Salt Affecting health : स्वास्थ्य पर क्या असर डाल रहा है आपका नमक
शरीर के लिए अमृत है सेंधा नमक, समुंद्री नमक की जगह ले रहा राक साल्ट
Salt Affecting health : जब भी हम कोई खाना खाते हैं, इसमें नमक का विशेष स्थान होता है। मुख्य रूप से हम अपने खाने में समुंद्री नमक ही प्रयोग करते हैं, लेकिन अब धीरे -धीरे इसकी जगह सेंधा नमक यानि राक साल्ट ले रहा है। बिना नमक के भारतीय खाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वहीं समुंद्री या सामान्य नमक अब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। इसलिए लोग राक साल्ट या सेंधा नमक को प्रयोग करने लगे हैं। सेंध नमक शरीर के लिए प्राकृतिक रूप से Alkalizer माना जाता है।
हालांकि एक समय में लोग पूरी तरह से सेंधा नमक का ही प्रयोग करते थे, लेकिन विदेशी प्रचार व बाजार की रणनीति के कारण यह नमक पूरी तरह से भारतीय बाजार से गायब होता गया। अब फिर से सेंधा नमक का प्रयोग बड़े स्तर पर बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलहाल नमक का बाजार 36.10 बिलियन अमेरिकी डालर आंका जाता है। वहीं वर्ष 2033 तक यह बाजार 58 बिलियन अमेरिकी डालर तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में नमक का बाजार बहुत बड़ा है।
दरअसल समुंदी नमक को खारे पानी से बनाया जाता है। वहीं सेंध नमक को बनाया नहीं जाता। यह प्राकृतिक रूप से बना हुआ होता है। सेंध नमक के पहाड़ होते हैं। यहां से बड़े बड़े टुकड़़ों में इसको निकाल कर बाजार में लाया जाता है। इसमें कई प्रकार के प्राकृतिक तत्व भी होते हैं। इसलिए यह स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभदायक माना जाता है। आजकल इसका प्रचलन बढ़ रहा है। खनीज नमक को भारतीय उपमहाद्वीप में सेंधा नमक व लाहोरी नमक जैसे नामों से पहचाना जाता है। इसका अर्थ भी यही है कि यह नमक सिंध क्षेत्र से आया हुआ है।

Salt Affecting health : दिल का भाता है सेंधा नमक
पिछले कुछ दशकों में हृदय संबंधित बीमारियां काफी बढ़ी हैं। इसके बाद से सेंध नमक का प्रचालन बढ़ा है। सेंध नमक दिल के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। साथ ही यह नमक मानव शरीर में पाचन बढ़ाने के लिए भी काफी असरदार होता है। यह नमक शीतल प्रकृति वाला हाता है। इसके प्रयोग से शरीर में प्राकृतिक रूप से पाचक रस बनते व बढ़ते हैं। भारतीय परपंराओं में व्रत या पूजा के दौरान सेंध नमक के प्रयोग की ही मान्यता है।
Salt Affecting health : वैश्विकरण से भारतीय बाजार में नमक बदला
भारतीय बाजार में समुंद्री नमक बहुत पुराना नहीं है। हालांकि खाद्य के अन्य प्रयोग में समुंद्री नमक का प्रयोग होता रहा है। वैश्विकरण के दौर में कई विदेशी कंपनियों द्वारा नमक बेचना शुरू किया गया। इसके बाद भारतीय बाजार में खाद्य पदार्थों में समुंद्री नमक का प्रयोग बढ़ने लगा। शरीर के लिए आयोडीन जरूरी बताते हुए समुंद्री नमक का प्रचार शुरू किया गया। आयोडीन नमक के नाम पर बाजार में मोटा लाभ कमाया गया।
Salt Affecting health : 56 देशों में बैन है आयोडीन युक्त नमक
बेशक आयोडीन युक्त नमक के नाम पर भारत में प्रचार किया गया, लेकिन अमेरिका व फ्रांस जैसे विश्व के 56 देशों में आयोडीन नमक पर प्रतिबंध है। करीब 45 साल पहले अमेरिका में इस पर बैन कर दिया गया था। वैज्ञानिकों ने पाया कि आयोडीन नमक के कारण नपुंस्कता बढ़ती है। इसके बावजूद हमारे देश में आयोडीन नमक का बाजार बहुत बड़ा है।
Salt Affecting health : सेंधा नमक प्रयोग के लाभ
सेंध नमक क्योंकि प्राकृतिक नमक होता है। ऐसे में इसके लीाभ भी काफी हैं। सेंध नमक के प्रयोग ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है। सेंध नमक अम्लीय नहीं, क्षारीय होता है। ऐसे में मानव शरीर में 48 प्रकार की बीमारियों पर यह असर डालता है। सेंध नमक शरीर में पूरी तरह घुलनशील होता है। इस लिए यह शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। शरीर में यह 97 पोषक तत्वों को पूरा करता है। इससे अधरंग जैसी बीमारी भी दूर रहती है। सेंध नमक में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे तत्व दिल स्वस्थ रखते हैं।
Salt Affecting health : समुंद्री नमक से शरीर में प्रभाव
मानव द्वारा निर्मित समुंद्री नमक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। कंपनियों द्वारा समुंद्री नमक में आओडीन मिलाया जाता है। इससे समुंद्री नमक की प्रकृति और भी अधिक हानिकारक हो जाती है।
इसके कारण ही लोगों में गंभीर बीमारियां अधिक तेजी बढ़ती हैं। इसके कारण रक्तचाप जैसी बीमारी आती हैं। शोधित नमक में 98 प्रतिशत तक सोडियम क्लोराइड है। यह शरीर में जाकर घुलता नही है।










