साउथ के इस एक्टर ने काम वाली के नाम कर दी दौलत
जब भी हम फिल्मी कलाकारों को देखते हैं, हमें उनकी चकाचौंध भरी लाइफ आकर्षित करती है, लेकिन पर्दे पर रूपहले दिखने वाले इन कलाकारों की निजी जिंदगी भी कई बार इससे परे होती है। ऐसी ही जिंदगी रही तमिल फिल्मों के जानेमाने एक्टर तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ की। लंबे फिल्मी जीवन में उन्होंने खूब पैसा और शोहरत कमाई, लेकिन अंत में सुसाइड करना पड़ा। साथ ही अपनी बेशुमार दौलत भी अपने बच्चों के नहीं, कामवाली के नाम कर दी।
फिल्मी सितारों का नाम आते ही हमारे सामने उनकी अलग ही तस्वीर उभरने लगती है। उनके जीवन की विलासिता, ग्लैमर और ढेर सारा पैसा। इसी विलासिता भरी जिंदगी के कारण हर कोई फिल्मी सितारों की ओर आकर्षित होता है। बड़ी- बड़ी पार्टियां शाही रहन सहन फिल्मी सितारों का जीवन होता है। ऐसा नहीं है कि इस प्रसिद्धी तक पहुंचने वाले फिल्मी सितारों के निजी जीवन में संघर्ष नहीं होते। ऐसे ही संघर्ष सामने आए हैं साउथ इंडियन एक्टर व तमिल फिल्मों के बहुत ही सशक्त अभिनेता रहे तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ के निजी जीवन के। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने तमिल, कन्नड़ व तेलगु के साथ कई हिंदी फिल्मों में भी काम किया। उनके दमदार अभिनय के कारण खासी पहचान भी मिली और वे साउथ इंडियन फिल्मों के बड़े चेहरे बन गए। वर्ष 2015 में जब उन्होंने गांधीनगर स्थित अपने निवास पर सुसाइड किया। सुसाइड में कई ऐसी बातें सामने आई, जिन्होंने सभी को चौंका दिया। इससे पता चला कि तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने अपनी निजी जिंदगी में कितने संघर्ष किए हैं।
तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने अपने जीवन फिल्मी करियर में 300 से अधिक काम किया। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ का जन्म चेन्नई तब के मद्रास में 1946 में हुआ। बेशक वे फिल्मी करियर में बहुत बड़े नाम बने, लेकिन इससे पहले उन्होंने रेलवे में नौकरी की। भारतीय रेलवे में टिकट निरीक्षक की नौकरी करते हुए ही उन्होंने फिल्मों में जाने का फैसला लिया। अच्छी खासी नौकरी करते हुए उनका मन फिल्मों में ही लगा रहा। सिनेमा की चाहत आखिरकार उन्हें रेलवे की नौरकी से दूर ले गई और उनका सफल अभिनेता बनने का सपना पूरा हुआ। 300 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत 1969 में की। उनकी पहली फिल्म बुद्धिमंतुडु रही। यह तेलुगु भाषा की ड्रामा फिल्म रही। मूल तमिल फिल्म के आधार पर 1994 में हिंदी में भी फिल्म परमात्मा का निर्माण किया गया। यह फिल्म सुपरहिट रही।

हालांकि तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ फिल्मी करियर में सफलता तेलगु फिल्म चंदन से मिली। यह फिल्म 1974 में बनी। इस फिल्म में तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ का जीवन ही बदल दिया। इसके बाद उन्हें लगातार 40 से अधिक फिल्में मिली, जो उनके लिए सफलता की सीढ़ी बनी। इस दौरान तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने मनमधुडु, निजाम, अदावी रामुडु, देवराय व गोपाला गोपाला जैसी एक से बढ़ कर एक फिल्मों में काम किया। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने 300 से ज्यादा फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाई। 1984 में उनकी तमिल फिल्म काई कोडुक्कुम काई के काम ने तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ को तमिल फिल्म दर्शकों के बीच खास पहचान दिलवाई। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने राजा ऋषि और देवन उन्नाई जैसी फिल्मों में भी शानदार अभिनय किया।
वर्ष 2009 रंगनाथ के जीवन में टर्निंग प्वाइंट
बेशक तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ अपने सिनेमाई सफर में बुलंदियों पर रहे, लेकिन उनका निजी जीवन कई प्रकार की परेशानियों से भरा भी रहा। उनके जीवन में सबसे बड़ा टर्निंग प्वांइट 2009 में तब आया, जब उनकी पत्नी चैतन्य का निधन हो गया। चैतन्य लंबे समय तक बीमार रही। पत्नी के निधन से वे पूरी तरह प्रभावित हुए और डिप्रेशन में रहने लगे। फिर 2015 का वह दिन आया, जब तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने अपने घर में ही आत्महत्या कर ली। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ के सुसाइड के बाद घर से एक अंतिम नोट भी मिला। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ के सुसाइड नोट में कई हैरान करने वाली बात सामने आई। बताया गया कि तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने अपनी सारी संपत्ति अपनी काम वाली के नाम कर दी। पत्नी की मौत के बाद यह कामवाली मीनाक्षी ही तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ की देखभाल करती थी। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ की बेटी नीरजा ने भी इसकी पुष्टि की थी। मीनाक्षी के बारे में तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ की बेटी नीरजा ने कहा था कि उन्होंने मेरे माता-पिता की देखभाल की। उनके पिता उस पर बहुत भरोसा करते थे और उसके नाम पर संपत्ति खरीदी। तिरुमाला सुंदर श्री रंगनाथ ने लिखा था मीनाक्षी को परेशान मत करो।










