Windows 10 यदि आप Windows 10 यूजर हैं तो तुरंत बदल लें यह सेटिंग

खामियां पाए जाने पर किया चेंज

यदि आप अपने लैपटाप व कंप्यूटर में विंडो (Windows) 10 यूजर हैं तो तुरंत अपने सिस्टम में यह बदलाव कर लें। कुछ खामियां पाए जाने पर Windows 10 निर्माता कंपनी माइक्रोसाफ्ट ने इसमें चेंज किया है। विश्व भर में आज के दिन करोड़ों लैपटाप और कंप्यूटर माइक्रोसाफ्ट के विंडोज आपरेटिंग सिस्टम पर ही चलते हैं।
अब कंपनी माइक्रोसाफ्ट ने अपने पुराने आपरेटिंग सिस्टम Windows 10 को चलाने के लिए तैयार सपोर्ट और सर्विसिंग बंद करने का फैसला कर लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 14 अक्टूबर से यह सपोर्ट बंद किया गया है। माइक्रोसाफ्ट के इस फैसले से Windows 10 के आधार पर चलने वाले करोड़ों कंप्यूटर सिस्टम पर असमंजस बना हुआ है।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार Windows 10 प्रयोग करने वालों आगे से मोइक्रोसाफ्ट कंपनी की ओर से इसकी अपडेट या सुरक्षा के लिए नई अपडेट नहीं मिल पाएगी। साथ ही माइक्रोसाफ्ट कंपनी अब इसके लिए तकनीकी सहायता आगे नहीं देगा। कंप्यूटर व लैपटाप में विंडोज आपरेटिंग सिस्टम सबसे अधिक पहुंच वाला रहा है। दशकों तक करोड़ों लोग इसका प्रयोग कर रहे हैं। अब इसकी जगह पर विंडोज 11 प्रयोग में लाया जा सकता है।

हैकिंग की चुनौती

नए बदलाव का मुख्य कारण सुरक्षा है। अभी तक मिल रही सुरक्षा अपडेट के कारण लैपटाप या कंप्यूटर इसमें आने वाले वायरस और हैकिंग के खतरे से पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाता है। अब यह स्पोर्ट बंद करने का फैसला लिया गया है। इससे Windows 10 प्रयोगकर्तताओं के पास इससे बचने का कोई भी सहारा नहीं रहेगा। ऐसे में कभी भी वायरस या हैकिंग का शिकार बन सकते हैं।

Google Chrome यूजर्स को भी रहें सतर्क

Windows 10 में बदलाव के साथ ही गुगल करोम या मोजिला फायरफोक्स जैसे ब्राउजर प्रयोग करने वालों को भी सतर्क रहना होगा। इसके चलते देश की CERT-In एजेंसी द्वारा गुगल करोम व मोजिला फायरफोक्स ब्राउजर प्रयोग करने वालों के लिए एक हाई-रिस्क सुरक्षा अलर्ट जारी है। एजेंसी का कहना है कि यह दोनों ब्राउजर के पुराने वरजन में कई खतरनाक कमियां सामने आई हैं। इनका फायदा उठाकर सुरक्षा में सेंध लगाने वाले हैकर आपके कंप्यूटर से डेटा चोरी कर सकते हैं। या फिर आपके कंप्यूटर में मालवेयर चला कर सुरक्षित समझे जाने वाले डाटा को चोरी किया जा सकता है। सरकार ने ऐसे प्रयोगकर्ताओं को अपने कंप्यूटर के ब्राउजर अपडेट करने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

क्या है मालवेयर

कंप्यूटर से डाटा चोरी करने के लिए प्रयोग किया जाने वाला यह विशेष साफ्टवेयर है। मालवेयर
दुर्भावनापूर्ण साफटवेयर कहा जाता है। साइबर अपराधियों द्वारा इसका प्रयोग कंप्यूटर से डाटा चोरी करने के साथ कंप्यूटर और लैपटाप को हानि पहुंचाने या खराब करने के लिए किया जाता है। ऐसे साफ्टवेयर विशेषतौर पर इसी काम के लिए विकसित किए जाते हैं।

गुगल Chrome में पाई यह खामियां

सरकारी एजेंसी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) के अनुसार गुगल Chrome के ऐसे वर्जन में बेहद ही खतरनाक प्रकार के बग पाए जाते हैं। यह बग पुराने सिस्टम की वीडियो में हीप बफर ओवरफ्लो, स्टोरेज और टैब में डेटा लीक, मीडिया व ड्रमबाक्स में गलत इम्पलीमेंटेशन जैसी कमियां पाई गई हैं। ऐसी कमजोरियों का लाभ हैकर उठाते हैं। इसके चलते साइबर अपराधी विशेष प्रकार की वेबसाइट पर डाल कर कंप्यूटर में कोड भेजते हैं। यह डाटा को नुकसान पहुंचाता है।

मोजिला फायरफोक्स युजर्स भी रहें सावधान

नए बदलावों के तहत ही मोजिला फायरफोक्स के 143.0.3 से पुराने वर्जन और iOS के 143.1 से पुराने वर्जन में प्रयोग के आधार पर बेहद गंभीर सुरक्षा संबंधित कमियां सामने आई हैं। यह सिस्टम में कुकी स्टोरेज के आधार पर नुकसान पहुंचाते हैं। इसके यूजर्स मलीशियस वेबसाइट के अनुरोध पर अपने स्तर पर क्लिक करने पर साइबर अपराधी उसके कंप्यूटर पर अपना कंट्रोल ले लेता है।

क्या करें युजर

CERT-In के अनुसार यह दोनों ही चेतावनी उच्च-जोखिम वाली हैं। ऐसे में यूजर्स को अपने कंप्यूटर में गुगल करोम तथा मोजिला फायरफोक्स नए वर्जन अपने सिसटम में इंस्टाल करने चाहिएं। इससे सिस्टम की सुरक्षा बढ़ेगी और डाटा सुरक्षित रहेगा।

 

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