Health insurance : हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन, जरूर जानिए कारण, समाधान और जरूरी सावधानियां

Health insurance : हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अगर आप अपनी पुरानी बीमारी की जानकारी छिपाते हैं, तो इसका नतीजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है। फैमिली फ्लोटर प्लान के तहत अगर आपने किसी पुरानी बीमारी का खुलासा नहीं किया है, तो बीमा कंपनी परिवार के किसी भी सदस्य का क्लेम खारिज कर सकती है। यह हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों और पॉलिसीधारकों के बीच विवाद का सबसे बड़ा कारण है।

बीमा लोकपाल की रिपोर्ट बताती है कि हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी 95% शिकायतें क्लेम के आंशिक या पूरी तरह खारिज होने से जुड़ी होती हैं। सबसे आम वजह होती है पहले से मौजूद बीमारियों का खुलासा न करना। बीमाधारकों को हेल्थ पॉलिसी लेते समय अपनी सेहत से जुड़ी सभी जानकारी सही-सही देनी चाहिए, ताकि बाद में किसी भी परेशानी से बचा जा सके।

Health insurance : क्या करें अगर बीमारी छिपाना भूल गए?

अगर पॉलिसी खरीदते समय आप अपनी पुरानी बीमारी का खुलासा (Pre-existing conditions in health insurance) करना भूल गए हैं, तो ये उपाय करें:

  • 1. फ्री-लुक पीरियड का इस्तेमाल करें: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के बाद, आमतौर पर 15-30 दिन का फ्री-लुक पीरियड मिलता है। इस दौरान आप अपनी पॉलिसी में बदलाव कर सकते हैं और पुरानी बीमारियों की जानकारी दे सकते हैं।
  • 2. पॉलिसी रिन्यूअल के समय खुलासा करें: अगर फ्री-लुक पीरियड खत्म हो गया है, तो आप पॉलिसी रिन्यूअल के समय अपनी बीमारी की जानकारी दे सकते हैं। हालांकि, यह बीमा कंपनी पर निर्भर करता है कि वह इसे स्वीकार करेगी या नहीं।

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  • 3. नई पॉलिसी खरीदें: अगर आपकी मौजूदा पॉलिसी में बदलाव संभव नहीं है, तो आप किसी नई कंपनी से पॉलिसी खरीद सकते हैं। इस बार अपनी बीमारी की जानकारी जरूर दें।
  • 4. इरडा का प्रावधान: इरडा के नियमों के अनुसार, अगर आप लगातार 60 महीने तक प्रीमियम चुकाते हैं, तो बीमा कंपनी आपका क्लेम खारिज नहीं कर सकती, जब तक कि कोई धोखाधड़ी साबित न हो।

What to do after health insurance claim denial : क्लेम खारिज हो जाए तो क्या करें?

अगर आपका क्लेम खारिज हो जाए, तो इन उपायों को अपनाएं :  सुधार कर दोबारा सबमिट करें: अधूरी जानकारी के कारण रिजेक्ट हुए क्लेम को सही कर दोबारा प्रस्तुत करें। अगर कंपनी ने गलत कारण से क्लेम रिजेक्ट किया है, तो उनके अधिकारियों से बात करें। यदि आपकी बात नहीं सुनी जाती है, तो इरडा के टोल-फ्री नंबर 155255 या 1800-425-4732 पर कॉल करें, या complaints@irdai.gov.in पर ईमेल करें।

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अपनी सेहत से जुड़ी हर जानकारी पारदर्शिता से दें। पुरानी बीमारियों का खुलासा न करना न केवल आपका बल्कि आपके पूरे परिवार का बीमा कवर रद्द करवा सकता है। इससे बचने के लिए सही जानकारी देना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

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