NRI Couple Digital Arrest : अमेरिका से लौटे डाक्टर दंपत्ति को डिजिटल अरेस्ट कर 15 करोड़ रुपये ठगे
खुद को ईडी अधिकारी बता कर लूटा, अब पुलिस कर रही जांच
NRI Couple Digital Arrest : इंटरनेट की दुनिया में आए दिन साइबर अपराध हो रहे हैं। यह एक आम बात हो गई है, लेकिन यह नया मामला बहुत ही खास है। क्योंकि इसमें जिस व्यक्ति के साथ ठगी की गई है, वह कोई साधारण आदमी नहीं, अमेरिका से लौटे डाक्टर दंपत्ति हैं। इनके साथ छोटी-मोटी रकम नहीं, 15 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। अब दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। डाक्टर दंपत्ति को साइबर ठगों ने स्वयं को ईडी और दूसरी एजेंसी के अधिकारी बता कर 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट भी रखा।
मामला देश की राजधानी दिल्ली का है। यहां एक NRI बुजुर्ग दंपत्ति को पूरे 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान उनसे 15 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि दंपत्तो को ठगों ने अपने आपको टेलीकाम रेगुलेटरी अथारिटी आफ इंडिया (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के रूप में पेश किया। और डाक्टर दंपत्ति के बैंक खाते में ब्लैक मनी होने की बात कह कर निशाना बनाया।
शनिवार को इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को दी गई। ऐसे में पुलिस ने अब जांच शुरू की है। ठगी का शिकार हुए चिकित्सक दंपत्ति डा. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डा. इंदिरा तनेजा पिछले 48 साल तक अमेरिका में रहे हैं। इस दौरान वे संयुक्त राष्ट्र (UN) से भी जुड़े रहे। अपनी सेवानिवृति के बाद करीब 6 साल पहले ही भारत लौटे थे। भारत में यह दंपत्ति ग्रेटर कैलाश-2 में रहता है।

NRI Couple Digital Arrest : फोन कर कहा आपत्तिजनक काल की गई हैं
मामले की शिकायत में 77 वर्षीय डा. इंदिरा तनेजा ने पुलिस को बताया कि उनके पास एक फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि डा. इंदिरा तनेजा के फोन नंबर से आपत्तिजनक काल हुई हैं। साथ ही उनके बैंक खातों में काला धन मिला है। ऐसे में मनी लान्ड्रिंग के मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद तनेजा दंपत्ति उनके जाल में फंसते चले गए। इस दौरान साइबर ठगों ने उनको बताया कि जो पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है, वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से उनको वापस मिल जाएगा।
NRI Couple Digital Arrest : 24 दिसंबर को हुई मामले की शुरूआत
डा. इंदिरा तनेजा ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को यह घटना हुई। इसके बाद साइबर ठगों द्वारा 10 जनवरी की सुबह तक वीडियो काल के जरिए दंपती को लगातार डिजिटल अरेस्ट रखा। इस बीच साइबर ठग ने उन्हें गिरफ्तारी वारंट और फर्जी आपराधिक मामलों की धमकी देते रहे। उन पर मनी लान्ड्रिंग के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोप भी लगाए गए। साथ ही उनको कहा गया कि वे मुंबई में पेश हों।
जब उन्होंने मुंबई आने में असमर्थता जताई तो डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। इस दौरान आरोपी उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते रहे। जैसे वह किसी को फोन करने का प्रयास करती तो ठगों द्वारा उनके पति के फोन पर वीडियो काल कर दी जाती। इससे वे किसी को जानकारी नहीं दे सकें। आरोप है कि आरोपियों ने इस दौरान डा. इंदिरा पर दबाव डाल कर अलग-अलग 8 बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
NRI Couple Digital Arrest : हर बार अलग होती रकम
डा. इंदिरा तनेजा का कहना है कि ठगों द्वारा बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए। इस दौरान राशि अलग-अलग होती।
इस दौरान 8 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए गए। इतना ही नहीं दंपत्ति को पहले ही बता दिया जाता कि यदि पैसे ट्रांसफर करने में बैंक स्टाफ कोई प्रश्न करते तो उनको क्या जवाब देना है। इस प्रकार पूरी योजना से यह राशि हड़प ली गई। अब इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है।










