Sariska Tiger Reserve : अलवर के राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता के साथ दिखे 4 शावक, राेमांचित हुए पर्यटक

22 साल में शून्य से 50 हुई संख्या, केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने जताई खुशी

Sariska Tiger Reserve : चीतों के संरक्षण के लिए देश में चलाई जा रही मुहिम रंग ला रही है। इसका असर हाल ही में राजस्थान के अलवर स्थित सरिस्का के जंगल में पर्यटकों ने जो नजारा देखा है, वह वास्तव में रोमांचित करने वाला है। यहां जंगल सफारी का आनंद लेने पहुंचने पर्यटकों ने एक मादा चीता के साथ 4 शावकों को देखा है। यह अपने आप में अद्भुत है। क्योंकि 2004 तक यहां एक भी टाइगर नहीं था। अब इनकी संख्या 50 हो गई है।

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघिन ST-19 को अपने चार शावकों के पानी पीते हुए देखा गया है। वहीं वन अधिकारियों का कहना है कि अब गर्मी बढ़ रही है। इससे वन्य जीव पानी के स्त्रोंतों के आसपास अधिक पहुंच रहे हैं। यह पहला मौका है कि जब सरिस्का टाइगर रिजर्व स्थित लिवारी ट्रैक पर एक साथ 5 टाइगरों को देखा गया है। अब जो नजारा सामने आया है, इसमें दिख रहा है कि बाघिन के शावक कुछ बड़े हो चुके हैं।

विदेशी पर्यटक भी हुए रोमांचित

राजस्थान में वन अधिकारियों के अनुसार यह रोमांचक नजारा शुक्रवार शाम को देखा गया। क्योंकि इस दौरान कई सारी पर्यटक सफारी पर पहुंचे थे। इस दौरान पर्यटकों ने देखा कि सरिस्का टाइगर रिजर्व स्थित भूरासिद्ध मंदिर के पास लिवारी ट्रैक पर मादा टाइगर अपने 4 शावकों के साथ थी। राजस्थान का यह टाइगर रिजर्व वन्य प्राणी प्रेमियों के लिए बहुत ही खास स्थान बना हुआ है। वहीं गर्मी के कारण वन्य प्राणी अब पानी के पास पहुंच रहे हैं। ऐसे में सरिस्का के बफर जोन में बने बाला किला के पास लिवारी सफारी ट्रैक पर विदेशी पर्यटकों देखा कि एक ही वाटर प्वाइंट पर बाघिन ST-19 और उसके चार शावक पानी में अठखेलियां कर रहे थे। लोगों ने 5 बाघों को एक साथ इतना जनदीक से देख कर काफी खुशी जताई। क्योंकि ऐसा नजारा अक्सर नहीं मिलता।

30 मिनट तक पानी में रहा बाघों का परिवार

पयर्टकों ने बताया कि यह बाघों का परिवार करीब 30 मिनट तक यहीं वाटर प्वाइंट पर अठखेलियां करता दिखा। इससे साफ है कि वन्य जीवों को गर्मी काफी परेशान कर रही है। यहां बाघिन के साथ पहुंचे चारों शावक अब कुछ बड़े हो चुके हैं। या यह कहें की वयस्क हो रहे हैं। देखने में यह बाघिन के बराबर ही नजर आ रहे थे। हालांकि जंगल के इस क्षेत्र में पहले भी बाघिन ST-19 को देखा जाता रहा है, लेकिन इस बार पूरे परिवार को लोगों ने एक साथ देखा है।

2004 में शून्य हो गई थी बाघों की संख्या

सरिस्का जंगल रिजर्व में वह सभी समय आया, जब बाघों की संख्या शून्य हो गई थी। अब फिर से यहां इनकी संख्या बढ़ने के कारण इसके लिए प्रयास कर रहे लोग भी काफी खुश हैं। राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने भी इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा कि 2004 में सरिस्का पूरी तरह से बाघाें से खाली हो गया था। तब रणथंभोर राष्ट्रीय उद्यान से बाघों को यहां लाया गया था। इससे यह अभियान सफल हो रहा है।

मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भी नए शावक

वहीं मध्यप्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भी नए शावक आए हैं। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा सोशल मीडिया पर जानकारी दी गई है। दरअल प्रोजेक्ट चीता के तहत यहां रखी गई नामीबियाई मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इससे देश में चीतों की संख्या 50 पार करते हुए 53 पहुंच गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि भारत में जन्मे स्वस्थ शावकों की संख्या 33 तक पहुंच गई है। ऐसे में यह सूचना देश में वन्य प्राणी विशेषकर चीतों की संख्या बढ़ाने वाले अभियान के लिए काफी सुखद है।

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