Weather Update समय से पहले आएगी ठंड 6 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

पहाड़ों में बर्फबारी का मैदानी इलाकों में असर

Weather Update : पहाड़ी इलाकों में समय से पहले बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड ने दस्तक दे दी है। हालांकि फिलहाल रात को ही तापमान में गिरावट देखी जा रही है लेकिन आगामी कुछ दिनों में गुलाबी ठंड शुरू हो जाएगी। बता दें कि दक्षिण भारत के 5 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग द्वारा जारी की गई है तो वहीं उत्तर भारत में हरियाण, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है लेकिन हल्की ठंड आगामी कुछ दिनों में महसूस की जाने लगेगी।

IMD के अनुसार अरब सागर पर दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है, जो चक्रवात (Cyclonic Circulation) का रूप ले सकता है। अगर यह साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना तो कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए और भी मजबूत होगा। इससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के दक्षिणी हिस्से, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु में बारिश होगी।

वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 30 अक्तूबर तक बादलों की आवाजाही जारी रहने से कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी भी देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड में अगले दो दिन तक बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। संभावना है कि पहाड़ी राज्यों में तापमान और गिरेगा।

हरियाणा और दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम
हरियाणा और दिल्ली में फिलहाल तापमान स्थिर बना हुआ है। रात का तापमान जरूर गिर रहा है लेकिन दिन में गर्मी ही महसूस की जा रही है। दिवाली के बाद ठंड बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं, क्योंकि इस बार मानसून के सीजन में औसत से ज्यादा बारिश हुई और इसका असर अब सर्दी के मौसम में भी देखने को मिलेगा। कुछ दिन तक ठंड के साथ दिल्ली की खराब हवा (AQI) भी परेशानी का सबब बन सकती है।

यूपी-बिहार में बारिश के आसार नहीं
उत्तर प्रदेश में 20 अक्तूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। खासकर पश्चिमी और मध्य यूपी में न्यूयनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक कम होने का अनुमान है। यहां बारिश की संभावना नहीं है। इसके अलावा बिहार में भी मौसम विभाग ने बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। दीवाली तक मौसम साफ रहने की संभावना है।

हरियाणा व पंजाब में धान की कटाई होने के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगी है। हालांकि इस बार सरकार द्वारा धान की पराली जलाने पर काफी सख्ती की गई है, लेकिन धान की पराली जलनी शुरू हो गई है। ऐसे में हवा की गुणवत्ता और भी खराब होने लगी है। ऐसे में वर्षा होने पर प्रदूषण का स्तर घटेगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही ठंड भी अधिक बढ़ जाएगी।

 

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