QR code In Development Work : क्यू आर कोड स्कैन करते ही मिलेगी विकास कार्य की पूरी जानकारी
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में गुणवत्ता के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
QR code In Development Work : हरियाणा में होने वाले विकास कार्यों की अब पूरी जानकारी कार्य स्थल पर उपलब्ध होगी। इसके लिए निर्माण कार्य करवाने वाली एजेंसी द्वारा कार्य स्थल पर ही एक क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इसको स्कैन कर कोई भी व्यक्ति इस परियोजना से संबंधित पूरी जानकारी ले सकेगा।
इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदेश दिए हैं। नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में क्वालिटी एश्योरेंस अथारिटी की बैठक की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में प्रयोग होने वाली सामग्री की भी गुणवत्ता सही होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि किसी ठेकेदार अथवा अधिकारी द्वारा विकास कार्य की गुणवत्ता में कमी छोड़ी जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हरियाणा क्वालिटी एश्योरेंस अथारिटी (QAA) की बैठक में विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ करने के आदेश दिए गए।
QR code In Development Work : क्वालिटी एश्योरेंस अथारिटी (QAA) के चेयरमैन सेवानिवृत आइएएस राजीव अरोड़ा ने बताया कि (QAA) द्वारा अब तक 300 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके लिए पखवाड़े में वेबिनार भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी कठोर तकनीकी आडिट और दूरदर्शी सुधारों के माध्यम से राज्य के आधारभूत ढांचे में सुधार किया जा रहा है।
100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में विश्वस्तरीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। दो चरणों में (QAA) ने 25 प्रमुख इंजीनियरिंग परियोजनाओं का आडिट किया है। सभी सरकारी विभागों एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। इन रिपोर्टों पर कार्रवाई रिपोर्ट जनवरी 2026 तक आने की संभावना है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जहां भी परियोजनाओं के निर्माण में लापरवाही या खामी पाई नहीं मिलनी चाहिए। इसके लिए सुनिश्चित करें कि कार्य स्थल पर ही क्यूआर कोड भी लगाया जाए। इसके लिए क्यूएए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए सक्षम बने। प्रदेश में स्थित पीडब्ल्यूडी लैब्स की जानकारी भी बैठक के दौरान ली। यह लैब्स निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को जांचती हैं।
QR code : रखे जाएंगे कंसल्टेंट
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि ग्रीनफील्ड रोड प्रोजेक्ट्स, पुल/फ्लाईओवर/आरओबी, भवन निर्माण और सड़क उन्नयन परियोजनाओं की डीपीआर अब क्यूएए -एम्पैनल्ड प्रोफेशनल कंसल्टेंट द्वारा तैयार की जाएंगी। इससे योजना और क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी। इन परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एंड मानिटरिंग एजेंसियों (TPIMA) को भी शामिल किया जाएगा।

QR code : पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे क्यूआर कोड
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्णय लिया कि कार्य के स्थल पर एक क्यूआर कोड लगाया जाए। इदससे कार्य में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ्ज्ञ त्वरित सोशल आडिट सुनिश्चित होगा। क्यूआर कोड में डीपीआर के सारांश से लेकर बिल आफ क्वांटिटी, तकनीकी विनिर्देश, ठेकेदार का नाम, प्रभारी इंजीनियर सहित कंसल्टेंट की जानकारी दी जाएगी। इसमें भौतिक और वित्तीय प्रगति के लिए निर्धारित नियमित भी बताए जाएंगे।
QR code : थर्ड पार्टी मानिटरिंग पर जोर
विकास कार्यों में गगुणवत्ता बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्यूएए के अधिकारियों को कहा कि थर्ड पार्टी एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए लिए उनके कार्यों की जांच सख्ती से की जाए। डीपीआर तैयार करते समय ड्रेनेज प्लानिंग भी आवश्यक होनी चाहिए। इसमें उचित लेवल और डिस्पोज़ल स्थान शामिल हों।
QR code : भुगतान से पहले करें गुणवत्ता की जांच
इस दौरान तय किया गया कि किसी भी परियोजना का भुगतान करने से पहले यह गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए एक व्यवस्था बनाई जाए कि परियोजना की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुसार ही हो। विशेषकर ऊंचे भवनों व पुलों के मामले में इसको सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही सभी ऊंचे भवनों और पुलों का एक डायनेमिक डेटाबेस तैयार किया। इससे चरणबद्ध तरीके से उनका संरचनात्मक आडिट करने में आसानी होगी।










