Board Exam With Oxygen : निमोनिया से ग्रस्त छात्रा आक्सीजन स्पोर्ट के साथ स्ट्रेचर पर पहुंची परीक्षा देने

बेटी के हौसले के आगे हर कोई झुका, परीक्षा के लिए हुई अतिरिक्त व्यवस्थाएं, 1 घंटा ज्यादा समय भी मिला

Board Exam With Oxygen :  कहते हैं कि उड़ने के लिए पंख नहीं हौसला होना चाहिए। हौसलों से हर सफलता पाई जा सकती है। ऐसा ही मामला आया है चंडीगढ़ से। यहां सीबीएसई की परीक्षा के दौरान 1 छात्रा स्ट्रेचर पर परीक्षा देने पहुंची। वह भी आक्सीजन स्पोर्ट के साथ। छात्रा ने न सिर्फ परीक्षा दी, उसके लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की गई। छात्रा की हालत को देखते हुए परीक्षा के लिए भी 1 घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया।

यह कहानी है 12वीं कक्षा की छात्रा चंडीगढ़ के सेक्टर 5 निवासी 17 वर्षीय छात्रा कनिष्का बिष्ट की। कनिष्का बिष्ट ने अपनी बीमारी को खुद के हौसलों पर भारी नहीं पड़ने दिया। परीक्षा दे कर उन्होंने ऐसे लोगों को भी रास्ता दिखाने का काम किया है, जो जरा सी परेशानी होने पर खुद को लाचार मानते हुए हार स्वीकार करने लगते हैं। अब हर ओर कनिष्का के इस हौसले भरे कदम की तारीफ हो रही है। हालांकि कनिष्का की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे आराम करने को कहा था। लेकिन कनिष्का ने अपने पिता के समक्ष परीक्षा देने की इच्छा जताई तो परिवार के लोगों ने भी इसमें मदद की।

परिजनों ने बताया कि 17 वर्षीय कनिष्का बिष्ट बचपन से ही दिव्यांग है। उन्होंने दिव्यांगता को भी कभी अपने ऊपर भारी नहीं पड़ने दिया। लेकिन वे पिछले करीब एक महीने से गंभीर निमोनिया से जूझ रही हैं। इसके कारण कनिष्का बिष्ट का इलाज चल रहा है और उनको आक्सीन दिया जा रहा है। ऐसे में परीक्षा के दिन छात्रा को एंबुलेंस से परीक्षा केंद्र तक लाया गया। इस दौरान उनकी निगरानी के लिए चिकित्सक भी साथ रहे। बता दें कनिष्का का परीक्षा केंद्र मनीमाजरा में है और उन्होंने वहीं पहुंच कर12वीं कक्षा की परीक्षा दी भी।

10 दिन तक रही बेहोश

कनिष्का के पिता प्रेम सिंह ने बताया कि कनिष्का करीब 10 दिन तक बेहोश भी रही है। इसके बावजूद उसने परीक्षा दी है।
हालांकि परिवार को भी उसके स्वास्थ्य की चिंता है, लेकिन बेटी के हौसले ने परिवार के लोगों भी प्रेरित किया है। क्योंकि कनिष्का को पहले ठंड लगी थी। इसके बाद वह निमोनिया की शिकार हो गई।

ऐसे में चिकित्सकों ने उसको आईसीयू में भी रखा और 10 दिन वह बेहाश भी रही है। प्रेम सिंह कहते हैं कि ऐसी हिम्मत वाली बेटी पर उनको फक्र है। साथ ही चिकित्सकों की टीम ने भी पूरा सहयोग दिया। अस्पताल से कनिष्का को एंबुलेंस से ही परीक्षा केंद्र ले जाना पड़ा और चिकित्सकों को साथ रहना पड़ा। बेटी हौसले को देखते हुए अस्पताल ने भी खास प्रबंध किया। अब देश भर में कनिष्का के हौसले की चर्चा हो रही है।

13 दिन से आईसीयू में है कनिष्का

चिकित्सकों ने बताया कि कनिष्का की हालत काफी खराब है। वह पिछले 13 दिन से आईसीयू में भर्ती हैं और यहां उसका इलाज किया जा रहा है। कनिष्का को आक्सीजन की स्पोर्ट पर रखा जा रहा है। हालांकि इससे पहले वह वेंटिलेटर पर थी, लेकिन दो-तीन दिन पहले ही वेंटिलेटर हटाया गया है। ऐसे में कनिष्का को स्ट्रेचर पर ही परीक्षा केंद्र लाना पड़ा। चिकित्सकों ने ही उसे परीक्षा हाल तक पहुंचाया।

फिजिक्स की परीक्षा दी

कनिष्का चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित खालसा स्कूल की छात्रा है और शुक्रवार को उसकी फिजिक्स की परीक्षा थी। परिवार के लोगों ने बताया कि कनिष्का की हालत को देखते हुए उसके 1 घंटा अतिरिक्त समय भी परीक्षा के लिए मिला है। सीबीएसई ने कनिष्का के हौसले को देखते हुए यह फैसला लिया है। कनिष्का द्वारा इस हालत में परीक्षा देने पर उसके स्कूल ही नहीं, देश भर में लोग उसके हौसले की सराहना कर रहे हैं। हालांकि अब कनिष्का के स्वास्थ्य में कुछ सुधार है।

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