Success Story : हरियाणा का छोरा बना वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर, 42वां रैंक आया तो भर्ती के लिए तोड़ा 18 किलोग्राम वजन
Success Story : हरियाणा का छोरा आलोक बड़ेसरा वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बना है। आलोक का जब देश भर में 42वां रैंक आया तो उसने भर्ती के लिए अपना 18 किलोग्राम तक वजन कम कर डाला, क्योंकि हाईट के अनुसार ही वजन होना चाहिए था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आलोक में सेना भर्ती को लेकर कितना जुनून था। इंडियन एयरफोर्स की परीक्षा काफी कठीन मानी जाती है।
हरियाणा के नारनौल में गांव गहली निवासी आलोक ने आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई नारनौल से की। उसके बाद दसवीं कक्षा रेफल्स इंटरनेशनल स्कूल बहरोड़ से और बारहवीं की पढ़ाई स्वामी केशवानंद शिक्षण संस्थान सीकर से पूरी की।आलोक के पिता हरियाणा पुलिस में ASI के पद पर हैं तो दादा रेलवे मंत्रालय से रिटायर्ड हैं। आलोक की माता अंशुबाला गृहिणी हैं। आलोक (Success Story) की बहन गरिमा अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं।

Success Story : आलोक ने कर रख्मी है केनिकल इंजीनियरिंग में बी टैक की डिग्री
आलोक का मन या सपना बेसक देश सेवा का था लेकिन आलोक ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री जून 2025 में प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 5 माह तक एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम किया। इससे पहले फरवरी में वायुसेना की परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हुआ और इसके बाद अगस्त में इंटरव्यू क्लियर किया। इसके बाद मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने पर उनका चयन फ्लाइंग ब्रांच में फ्लाइंग ऑफिसर पद के लिए हुआ। अब वे वायुसेना में पायलट के रूप में देश सेवा करेंगे।
आलोक ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उसी दिशा में निरंतर प्रयास किया जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। गांव में चर्चा है कि गहली के उत्तम सिंह बड़ेसरा का पौता आलोक बड़ेसरा वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बना है। आलोक ने अपनी जिद के आगे नियमों को पूरा करने के लिए अपना वजन 94 किलोग्राम से 76 किलोग्राम करना पड़ा।
दरअसल हाइट के अनुसार ही वजन होना चाहिए, इसलिए आलोक को 18 किलोग्राम वजन कम करना पड़ा। आलोक ने देश सेवा का सपना संजोया और कड़ी मेहनत के बूते इसे हासिल कर अपना सपना पूरा किया। आलोक बड़ेसरा की सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।










