UP Board Exam Fraud: यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की परीक्षाओं में हुआ ऐसा कारनामा, प्राचार्य के खिलाफ दर्ज हुआ केस

फीस लेकर भी छात्राओें का नहीं करवाया पंजीकरण, एक साल हुआ बर्बाद

UP Board Exam Fraud : यूं तो देश में अलग-अलग फर्जीवाड़े के मामले आते रहते हैं, लेकिन यूपी के बरेली में फर्जीवाड़े का शिकार छात्राएं ही हो गई। हालांकि छात्राओं की शिकायत पर प्राचार्य के खिलाफ केस दर्ज हो गया है, लेकिन इन छात्राओं की पढ़ाई का एक साल बर्बाद हो गया। क्योंकि फीस लेकर भी स्कूल ने छात्राओं का पंजीकरण बोर्ड परीक्षाओं के लिए नहीं करवाया। ऐसे में छात्राएं परीक्षा नहीं दे सकी। इस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। इस पर यह कार्रवाई हुई है।

मामला है बरेली के सहोदरा देवी मेमोरियल इंटर कालेज का। यहां पर हुए फर्जीवाड़ा के कारण 10वीं और 12वीं की कुछ छात्राओं को बोर्ड परीक्षा देने का मौका ही नहीं मिला। इससे उनकी एक साल की पढ़ाई अब खराब हो गई है। छात्राओं का आरोप है कि उनसे स्कूल द्वारा फीस वसूलने के बाद भी बोर्ड में पंजीकरण नहीं करवाया। इस दोष आया है प्रधानाचार्य कमलेश कुमार के खिलाफ। क्योंकि स्कूल ने इन छात्राओं का फार्म ही बोर्ड परीक्षाओं के लिए नहीं भरा। यह काम स्कूल द्वारा किया जाना था।

परीक्षा केंद्र से लौटी छात्राएं

दरअसल यह छात्राएं बुधवार 18 फरवरी को परीक्षा देने अपने परीक्षा केंद्र पर गई थी। यहां पहुंच कर उन्हें बताया गया कि वे बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत ही नहीं हैं। इस पर छात्राओं को काफी निराशा तो हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। परीक्षा केंद्र वापस लौटी छात्राओं ने तय कि इस गलती के कारण प्रधानाचार्य को सबक सिखाया जाएगा। ऐसे में छात्राओं ने पुलिस थाने का रूख किया और प्रधानाचार्य कमलेश कुमार के खिलाफ शिकायत देकर केस दर्ज करवा दिया।

इस पर पुलिस ने आरोपी प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। प्राचार्य के खिलाफ शिकायत लेकर पुलिस थाने पहुंचीं 10वीं कक्षा की छात्रा चांदनी, कुसुम, मोहिनी खुशी और 12 वीं कक्षा की छात्रा नेहा प्रियंका, नैंसी ने कहा कि जब वे परीक्षा केंद्र पर गई तो प्राचार्य द्वारा उनको अंदर जाने से ही रोक दिया गया।

फीस लेकर की धोखाधड़ी

बरेली जिला के गांव गंगापुर डबोरा गांव स्थित सहोदरा देवी मेमोरियल इंटर कालेज की इन 6 छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने स्कूल को निर्धारित फीस का भुगतान किया था। इसके लिए स्कूल फीस को मिलाकर 10वीं की फीस 4500 रुपये और 12वीं कक्षा की फसी 7200 रुपये बताई गई थी। इसी राशि में यूपी बोर्ड के पंजीकरण के साथ परीक्षा फार्म शुल्क और स्कूल की फीस शामिल थी। हालांकि वे पूरा साल कक्षाएं तो लगाती रही, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं करवाया गया।

एडमिट कार्ड के लिए टालता रहा प्राचार्य

इन 6 छात्राओं का आरोप है कि परीक्षा की तारीख निर्धारित होने के बाद परीक्षा से करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने स्कूल पहुंच कर अपना एडमिट कार्ड स्कूल से मांगा था। इस पर प्रधानाचार्य कमलेश कुमार द्वारा टालमटोल की गई। इतना ही नहीं उनको आश्वासन दिया गया था कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड मिल जाएगा। बुधवार को परीक्षा शुरू हो गई, लेकिन एडमिट कार्ड उन्हें नहीं दिया गया।

पुलिस ने दर्ज किया केस

इस बारे में भुता थाना के प्रभारी रविंद्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। छात्राओं ने जहां फीस हड़पने का आरोप लगया है, वहीं अभिभावकों ने भी अभद्रता की बात कही है। क्योंकि यह मामला होने पर अभिभावक भी स्कूल यहां पर पहुंचे थे।
अब स्कूल प्रबंधन पर फीस हड़पने का आरोप लगा है।

इसके आधार पर मारपीट करने, धोखाधड़ी व धमकी देने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही आरोप प्राचार्य कमलेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। अभी जांच की जा रही है। जो भी तथ्य आएंगे, इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

हर कोई स्तभ

यह मामला सामने आने के लिए हर कोई स्तभ है। क्योंकि यहां ठगी किसी व्यापारी के साथ नहीं, छात्राओं के साथ हुई है। वहीं स्कूल द्वारा। मामला सिर्फ पैसे का नहीं रह गया है। क्योंकि छात्राओं का एक साल भी इससे बर्बाद हो गया है। ऐसे में यह घटना पूरी शिक्षा व्यवस्था पर ही प्रशन खड़े कर रही है।

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