Peanut Prince of Argentina : भारत से अर्जेंटीना जाकर मूंगफली के राजकुमार बने सिमरपाल सिंह

कड़ी मेहनत से पाया स्थान, आज आधी दुनिया में सप्लाई होती है इनकी मूंगफली

Peanut Prince of Argentina : भारतीय मूल का यह सिख आज विश्व भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कारण है उनकी मेहनत और इसके साथ बनाई गई पहचान। सिमरपाल सिंह अर्जेंटीना में मूंगफली का उत्पादन करते हैं और आधी दुनिया में उनकी मूंगफली सप्लाई होती है। यही कारण है कि उनको आज विश्व भर में अर्जेंटीना के मूंगफली राजकुमार के नाम से पहचान मिली हुई है। इससे हर भारतीय भी गर्व महसूस कर रहा है।

मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में जन्मे सिमरपाल सिंह आज वैश्विक पहचान बना चुके हैं। उनका शुरूआती जीवन आम बच्चे की तरह ही रहा, लेकिन अब हर कोई उनको जानता है। बचपन में सिमरपाल सिंह को फुटबाल का बहुत शौक रहा, लेकिन वे फुटबाल नहीं मूंगफली के सरताज बने। हालांकि इस उपलब्धी पर सिमरपाल सिंह स्वयं कहते हैं, उनको भी नहीं पता था कि जिंदगी उन्हें इस मोड़ पर ले जाएगी।

हालांकि बचपन खेत-खलिहानों से जुड़ा रहा, इसका असर उनके जीवन पर भी रहा। आज पूरी दुनिया उनको Peanut Prince of Argentina के नाम से जानती है। सिमरपाल सिंह ने दूसरे देश में जाकर अपनी पहचान बनाई है। बचपन में सिमरपाल सिंह टीवी पर माराडोना को खेलते हुए देखते थे। वे फुटबाल की दुनिया में तो अपना नाम नहीं कमा पाए, लेकिन मूंगफली की खेती में ऐसा काम किया कि आज उनका नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। Peanut Prince of Argentina का नाम मिलना इतना भी आसान नहीं रहा। इसके लिए काफी संघर्ष लगा। यह सब करते हुए सिमरपाल सिंह ने सफलता की ऐसी इबारत लिखी की हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है।

सिमरपाल सिंह की शुरूआती पढ़ाई दुर्गापुर स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से B.Sc Agriculture में स्नातक किया और IRMA, आनंद से प्रबंधन की पढ़ाई की। यही से उनको कृषि विकास के बारे में सही समझ मिली। NDDB और अमूल में काम करते हुए उनका जुड़ाव ओलम इंटरनेशनल से हुआ और अफ्रीका में कार्यभार संभाल लिया। यहां काम करते हुए सिमरपाल सिंह की वैश्वविक पहचान की यात्रा शुरू हुई। वे आइवरी कोस्ट, घाना होते हुए आखिरकार अर्जेंटीना पहुंच गए।

Peanut Prince of Argentina : भारतीय राजदूत ने दिया नाम

सिमरपाल सिंह को Peanut Prince of Argentina का नाम मिलने में बहुत संघर्ष लगा। उन्होंने अर्जेंटीना में खेती करते हुए
इस काम को इतना बढ़ाया कि वे 39,000 हेक्टेयर की खेती करने लगे। यहां पर सोयाबीन, मक्का, अलुबियास, चावल जैसी फसलों की पैदावार लेते रहे। उन्होंने चार बड़े प्रोसेसिंग प्लांट लगाए कुछ ही समय में ओलम अर्जेंटीना के शीर्ष 7 पीनट प्लेयर्स में शामिल हो गए। तब भारत के राजदूत रंगराज विश्वनाथन ने उन्हें Peanut Prince of Argentina का नाम दिया।

भारत से अर्जेंटीना जाकर मूंगफली के राजकुमार बने सिमरपाल सिंह
भारत से अर्जेंटीना जाकर मूंगफली के राजकुमार बने सिमरपाल सिंह

Peanut Prince of Argentina : जोखिम भरे आइडिया से शुरूआत

ऐसा नहीं है कि सिमरपाल सिंह को अर्जेंटीना में जाते ही सब कुछ पहले से ही तैयार मिल गया। वे जिस ओलम से जुड़ कर वहां पहुंचे, वह एक ट्रेडर कंपनी थी। अर्जेंटीना में किसानों और खरीदारों के बीच बहुत पुराने संबंध थे। ऐसे में बाहरी कंपनी के लिए यहां काम करना असान नहीं था। ऐसे में उन्होंने जोखिम भरी राह चुनी और मन बनाया कि जब खरीदना मुशकिल है तो स्वयं ही उगाओ। हालांकि ओलम ने कभी बड़े स्तर पर कृषि नहीं की थी, लेकिन तब सिमरपाल सिंह की अगुवाई में 700 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर काम शुरू किया। कुछ ही वर्षों में यह काम 3900 हेक्टेयर तक पहुंच गया।

Peanut Prince of Argentina : माराडोना के देश में ही पहचान बनाई

सिमरपाल सिंह बेसक साधारण सिख परिवार से आते हैं, लेकिन फुटबाल में उनकी दिलचस्पी काफी गहरी रही। वे आईआईटी में भी जाना चाहते थे, लेकिन शायद किस्मत को यह मंजूर नहीं था। वे माराडोना को टीवी पर देखते थे, लेकिन किस्मत ने ऐसा पासा फैंका कि वे उसी माराडोना के देश अर्जेंटीना में रहते हुए ही विश्व प्रसिद्ध हो गए। जिस प्रकार माराडोना विश्व भर में प्रसिद्ध हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button