसी रूट पर चली। (Railway News ) देर रात डीएफसी के न्यू कानपुर रेलवे स्टेशन पर इसे रोका गया। हालांकि यहां पर कोई कामर्शियल ठहराव नहीं है। यहां ट्रेन को पानी उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। यह ट्रेन सुबह करीब आठ बजे दादरी पहुंच गई। हालांकि इसके बाद चिपियाना बुजुर्ग रेलवे स्टेशन पर फिर से मुख्य लाइन पर ही चलेगी। यह ट्रेन सुबह करीब 11 बजे शकूरबस्ती पहुंची। इसका संचालन सिर्फ एक चक्कर के लिए ही किया गया, ऐसे में ट्रेन को वापस रवाना नहीं किया गया। इस रूट पर यही एक ट्रेन संचालित की गई है।

EDFC : अन्य ट्रेन पर नहीं पड़ा असर

रेलवे अधिकारियों के अनुसार फ्रेट कारीडोर पर ट्रेन संचालन का प्रयोग सफल रहा। इस ट्रेन ने 772 किलोमीटर की यह दूरी 11 घंटे 50 मिनट में पूरी की है। इस दौरान औसतन 67 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से ट्रेन संचवालन हुआ। इससे मुख्य मार्ग पर चलने वाली नियमित रेलगाड़ियों को चलाने में भी कोई दिक्कत नहीं आई। यह सभी ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चली। पंजाब के लुधियाना से बंगाल के दानकुनी तक 1875 किलोमीटर लंबा ईडीएफसी का अत्याधुनिक कंट्रोल कमांड सेंटर प्रयागराज के सूबेदारगंज में बनाया गया है। यह एशिया का सबसे बड़ा कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। यहां से ट्रेन की लाइव लोकेशन देखी जा सकती है। चुनार से ट्रेन इंटरचेंज कर फ्रेट कारीडोर पर आती है।

Ordinary trains run faster than Rajdhani trains on EDFC
Ordinary trains run faster than Rajdhani trains on EDFC

EDFC : जानें डीएफसी के बारे में

फिलहाल देश में रेलवे के छह डेडिकेटेड फ्रेट काेरिडोर (डीएफसी) प्रस्तावित हैं। इसमें वेस्टर्न डीएफसी, ईडीएफसी, नार्थ-साउथ डीएफसी, ईस्ट-वेस्ट डीएफसी, ईस्ट कोस्ट डीएफसी व सदर्न डीएफसी शामिल हैं। इन सभी को आपस में जोड़ा जाएगा। इसमें ईडीएफसी 1875 किलोमीटर लंबा है। यह पंजाब में 88, हरियाणा में 72, उत्तर प्रदेश में 1078, बिहार में 239, झारखंड में 195 और पश्चिम बंगाल में 203 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जा चुकी है। देश में बन रहे दो कोरीडोर में से ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (ईडीएफसी) की लंबाई 1875 किलोमीटर है और इसको कंट्रोल सेंटर प्रयागराज के सूबेदारगंज में है। इस ईडीएफसी के रूट पर कोयला खदान, थर्मल पावर प्लांट, औद्योगिक शहर आते हैं। इसके अलावा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) 1504 किलोमीटर लंबा है। यह कोरीडोर मुंबई से दादरी के बीच है। इसमें हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश राज्यों का क्षेत्र आता है। इससे रेलवे मार्ग से बंदरगाहरों तक आसान पहुंच होगी और माल ढुलाई में तेजी आएगी। साथ ही जरूरत के समय यात्री ट्रेन भी चलाई जा सकती हैं।

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