Backward Classes Meeting : HPSC में पिछ्ड़ा वर्ग कि अनदेखी के विरोध में हुई महापंचायत

समाज के लोगों ने कहा आरक्षण नीति को नहीं किया जा रहा लागू,संख्या के आधार पर दिया जाए लाभ

Backward Classes Meeting : हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा की गई भर्तियों में पिछड़ा वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाते हुए समाज के लोगों ंने जींद जिला मुख्यालय पर महापंचायत का आयोजन किया। इस दौरान आराेप लगाया किया कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं के साथ अनदेखी हुई है। साथ ही आरक्षण के नियमों के साथ भी छेड़छाड़ की जा रही है। ऐसे में इसको लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाने का फैसला लिया गया।

जींद की प्रजापत धर्मशाला में जुट लोगों ने कहा कि प्रदेश सरकार और HPSC मिलकर बैकवर्ड क्लास (BC-A और BC-B) के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही हें। इन लोगों ने कहा कि जो भी भर्ती परीक्षाएं हो रही हैं, उनमें जानबूझ कर ऐसी शर्त लगाई जा रही हैं, जिससे ओबीसी वर्ग के योग्य उम्मीदवार मेरिट सूची बाहर हो जाएं। यह ओबीसी वर्ग के साथ सरासर अन्याय है।

HPSC की कार्यप्रणाली पर उठाए प्रश्न

इस दौरान लोगों ने हरियाणा लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठाए। पंचायत में पहुंचे डा नवीन सैनी ने कहा यह मुद्दा सिर्फ नौकरियों का नहीं है। बल्कि सरकार कैटेगरी सर्टिफिकेट का बहाना बनाकर हमारे आरक्षण का हक छीन रही है। हरियाणा का पिछड़ा वर्ग इसको किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगा। महापंचायत के दौरान पिछले दिनों हुई असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य एचसीएस (HCS) भर्तियों के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि पिछड़ा वर्ग के साथ भेदभाव हुआ है। पिछड़ा वर्ग का हक युवाओं को नहीं मिला।

किया जाएगा बड़ा आंदोलन

महापंचायत के दौरान लोगों ने कहा कि भर्तियों में आरक्षण को लेकर तुरंत प्रभाव से गलतियों को सुधारा जाए। इसको सही तरीके से लागू किया जाए। ऐसा नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मांग की गई कि पिछड़ों का बैकलॉग भी भरा जाए। संख्या के आधार पर पिछड़ा वर्ग को हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

चल रहा है आंदोलन

डा. नवीन ने बताया कि पिछले साल ली गई असिस्टैंट प्रोफेसर की परीक्षा में बहुत बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग की 241 सीट में से 237 सीट खाल रह गई हैँ, जबकि 800 से 900 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। वहीं सामान्य वर्ग के अधिकतर उम्मीदवार हरियाणा से बाहर के चयनित हुए हैं। अनावश्यक नियम बना कर युवाओं को बाहर किया गया है। ऐसे में प्रदेश के लोग इस अन्याय का सहन नहीं करेंगे। नियमानुसार उम्मीदवार पूरे होने पर सीट खाली कैसे रह सकती है। इसके पीछे बड़ी गड़बड़ी के संकेत मिल रहे हैं।

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