Delhi Pollution : दिल्ली में पेट्रोल- डीजल लेना है तो साथ रखें यह डाक्यूमेंट
बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, प्रभावित निर्माण मजदूरों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपये
Delhi Pollution : बढ़ते प्रदूषण से हांफ रही दिल्ली को राहत दिलवाने के लिए सरकार द्वारा बड़े फैसले लिए गए हैं। इससे सरकार दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से राहत दिलवाने के लिए योजना बना रही है। हालांकि दिल्ली में ग्रेप – 4 लागू किया जा चुका है। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। ऐसे में अब दिल्ली में पेट्रोल व डीजल लेने वाले वाहनों के लिए भी नया नियम बनाया गया है। इसके यदि आप दिल्ली में पेट्रोल या डीजल लेते हैं तो आपको कुछ डाक्यूमेंट साथ रखने होंगे।
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बहुत ही खराब स्थिति में है। गहरे स्माग के बीच विजिबिलिटी बहुत कम है। AQI बढ़ने से दिल्ली के लोगों की जान पर बन आई है। ( Delhi AQI) प्रदूषण की समस्या को जूझ रहे दिल्ली के लोगों को राहत देने के लिए सरकार अब नया रोडमैप तैयार किया है। सरकार के इन कदमों का असर वाहन चालकों पर सीधा पड़ने जा रहा है।
Delhi Pollution : तेल लेना है तो चाहिए प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र
सरकार द्वारा बनाए गए नए नियमों के अनुसार अब यदि दिल्ली में किसी वाहन को पेट्रोल या डीजल लेना है तो उसको वैलिड प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र की जरूरी पड़ेगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि यह व्यवस्था 18 दिसंबर लागू हो जाएगी। (Delhi Pollution) इसके तहत जिन वाहनों के पास वैध पाल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इस नियम को सरकार पूरी सख्ती से लागू करने का प्रबंध कर रही है। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर कैमरा-बेस्ड मानिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया जाएगा। यह व्यवस्था नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए है।
Delhi Pollution : GRAP-IV लागू
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए GRAP-IV (Graded Response Action Plan) लागू किया गया है। इसके तहत ही नई पाबंदियां लगाई गई हैं। GRAP-IV ऐसी स्थिति में लागू किया जाता है, जब है हवा की गुणवत्ता बहुत अधिक खराब स्थिति में पहुंच जाती है। इसके तहत दिल्ली सरकार ने जरूरी सेवा को छोड़ कर ऐसे वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है, जो दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड हैं। (Delhi news)यह रोक सिर्फ ट्रक और कमर्शियल वाहनों पर लगाई गई है। इसके अलावा सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है।

AQI में मामूली सुधार
हालांकि सरकार द्वारा लागू की गई पाबंदियों का असर प्रदूषण के स्तर पर दिख है, लेकिन यह बहुत ही मामूली है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि AQI में हल्का सुधार दर्ज किया गया है। एक्यूआई जहां परहले 380 था, वहीं अब यह 360 के आसपास है। यह भी बहुत ही खराब श्रेणी में आता है। (https://airquality.cpcb.gov.in/AQI_India/) हालांकि दिल्ली में एक्यूआई का स्तर 498 तक पहुंच गया था, जो गंभीर श्रेणी में आता है। बेशक प्रदूषण से कुछ राहत मिली है, लेकिन यह राहत नहीं है।
Delhi Pollution : सरकार ने की सख्ती
दिल्ली की दम घोंटू हवा को साफ करने के लिए सरकार ने इससे निपटे पर काम शुरू किया है। इसके तहत
लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई करीब 15 मीटर तक कम का फैसला लिया गया है। वहीं 8000 औद्योगिक इकाइयों पर सख्त निगरानी की जा रही है। प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्री पर सरकार द्वारा 9 करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया है। लकड़ी जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 10000 हीटरों का वितरण किया गया है। इसके अलावा बैंकेट हाल में DJ के प्रयोग पर भी नियंत्रण किया गया है। इसके अलावा 3427 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती हुई है।
Delhi Pollution : मजदूरों को मिलेंगे 10 हजार रुपये
दिल्ली में ग्रेप – 4 लागू होने का असर निर्माण कार्यों पर भी पड़ा है। इससे मजदूरों पर रोजगार का संकट है। इसको देखते हुए सरकार ने मजदूरों को 10-10 हजार रुपये देने का फैसला लिया है। मजदूरों को मुआवजा देने के साथ ही 50 प्रतिशत कर्मचारियों को फ्राम होम की घोषणा की गई है। यह व्यवस्था भी 18 दिसंबर से लागू हो जाएगी।










