Haryana News : एचआईवी मरीजों को बड़ी राहत, पंचकूला में वायरल लोड टेस्टिंग लैब को मंजूरी
Haryana News : हरियाणा के पंचकूला में एचआईवी मरीजों के इलाज और निगरानी को लेकर हरियाणा सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। Panchkula के सिविल अस्पताल में जल्द ही एचआईवी वायरल लोड टेस्टिंग लैब शुरू होने जा रही है, जिसे प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
यह लैब Rohtak के बाद राज्य की दूसरी ऐसी सुविधा होगी, जहां एचआईवी संक्रमित मरीजों के इलाज की प्रभावशीलता की जांच सीधे तौर पर की जा सकेगी। इस पहल से खासतौर पर उत्तरी हरियाणा के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक जांच के लिए रोहतक के चक्कर लगाने पड़ते थे।
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह नए सिरे से बनाने के बजाय कोविड-19 के दौरान विकसित किए गए मॉलिक्यूलर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर तैयार किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कम लागत में आधुनिक लैब जल्द शुरू की जा सकेगी। इस योजना को National AIDS Control Organisation (NACO) की तकनीकी मंजूरी भी मिल चुकी है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और बढ़ जाती है।

Haryana News : नैको उठाएगा सारा खर्च
वित्तीय दृष्टि से भी यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका पूरा खर्च NACO द्वारा वहन किया जाएगा। सालाना करीब 1.65 करोड़ रुपये की लागत से चलने वाली इस लैब का राज्य सरकार के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। प्रति टेस्ट की लागत 1,100 रुपये तय की गई है, जो राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इस मॉडल को स्वास्थ्य सेवाओं के किफायती विस्तार के उदाहरण के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Haryana News : सभी जिलों से रोहतक भेजे जा रहे सैंपल
मरीजों के लिहाज से यह सुविधा बेहद लाभकारी साबित होगी। अभी तक हरियाणा के सभी 22 जिलों से एचआईवी सैंपल रोहतक भेजे जाते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती है। वायरल लोड टेस्ट यह बताता है कि मरीज पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) कितनी असरदार है। समय पर रिपोर्ट मिलने से डॉक्टर इलाज में जरूरी बदलाव कर सकेंगे और दवाओं के प्रति प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) को रोकने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, पंचकूला में यह नई लैब स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। सालाना करीब 15,000 टेस्ट करने के लक्ष्य के साथ यह सुविधा न केवल मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर करेगी, बल्कि हरियाणा में एचआईवी नियंत्रण के प्रयासों को भी नई मजबूती देगी।










