Nidhi Saraswat : कथा वाचक निधि सारस्वत विवाह बंधन में

हाथरस के राजनीतिक परिवार की बहु बनी हैं निधि

Katha Vachak Nidhi Saraswat ki shaadi :  देश की जानी मानी कथा वाचक निधि सारस्वत भी शादी के बंधन में बंद गई हैं। 9 दिसंबर को उनकी शादी गाजियाबाद में हुई है। निधि सारस्वत का विवाह हाथरस के राजनीतिक परिवार में हुआ है। पांच बार विधायक रहे और बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वर्गीय रामवीर उपाध्याय के इकलौते बेटे चिरागवीर उपाध्याय की दुलहनियां बनी हैं।

इसको लेकर दोनों परिवारों में कई दिन से शादी की रस्में चली और अब 9 दिसंबर को चिरागवीर उपाध्याय और निधि सारस्वत शादी के बंधन में बंध गए। निधि सारस्वत से पहले वृंदावन के बहुचर्चित कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की भी शादी हो चुकी है। वहीं निधि सारस्वत व चिरागवीर उपाध्याय की शादी को लेकर कई दिन से तैयारियां चल रही हैं।

रविवार को हल्दी की रस्म हुई और बुधवार 9 दिसंबर को गाजियाबाद स्थित नायाब वेदांता फार्म में शादी पूर्ण हुई। दोनों की शादी के बीच यह भी चर्चा है कि ये एक दूसरे को करीब 5 साल से जानते हैं। क्योंकि शादी दो महत्वपूर्ण परिवारों के बीच नया रिश्ता बना रही है, ऐसे में इसमें कई बड़े चेहरे भी पहुंचे। इस शादी में यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल कथावाचक देवकीनंदन महाराज जैसे लोगों ने वर वधु को आशीर्वाद दिया।

वहीं निधि सारस्वत के साथ उनकी बहन नेहा भी कथा करती हैं। दोनों बहनों के एक साथ काम करने के कारण यह जोड़ी काफी प्रसिद्ध है। मधुर वाणी के साथ बहुत ही सौम्य और सुंदर दिखने वाली निधि सारस्वत ने अपनी अलग पहचान बनाई है। इसके चलते ही निधि सारस्वत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई सम्मान मिल चुके हैं।

यूके संसद द्वारा उनको अंतरर्राष्ट्रीय भगवतगीता विद्वान पुरस्कार दिया जा चुका है। इसके अलावा लंदन के मेयर द्वारा सद्भाव पुरस्कार, भारत में राइजिंग डाटटर्स आफ इंडिया जैसे पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। भजन उपदेश के साथ निधि सारस्वत दिव्यांग लोगों के लिए काम करने वाला एक फाउंडेशन भी चला रही है।

कथा वाचक निधि सारस्वत विवाह बंधन में
कथा वाचक निधि सारस्वत विवाह बंधन में

Nidhi Saraswat : जानिए निधि सारस्वत के बारे में

कथा वाचन में अपना विशेष स्थान रखने वाली निधि सारस्वत का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सासनी गेट क्षेत्र में साल 1997 में हुआ। उनको देवी निधि नाम से भी जाना जाता है। कथा वाचक निधि सारस्वत ने एमससी और बीएज की शिक्षा ली है। बताया जा रहा है कि उन्होंने महज 8 साल की उम्र में श्रीमद्भगवत गीता का पाठ आरंभ कर दिया था।

आज वे कथा वाचन के क्षेत्र में अपनी खास पहचान रखती हैं। भजन उपदेशक व कथा वाचक निधि सारस्वत अपनी मधुर वाणी के साथ बहुत ही रोचक ढंग से वृतांत सुनाने के लिए भी जानी जाती हैं। निधि सारस्वत मुख्य रूप से श्रीमद्भागवत, रामायण और भागवत कथा का उपदेश करती हैं। मैं राधावल्लभ की, राधा रानी मेरी है और भजो रे मन गोविंदा जैसे भजनों से उन्होंने अपने प्रसंशकों पर अमिट छाप छोड़ी है।

Nidhi Saraswat : राजनीतिक परिवार से आते हैं चिरागवीर उपाध्याय

निधि सारस्वत के होने वाले पति चिरागवीर उपाध्याय राजनीतिक परिवार से आते हैं। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिला में उनका परिवार अपनी खास राजनीतिक पहचान रखता है। चिरागवीर उपाध्याय के पिता स्वर्गीय रामवीर उपाध्याय 5 बार विधायक रहे और बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। वहीं चिरागवीर उपाध्याय उनके इकलौते बेटे हैं। राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली होने के कारण चिरावीर के परिवार का अपना स्थान है।

यहां तक की हाथरस जिला में इस परिवार का काफी दबदबा माना जाता है। हालांकि उनका पूरा परिवार फिलहाल भाजपा में है। उनकी मां सीमा उपाध्याय हाथरस की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। हालांकि वे फतेहपुर सीकरी सीट से सांसद भी रही हैं। चिराग चाचा रामेश्वर उपाध्याय मुरसान खंड के ब्लाक प्रमुख हैं और दूसरे चाचा मुकुल उपाध्याय पूर्व एमएलसी रहे हैं। चिरागवीर उपाध्याय वकालत की पढ़ाई कर चुके हैं।

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