railway signs : क्या कहते हैं रेलवे लाइन पर लगे संकेत

हर संकेत का है खास अर्थ, जानें इनके बारे में पूरी डिटेल

Railway signs : जब भी आप रेलगाड़ी से सफर करते हैं, तो ट्रेन से बाहर पटरियों पर कई प्रकार के संकेत लगे होते हैं। हमें पता नहीं होता कि इन संकतों का क्या मतलब होता है और इनको उसी जगह जगह पर क्यों लगाया जाता है। जबकि रेलवे द्वारा यह सारी व्यवस्था लोको पायलट व रेलवे के निरीक्षण करने वाले स्टाफ की सुविधा के लिए होते हैं। इसी से से पता चलता है कि लोको पायलट को वहां पर क्या एक्शन करना है।

कई बार इन संकेतों के बारे में मन में प्रश्न उठाते हैं। आइए आज आपको कुछ महत्वपूर्ण संकेतों के बारे में जानकारी देते हैं। इससे आपको नई जानकारी तो मिलेगी ही साथ ही अगली बार जब आप ट्रेन से यात्रा करेंगे तो आप भी इनको मतलब समझ जाएंगे। रेलवे स्टेशन व रेलवे लाइन पर लगाए गए इन सभी संकेतों का खास अंतर होता है। साथ ही इनका रंग व अंकित करने की शैली भी कुछ संदेश देती है।

कई बार हम देखते हैं कि रेलवे लाइन पर तीर के निशान लगे होते हैं। इनकी दिशा भी दाएं-बाएं बनी होती है। यह चिह्न रेलवे लाइन पर चल रहे इंजीनियरिंग कार्यों को दर्शाते हैं। ऐसे में यहां विशेष प्रतिबंध और सावधानी रखने की जानकारी दी जाती है। जिस ओर तीर की दिशा निर्धारित होती है, उसी ओर कार्य चल रहा होता है। ऐसे निशान काले या पीले रंग के होते हैं। जिन एंगिल के सहारे इन निशानों को लगाया जाता है, वे सफेद या काले रंग के होते हैं। यह निशान कार्य स्थल से 700 से 800 मीटर पहले लगाया जाता है। ऐसे में लोको पायलट ध्यान रखता है और गाड़ी की गति जरूरत के अनुसार नियंत्रित करता है।

इसके अलावा रेलवे ट्रैक पर T/G तथा T/P जैसे शब्द भी लिखे होते हैं। इन शब्दों को गोलाकार बोर्ड पर लिख जाता है। T/G का अर्थ है termination of speeds restriction for Goods। वहीं T/P का अर्थ है termination of speeds restriction for passenger। इन साइन बोर्ड से रेलगाड़ी के चालक को जानकारी दी जाती है कि ट्रेन अब पूरी गति से चलाई जा सकती है। जब कभी रेल पटरियों की मरम्मत का काम चलता है तो इस प्रकार के संकेत लगाए जाते हैं। यह निशान लगे होने पर रेलगाड़ी की अधिकतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय कर दी जाती है।

क्या कहते हैं रेलवे लाइन पर लगे संकेत
क्या कहते हैं रेलवे लाइन पर लगे संकेत

railway signs : Signal Sighting Board : लंबे व काले रंग का चकोर बोर्ड

सिग्नल साइटिंग के लिए एक लंबा व काले रंग का चकोर बोर्ड लगाया जाता है। इस बोर्ड के ऊपर और नीचे के हिस्से में पीले रंग की दो क्षतिज पट्टी भी बनाई जाती हैं। इस बोर्ड बोर्ड के बीच में पीले रंग से एक गोला बनाते हैं। इस संकेत का अर्थ यह है कि आगे सिग्नल आने वाला है। इस बोर्ड को देख कर लोको पायलट सतर्क हो जाता है कि आगे क्या सिग्नल मिलेगा। इसके अनुसार ट्रेन को धीमा करने, चलाने या रोकने का फैसला लिया जाता है।

railway signs : मोड़ वाले रास्तों पर दो सिग्लन

कई बार रेलवे ट्रेक पर कई सारे मोड़ होते हैं। ऐसे में यहां ट्रेन चलाने के लिए भी अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे रास्तों पर दो सिग्नल लगाए जाते हैं, जबकि सीधे पर एक ही सिग्नल लगाया जाता है। यह सिग्नल चालक को सावधान करनेक लिए होते हैं। पहाड़ी रास्तों पर भी इसी प्रकार की व्यवस्था रहती है। ऐसे रासतों पर एक संकेत सिग्नल से 1400 मीटर दूरी पर होता है। यह संकेत मालगाड़ी के लिए हाता है, जबकि दूसरा संकेत 1000 मीटर पर होता है। इसका प्रयोग यात्री गाड़ियों के लिए किए जाता है।

railway signs : Whistle Indicator Board : कब और कैसी बजेगी सीटी

जब भी ट्रेन हमारे पास से गुजरती है तो कई बार छोटी तो कई बार लंबी सीटी बजाई जाती है। यह गाड़ी का हार्न होता है। अक्सर रेलवे फाटक के पास इस प्रकार क संकेत लगाए जाते हैं। यहा फिर जहां रेलवे ट्रैक पर किसी के आने का अंदेशा हो। इसके लिए पटरियों के किनारे पर पीले रंग के चौकोर बोर्ड लगते हैं।

इन बोर्ड पर W, W/L, W/B या सी/फा जैसे अक्षर काले रंग से लिखे रहते हैं। यह रेलवे का Whistle Indicator Board है। इसी से तय होता है कि अब रेल गाड़ी हार्न देगी या सीटी बजाएगी। W का अर्थ है कि सामान्य रूप से सीटी बजाने बजाई जाए।  वहीं W/L या सी/फा से यह बताया जाता है कि आगे मानव रहित फाटक है। ऐसे में लंबी सीटी बजाते हुए इस फाटक को क्रस किया जताा है। यह बोर्ड रेलवे फाटक से 250 मीटर पहले लगाया जाता है। वहीं W/B का संकेत बोर्ड लोको पायलट को रास्ते में पुल की जानकारी देता है। पुल पार करते समय सीटी बजाई जाती है।

क्या कहते हैं रेलवे लाइन पर लगे संकेत
क्या कहते हैं रेलवे लाइन पर लगे संकेत

railway signs : अंतिम डिब्बे पर X

ट्रेन के अंतिम डिब्बे पर पीले रंग से बड़ा X का निशान बनाया जाता है। यह ट्रेन के अंतिम डिब्बे का ही संकेत होता है। इससे ट्रेन पर नजर रखने वाले स्टाफ को यह पता चलता है कि पूरी गाड़ी क्रास हो चुकी है। हालांकि अब अंतिम डिब्बे के पीछे चमकने वाली लाइट भी लगाई जाती है। साथ ही अंतिम डिब्बे पर अंग्रेजी में LV भी लिखा रहता है। इसक अर्थ भी अंतिम डिब्बा या Last Vehicle होता है।

railway signs : समुंद्र तल से ऊंचाई

जब भी हम रेलवे स्टेशन जाते हैं तो हमें बड़े अक्षरों में रेलवे स्टेशन के नाम के नीचे लिखा मिलता है कि समुंद्र तल से ऊंचाई। यह अलग-अलग भाषाओं में भी रहता है। इससे पटरियों की ढलान का निर्धारण होता है। जब समुंद्र तल से ऊंचाई बढ़ती है तो ट्रेन इंजन को अधिक ताकत लगानी पड़ती है। साथ ही अधिक ऊंचाई से नीचे आने में नियंत्रण भी बनाना पड़ता है।

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