first transit hub : सोनीपत में बनेगा देश का देश का पहला ट्रांजिट हब
एक ही जगह से बस, मेट्रो और रैपिड ट्रेन की होगी पहुंच
first transit hub : दिल्ली एनसीआर में तेजी से बढ़ते सोनीपत शहर का नाम एक ओर विकास परियोजना के साथ जुड़ रहा है। हरियाणा का सोनीपत दिल्ली से सटा हुआ है और यह अपनी विशेष औद्योगिक पहचान बना रहा है। अब सोनीपत में देश का पहला ट्रांजिट हब बनने जा रहा है। इससे एक ही जगह से बस, मेट्राे के साथ रैपिड ट्रेन की पहुंच हो जाएगी। यह ऐसा परिवहन केंद्र बनेगा, जहां से आसपास के क्षेत्रों के साथ दिल्ली एनसीआर के अन्य क्षेत्रों से भी बेहतर जुड़ाव होगा।
आने वाले समय में सोनीपत में एक गतिशील परिवहन केंद्र बनाया जा रहा है, जहां से एक साथ बस व मैट्रो के अलावा रैपिड रेल भी उपलब्ध रहेगी। इससे शहर के साथ-साथ और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी सुगम यात्रा का रास्ता खुलेगा। (transit hub) इस परिकल्पना के साथ सोनीपत में बस अड्डा, मैट्रो व रैपिड ट्रेन जैसी सुविधा एक ही क्षेत्र में उपलब्ध होंगी।
इसके लिए सोनीपत के जाट जोशी गांव में बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। यहां पर आधुनिक बस अड्डा के साथ रोडवेज वर्कशाप विकसित किया जाना है। इसके लिए काम भी शुरू किया जा चुका है। वहीं योजना को आगे बढ़ाते हुए बस स्टैंड से करीब 300 मीटर की दूसरी पर सैक्टर-7 मोड़ के पास आरआटीएस यानी रैपिड ट्रेन का स्टेशन ट्रैन का प्रस्ताव है। (Haryana News) इसके साथ आने वाले समय में फेज-5 के तहत मैट्रो का विस्तारीकरण किया जाना है। इसका जुड़ाव रैपिड ट्रेन के साथ किया जाएगा।
दिल्ली से निकलते जीटी रोड पर बसा सोनीपत शुरू से ही बेहतर कनेक्टिविटी का केंद्र रहा है। समय के साथ यहां काफी सुधार हुआ और अब यह क्षेत्र रोड कनेक्टिविटी का केंद्र बन गया है। (Haryana News) इसके साथ ही अब सोनीपत में सार्वजनिक परिवहन सुविधा के साथ रेल व मैट्रो कनैक्टिविटी को बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव है कि भीड़-भाड़ वाली जगह पर बने शहर के पुराने बस स्टैंड को बाहर जाट जोशी गांव के पास शिफ्ट किया जाना है।
यहां पर 9.43 एकड़ भूमि पर नया व आधुनिक बस स्टैंड बनाने का काम शुरू हो चुका है। यहां बनने वाले बस स्टैंड की पहचान सिर्फ बसों के लिए नहीं रहेगी। यहां पर बहुत ही आधुनिक रोडवेज वर्कशाप, पार्किंग, रैन बसेरा, वेटिंग हाल जैसी सुविधा भी यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी। वहीं इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों के लिए मैट्रो का विस्तार किया जाना है। इसका काम भी तेजी चल रहा है।

first transit hub : यह है मैट्रो का रूट
दरअसल दिल्ली व सोनीपत के बीच की दूरी काफी कम है। भीड़ व जाम के चलते करीब 50 किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटा भी लग जाता है। वहीं अब मैट्रो के विस्तार के बाद करीब आधे समय में यह दूरी तय हो जाएगी। इसके लिए करीब 26.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनाई जा रही है। इस रूट पर 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं और वर्ष 2028 तक इसको पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। (Sonipat News) दिल्ली से सोनीपत के बीच प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं।
यह यात्रा, बस, ट्रेन व निजी गाड़ियों से होती है। वहीं मैट्रो चलने के बाद इन माध्यमों पर यात्रियों का लोड कम होगा। सोनीपत तक मेट्रो पहुंचने के बाद यात्रियों को बवाना, नरेला, नांगलोई के साथ नजफगढ़ जैसी जगहों पर जाने में सुविधा होगी। (Sonipat Metro) यह लाइन रिठाला से नाथूपुर तक बनाई जानी है। (NCR News) रिठाला से रोहिणी सेक्टर 25, रोहिणी सेक्टर 26, रोहिणी सेक्टर 31, रोहिणी सेक्टर 32, रोहिणी सेक्टर 36, बरवाला, रोहिणी सेक्टर 35, रोहिणी सेक्टर 34, बवाना औद्योगिक क्षेत्र 1 सेक्टर 3, 4, बवाना औद्योगिक क्षेत्र 1 सेक्टर 1, 2, बवाना जेजे कालोनी, सनोथ, न्यू सनोथ, डिपो स्टेशन, भोरगढ़ गांव, अनाज मंडी नरेला, नरेला डीडीए स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, नरेला, नरेला सेक्टर 5, कुंडली और नाथूपुर जैसे मैट्रो स्टेशन बनेंगे। अब इस परियोजना को फेज -5 के तहत सोनीपत के सैक्टर-7 तक बढ़ाने की योजना है। इस परियोजना के पूरी होते ही एक ही परिधि में बस, मैट्रो व रैपिड रेल की सुविधा मिल सकेगी।
first transit hub : बाकी हरियाणा से भी बेहतर जुड़ाव
फिलहाल हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने के चार मुख्य मार्ग हैं। इसमें फरीदाबाद, बहादुरगढ़, औचंदी बार्ड व सोनीपत के रास्ते लोग दिल्ली आते हैं। यह सुविधा शुरू होने के बाद यात्रियों को एक ही स्थान पर बस, मैट्रो या रैपिड रेल मिल सकेगी। ऐसे में सोनीपत दिल्ली के उपनगर से भी आगे बढ़ कर भविष्य के शहर के रूप में विकसित हो रहा है।










