New Bijli Bill : सामान्य बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत, केंद्र सरकार लेकर आ रही नया बिल
New Bijli Bill : राज्य सरकारों द्वारा कुछ वर्ग को मुफ्त में दी जाने वाली बिजली का असर अब दूसरे उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला नहीं है। ऐसा करने से रोकने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से अहम बिल लेकर आ रही है। इस बिल के आने के बाद मुफ्त में बिजली देने पर आने वाले खर्च को सामान्य उपभोक्ताओं को नहीं भुगतना पड़ेगा।
अभी कई राज्यों में किसी खास वर्ग या एक सीमा तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं से बिल नहीं लिया जाता है, लेकिन कहीं न कहीं उसका बोझ सब्सिडी के दायरे से बाहर लोगों से वसूला जाता है। अब ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार बिजली कानून में संशोधन ला रही है और इसके लिए ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इस महीने की नौ तारीख तक मसौदे पर राय दी जा सकती है। मसौदे के मुताबिक अब आम उपभोक्ता को दी जाने वाली बिजली की कीमत कास्ट रिफ्लेक्टिव टैरिफ के आधार पर तय होगी।
इसका मतलब यह हुआ कि बिजली वितरण कंपनी (डिस्काम) का किसी उपभोक्ता तक बिजली पहुंचाने में जो वास्तविक खर्च होगा, सिर्फ उसे ही डिस्काम वसूल सकेगी। इसके ऊपर सरकार को किसी खास वर्ग को मुफ्त बिजली देने से पहले डिस्काम को देना होगा उसका पैसा सरकार ने बिजली कानून में कई बार राज्य सरकार के दबाव में डिस्काम सालों बिजली की कीमत नहीं बढ़ा पाती है, जिससे उनकी आपूर्ति लागत बढ़ती रहती है।

New Bijli Bill : बिजली आपूर्ति पर नहीं होगा डिस्कोम का एकाधिकार
ऐसे में, डिस्काम बिजली उत्पादक कंपनियों का भुगतान करने में देर करती हैं और बिजली सेक्टर का पूरा चक्र प्रभावित होता है। नए प्रस्तावित कानून में एक ही इलाके में कई एक निश्चित मार्जिन (मुनाफा) भी कंपनी लेगी और यह मार्जिन राज्य का विद्युत नियामक प्राधिकरण तय करेगा। अभी जो बिजली की कीमत वसूली जाती है, उसे डिस्काम के प्रस्तावित अनुरोध पर राज्य का विद्युत नियामक प्राधिकरण तय करता है।
डिस्काम के उस अनरोध में यह डिस्काम होंगे। मतलब बिजली आपूर्ति पर किसी एक डिस्काम का एकाधिकार नहीं होगा। एक ही मोहल्ले में सरकारी और निजी दोनों प्रकार की डिस्काम बिजली की सप्लाई कर सकेंगी। इससे डिस्काम के बीच प्रतिस्पर्धा होगी और उपभोक्ता को गुणवत्ता वाली बिजली कम दाम पर मिल सकती है। स्पष्ट नहीं होता है इस प्रस्तावित कीमत में क्या-क्या शामिल है। राज्य सरकार की तरफ से किसान और एक खास वर्ग को मुफ्त में दी जाने वाली बिजली की सब्सिडी राशि कई बार डिस्काम को समय पर नहीं मिल पाती है।
New Bijli Bill : इलेक्ट्रिसिटी काउंसिल बनाने का भी सरकार का प्रस्ताव
ऐसे में डिस्काम मफ्त वाली बिजली की कीमत की नए कानून के तहत एक इलेक्ट्रिसिटी काउंसिल बनाने का प्रस्ताव बिजली से जुड़े नए कानून में एक पेच है। दरअसल, बिजली संविधान की समवर्ती सूची में शामिल है, इसलिए राज्य सरकार इस पर अपना फैसला ले सकती है। इस पर केंद्र का कहना है कि राज्यों के साथ बातचीत करके संशोधन लाया जा रहा है।
बिजली कानून संशोधन, 2025 के तहत एक इलेक्ट्रिसिटी काउंसिल बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है जिसमें राज्य व केंद्र दोनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भरपाई भी अन्य उपभोक्ता से करना चाहती है। अब बिजली कानून के नए संशोधन के तहत राज्य किसी खास वर्ग या किसानों को मुफ्त में बिजली तो दे सकेंगे, लेकिन उस राशि का भुगतान राज्य सरकार को तय कीमत के आधार पर डिस्काम को पहले ही करना होगा।










