Kinnow production in Hanumangarh: राजस्थान में किसानों को भा रही किन्नू की मिठास, बागवानी क्षेत्र में हो रही वृद्धि
किसानों की बढ़ रही कमाई, इस बार मिले सबसे अच्छे भाव
Kinnow production in Hanumangarh: देश भर में किसान बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं। फलों की लगातार बढ़ती मांग के कारण किसानों को अच्छे भाव मिल रहे हैं। इसके कारण बागवानी का क्षेत्र भी बढ़ रहा है। देश का राज्य राजस्थान भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिला में किसानों को किन्नू की मिठास काफी पसंद आ रही है। इसके चलते किसान किन्नू के बाग लगाने में रूचि दिखा रहे हैं।
क्योंकि राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में किन्नू उत्पादक किसानों को इस बार रिकॉर्ड भाव मिला है। किसानों ने किन्नू 35 रुपये प्रति किलोग्राम तक थोक भाव में बेचे हैं। किसानों का कहना है कि अब तक यह सबसे अच्छा भाव रहा है। इससे पहले किन्नू की कीमत बहुत ही कम मिलती रही है। इससे अन्य किसान भी उत्साहित हैं और किन्नू बाग लगाने की योजना बना रहे हैं। उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई किसान बाग लगाने की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
भाव के साथ उत्पादन भी अच्छा
इस बार जहां किसानों को किन्नू के अच्छे भाव मिले हैं, वहीं उत्पादन भी अच्छा हुआ है। प्रति हैक्टेयर किन्नू बाग से 400 – 450 क्विंटल तक उत्पादन आया है। औसत उत्पादन भी यही रहता है। यह पैदावार 1 हेक्टैयर में लगे 278 पौधों से होता है। हनुमानगढ़ जिला में जो किसान बागवानी कर रहे हैं, उनकी आय काफी अच्छी हुई है। हालांकि देश भर में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के किन्नू की मांग काफी अच्छी रहती है। इतना ही नहीं विदेशों तक यहां के किन्नू जाते हैं।
50 हजार रुपये का अनुदान
नए बाग लगाने वाले किसानों के लिए उद्यान विभाग द्वारा अनुदान का भी प्रावधान है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार नए किन्नू बाग लगाने वाले किसानों को प्रति हैक्टेयर 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। हालांकि यह राशि 2 सालों में किसानों के खातों में जमा करवाने की व्यवस्था है। ऐसे में किसानों के लिए किन्नू बाग लाभ का सौदा हो रहे हैं।
4000 हैक्टेयर में बाग
हनुमानगढ़ जिले की बात की जाए तो यहां करीब 4000 हैक्टेयर में किन्नू बाग हैं। अब नए लक्ष्य के अनुसार बागवानी विभाग 95 हैक्टैयर में नए बाग लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए किसानों से आवेदन करवाए जा रहे हैं। क्योंकि हनुमानगढ़ का मौसम किन्नू उत्पादन के लिए आदर्श है। ऐसे में किसान भी इसको लेकर गंभीर हैं।
अभी से तैयारी कर रहे किसान
किन्नू के बाग अगस्त व सितंबर महीने में लगाए जाते हैं। हालांकि कुछ किसान फरवरी मार्च में भी किन्नू लगाते हैं, लेकिन अधिकतर लोग अगस्त सितंबर महीने में लगाते हैं। इसके लिए किसानों के साथ -साथ बागवानी विभाग भी तैयारी कर रहा है। ऐसे में अगले साल तक हनुमानगढ़ में किन्नू बाग क्षेत्र में वृद्धि हो जाएगी।










