SCIATICA Pain : लहसून की 4 कलियां दिलवाएंगी साइटिका पेन से राहत
यह देसी रैमेडी है साइटिका दर्द में कमाल का इलाज
SCIATICA Pain : बदलती जीवनशैली में SCIATICA पेन एक आम बात हो गई है। यह समस्या होने पर लोग महंगे-महंगे इलाज करवाते हैं, लेकिन राहत नहीं मिल पाती। बात आपरेशन तक पहुंच जाती है और यह पूरे शरीर को स्थित बना देती है, जबकि इसका इलाज देसी रैमेडी में छिपा हुआ है। इस रैमेडी के प्रयोग से आसानी से साइटिका के दर्द से राहत पाई जा सकती है। आजकल लोग इस प्रकार के दर्द से काफी परेशान है।
आज के दौर में साइटिका की समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। sciatica का दर्द कमर से शुरू होता है और कुल्हे से होते हुए पैर तक जाता है। इससे असहनीय पीड़ा होती है। साइटिका सी पीड़ित व्यक्ति की जान पर बन आती है। साइटिका कुल्हे से से शुरू होती है और पैर के पीछे वाले हिस्से से गुजर कर पैर की एडी तक पहुंच कर समाप्त होती है। (sciatica Pain) इसका ऊपर वाला हिस्सा करीब 1 ईंच मोटा होता है। शरीर की एक नस या नाडी है। इसको ही अंग्रेजी में साइटिका नस कहा जाता है। साइटिका का दर्द जब होता है, तब इसमकें सूजन या खींचाव होता है। साइटिका में दर्द होने पर बहुत गंभीर पीड़ा होती है। इससे होने वाले दर्द को साइटिका पेन कहा जाता है।
साइटिका पेन होने के कारण यह कभी हो सकता है। अचानक असहनीय दर्द होने पर बहुत तकलीफ होती है। आमतौर पर बढ़्ती उम्र के साथ इसके प्रभाव भी बढ़ते जाते हैं। नस में आए खींचाव या सूजन के कारण एक समय पर एक ही पैर में दर्द होता है। चुभन के साथ होने वाले दर्द से व्यक्ति चलना तो दूर खड़ भी नहीं हो पाता। (sciatica Pain) आमतौर पर जब सर्दी का मौसम शुरू होता है तो यह दर्द भी उभरने लगता है। सर्दी बढ़ने के साथ दर्द बढ़्ऱ जाता है। इससे मरीज को चलने में असमर्थता रहती है। यहां तक की सोते या बैठते हुए भी पैर की नस खींची रहती है। इसके कारण तेज दर्द होता है।

SCIATICA Pain : यह है मुख्य कारण
यूं तो साइटिका पेन के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ठंड लगने, अधिक पैदल चलने, कब्ज, महिलाओं में गर्भ के दौरान या रीढ़ की हड्डी में दिक्कत होने से यह दर्द हो सकता है। (sciatica Pain) इसका कारण किसी नस के सामान्य कार्य में रूकावट के कारण होता है। हालांकि नसों की सूजन के कारण भी दर्द हो सकता है।
sciatica pain : ऐसे करें इलाज
इसके लिए चार लहसून की कलियां व 200 ग्राम दूध की जरूरत होती है। यह सामान घर में ही आसानी से मिल जाता है। सबसे पहले लहसुन की कलियें को काट कार दूध में डाल लें। इसके बाद इसको सामान्य आंच पर रख कर कुछ देर तक दूध को उबाल लें। लहसून को स्वाद व गंध तीखी होती है। इलिए शहद डाल कर मीठा किया जा सकता है। इसका नियमित सेवन करने से साइटिका दर्द समाप्त हो जाता है। (sciatica Pain) घी, मैदा लकड़ी, आमा हल्दी, मिश्री सब चीजें 10 – 10 ग्राम को अच्छी प्रकार से पीस कर पाउडर बना लें। इसको 250 ग्राम दूध व पानी में मिलाकर उबाल लें। पानी जला लें और छानकर गरम रैमेडी का ही सेवन करें। इसके बाद कपड़ा ओढ़ कर लेट जाएं। इससे पसीना आएगा। ध्यान रहे की पसीना ओन पर हवा नहीं लगने दें। अंदर ही पसने को पकड़े से पौंछते रहें। दिन में तीन बार यह उपाय करें। इसके अलावा साइटिका दर्द में एरण्ड के 5 के बीज लेकर इनको पीस लें और दूध में मिलाकर सेवन करें। यह भी साइटिका दर्द में काफी राहत देता है। साइटिका दर्द से राहत पाने के लिए एक चम्मच अदरक का रस ले लें। इसमें आधा चम्मच असली घी मिला कर सेवन किया जाए। सभी प्रकार की रैमेडी बनाते समय मात्रा व गुण का ध्यान जरूर रखें। इससे इलाज में आसानी रहती है।










