3 April 2026 Gold Silver Price : सोना चांदी फिर धड़ाम, लगातार चल रहा गिरावट का दौर
भू-राजनीति के चलते चल रही है अस्थिरता, पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत की तेजी
3 April 2026 Gold Silver Price : खाड़ी में चल रही अशांति का असर लगातार सोने व चांदी के भाव पर पड़ रहा है। दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार हलचल रही है। शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 की बात की जाए तो सोने की कीमतों में करीब 4 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम करीब 12 हजार रुपये कम हुई है। लगातार गिरते भाव के कारण जहां निवेशक चिंतित हैं, वहीं शादी विवाह के लिए सोना खरीने वालों को कुछ राहत है। बेशक सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन एक साल से इसकी तुलना की जाए तो कीमत करीब 80 प्रतिशत चढी हैं।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 को सुबह के समय 24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 46 हजार 608 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। हालांकि एक दिन पहले यानी वीरवार को भाव 1 लाख 50 हजार 853 रुपये रहा था। ऐसे में सोने की कीमतों में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है।
IBJA के अनुसार 3 अप्रैल को सोना 24 कैरेट 146608 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं 23 कैरेट सोने का भाव 146021 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। सोना 22 कैरेट प्रति 10 ग्राम 134293 रुपये तक रहा। 18 कैरेट सोने का भाव 109956 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि सोना 14 कैरेट सोना 85766 रुपये प्रति 10 ग्राम में बिका।
यह गिरावट कैरेट के अनुसार करीब 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक बनती है। वहीं 3 अप्रैल को सुबह चांदी का भाव प्रति किलेग्राम 227500 रुपये से शुरू हुआ। यह गिरावट करीब 5200 रुपये प्रति किलोग्राम है।
अप्रैल 2025 के मुकाबले कीमतें
सोने व चांदी की कीमतें पिछले 1 साल में काफी बदली हैं। हालांकि पिछले साल से ही इसमें तेजी देखी जा रही है। अप्रैल 2025 में जहां सोने की की कीमत प्रति 10 ग्राम 82450 और चांदी 95000 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सोना प्रति 10 ग्राम 127820 और चांदी 155000 प्रति किलोग्राम पहुंच गई।
इसके बाद जनवरी 2026 में सोने और चांदी ने जबरदस्त छलांग लगाई। सोना 183050 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था, जबकि चांदी का भाव प्रति किलोग्राम 420934 तक पहुंच गया। यह मूल्य वृद्धि वैश्विक बैंकिंग संकट और सप्लाई चेन के चलते हुई।
ऐसे में सोने का प्रदर्शन देखें तो अप्रैल 2025 के मुकाबले करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसी प्रकार इस एक साल में चांदी की बात की जाए तो यह 95000 प्रति किलो के मुकाबले 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। ऐसे में चांदी की वृद्धि 140 % से अधिक रही है।
भू-राजनीति के कारण अस्थिरता
विशेषज्ञों की मानेें तो यह अस्थितरता भू-राजनीति में चल रही उथल पुथल के कारण है। मध्य पूर्व में जब से तनाव चल रह है, कारोबारियों में चिंता है। काफी निवेशक शेयर बाजार की बजाय सोने में पैसे लगा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर के मुकाबले सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। वहीं नए दौर में चांदी की मांग औद्योगिक रूप से भी काफी बढ़ रही है। विशेषकर सौर ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने से चांदी की मांग भी बढ़ी है।
कारोबारियों में भी चिंता
सोने व चांदी की कीमतों में बड़े स्तर पर बदलाव के कारण कारोबारियों में भी चिंता है। भिवानी के ज्वैलर रामभगत के अनुसार अब नए ऑर्डर पूरी पूंजी पर लिए जा रहे हैं। क्योंकि सोना व चांदी कब कितनी पलटी मार दे कुछ नहीं का जा सकता। जितने वजन के ऑडर मिलते हैं, उतना ही सोना व चांदी बुक किया जाता है। व्यापारी इस स्थिति में नहीं है कि अपने हिसाब से खरीदारी कर ले।










