Kharmas Starting : 36 दिन के लिए बैंड- बाजा और बारात पर विराम, 20 अप्रैल से फिर बजेगी शहनाई

जानें इस साल में कब-कब हैं शुभ तिथियों का मुहूर्त

Kharmas Starting : हिंदू धर्म में अनेक शुभ कार्य ग्रहों की चाल के हिसाब से तय होते हैं। इनमें से प्रमुख हैं शादियां। खरमास शुरू होने के कारण 14 मार्च से 36 दिन के लिए बैंड, बाजा और बारात पर विराम लग गया है। हालांकि 20 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया से फिर विवाह जैसे शुभ कार्य शुरू हों जाएंगे। इस साल में अप्रैल से दिसंबर तक 29 ऐसे शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें शादियां हो रही हैं। अब 14 मार्च से खरमास शुरू होने के कारण शुभ कार्य बंद हो गए हैं।

शादियों का दौर 4 फरवरी से शुरू हुआ था और 14 मार्च तक चल रहा है। 14 मार्च के बाद 36 दिनों के लिए शादियों पर धार्मिक रूप से विराम लग रहा है। क्योंकि 15 मार्च सुबह 3:36 बजे से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने जा रहा है। इससे खरमास की शुरूआत हो जाएगी।इसके बाद 20 अप्रैल तक विवाह कार्य रूके रहेंगे। 20 अप्रैल को फिर से वैवाहिक मंगल कार्य शुरू हो जाएंगे। इस दौरान केवल दो दिन ही 20 और 21 अप्रैल को मुहूर्त शादी के लिए शुभ हैं। इसके अनुसार ही लोग अपने कार्यक्रम भी तय कर रहे हैं। इन दिनों में होटल व बैंकट हाल के साथ बैंड बाजा, डीजे और कैटरिंग के लिए भी योजना बनाई जा रही हैं।

इन तिथियों में भी शादियां, शुभ मुहूर्त नहीं

वैदिक विद्धवानों की मानें तो 25, 26,27, 28 व 30 अप्रैल को शादियां हो सकती है। लेकिन 25 व 26 अप्रैल को केतु की युति मघा नक्षत्र में होने के कारण 27 अप्रैल को उत्तरा फाल्गुनी में मंगल वेध होगा। वहीं 28 अप्रैल को को उत्तरा फाल्गुुनी में मंगल वेध और हस्त में शनि वेध होनेसे 30 अप्रैल को स्वाति में राहु वेध होने से इन दिनों को शुभ मुहूर्त नहीं माना जाता।

मई में 5 मुहूर्त, 17 जून को पूरा होगा अधिमास

पंडित देवीदयाल शास्त्री के अनुसार मई महीने में 5 शुभ मुहूर्त योग बन रहा है। 3 मई को विवाह का शुभ योग बन रहा है। क्योंकि इस दिन अनुराधा नक्षत्र में सूर्यवेध योग है। वहीं 05, 06, 07, 08 मई के दिन शादियों के लिए काफी शुभ हैं। वहीं 12 मई को उत्तरा भाद्रपद में शनि की युति होने के कारण इसको शुभ नहीं माना गया है। 13 मई को भाद्रपद में शनि की युति के बाद रेवती में मृत्युबाण का योग मिलने के कारण यह विवाह के लिए सही नहीं है। 15 व 16 मई को मासांत दोष का प्रभाव रहेगा। वहीं 17 मई को अधिमास का आरंभ हो रहा है। क्योंकि अधिमास के दौरान मंगल कार्य नहीं होगे, ऐसे में 17 जून को यह समय पूर हो जाएगा। इसके साथ ही इस साल में शादियों के मुहूर्त तय होने से आप अपने कार्य व परिवार और रिश्तेदारियों में शादियों में शामिल होने की योजना बना सकते हैं।

19 जून से फिर बजेंगी शहनाई

पंडित दीपक शास्त्री का कहना है कि अधिमास की समाप्ति के बाद 19 जून से फिर विवाह मुूहूर्त शुरू हो रहे हैं। क्योंकि जून महीने में 19, 20, 21, 27, 28, 29 जून विवाह के लिए शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इसके बाद जून की तरह ही जुलाई महीने में विवाह कार्यों के लिए 4 दिन शुभ बन रहे हैं। इस महीने में 1, 6, 7 और 8 जुलाई को विवाह का मुहूर्त बन रहा है। क्योंकि 12 जलाई से शुक्र का वार्धक्य आरंभ होने जा रहा है। यह 15 जुलाई को शुक्र अस्त होने के बाद खरमास आरंभ होने के कारण मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। क्योंकि 25 जुलाई को हरिशयन एकादशी से चातुर्मास आरंभ होने जा रहा है। इसके बाद नवंबर महीने में विवाह शुरू होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button