pollution : प्रदूषण के चलते हरियाणा में पांचवीं तक के स्कूलों की छुट़्टी
जींद के डीसी ने भी जारी किए आदेश, स्कूल खुले तो होगी कार्रवाई
pollution : दिल्ली सहित एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हालात यह है कि दिल्ली एनसीआर में लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। इसके चलते हालांकि प्रशासन धान की पराली नहीं जलाने को लेकर किसानों को जागरूक करने के साथ कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन परिणाम नहीं आ रहे हैं। अब हरियाणा सरकार ने एनसीआर में पांचवीं तक के स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है।
Air pollution : दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता का स्तर एक्यूआई 400 तक पहुंच गया है। ऐसे में लोगों को काफी गंभीर परिणाम आ रहे हैं। लगातार सांस के मरीजों के साथ अन्य लोगों को आंखों में भी जलन हो रही है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में हरियणा में पराली जलाने के मामले भी काफी बढ़े हैं। हालांकि प्रशासन की सख्ती का असर दिख रहा है, लेकिन पराली जलनी बंद नहीं हुई है। छोटे बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार ने पांचवीं तक के स्कूलों की छुट़्टी करने का फैसला लिया है। प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP)
– 3 लागू किया जा चुका है। इसके बावजूद भी प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है।

pollution : शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र
स्कूलों की छुट्टी को लेकर हरियाणा प्रदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा आदेश का पत्र जारी किया है। साथ सभी जिला के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस पर जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने जिला में यह आदेश लागू करने का पत्र जारी कर दिया है। इसके तहत पांचवीं तक की कक्षाएं फीजिकल रूप से नहीं लगेंगी। हालांकि स्कूल आनलाइन कक्षाएं आयोजित कर सकते हैं। साथ ही प्रशासन इन आदेशों का पालन पूरी तरह से करवाने को भी सुनिश्चित करने में लगा है।
pollution : डीसी करेंगे ब्लाक स्तर की रिपोर्ट तैयार
इस मामले में डीसी सिर्फ अपनी ओर पत्र जारी कर फ्री नहीं हो जाएंगे। इसके लिए उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि आदेश पूरी तरह से लागू हों। इसके चलते डीसी पूरे जिला की ब्लाक स्तर तक की रिपोर्ट तैयार करेंगे। सभी खंडों से वायु गुणवत्ता की स्थिति का डेटा एकत्रित करना होगा। इसके आधार पर ही रिपोर्ट तैयार होगी।
pollution : स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वातावरण में स्माग के साथ धूल और जहरीली गैस फैली हुई हैं। इससे हर वर्ग का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। वहीं बच्चों के फेफड़ों पर गंभीर असर आने का खतरा रहता है। इसके चलते ही सरकार ने स्कूल बंद करने का फैसला लिया है।

pollution : तीन जिलों के उपायुक्तों को नोटिस जारी
लगातार बढ़ते प्रदूषण के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा सख्ती की जा रही है। आयोग ने जींद, फतेहाबाद और हिसार जिलों के उपायुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनका जवाब 17 नवंबर तक देना होगा। इन जिलों में पराली जलने की घटनाएं अधिक हुई हैं। वहीं हरियाणा के सिरसा जिला में 2 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। डीसी का नोटिस निकलने के बाद अधिकारी सख्ती में आए हैं। जींद जिला की बात करें तो डीसी द्वारा उपमंडल स्तर के अधिकारियों के भी नोटिस निकाले गए हैं। जींद जिला के प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार वीरवार को 30 से अधिक कर्मचारियों को जिला उपायुक्त द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें उनके क्षेत्र में पराली जलने पर रोक नहीं लगने को लेकर जवाब मांगा गया है।
pollution : आगामी आदेशों तक पांचवीं तक कक्षाएं नहीं लगाएं
जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक अत्यंत गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में पांचवीं तक फिजिकल कक्षाएं आगामी आदेशों तक स्थगित रहेंगी। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जींद से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 12 नवंबर को जिला जींद का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 418 दर्ज किया गया। यह अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के हित में पांचवीं तक के स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। जिला के सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों की फिजिकल (आफलाइन) कक्षाएं 13 नवंबर से आगामी आदेशों तक स्थगित रहेंगी।










