Arbitrariness Of Private Schools : हरियाणा में निजी स्कूलों की मनमानी शिक्षा विभाग से छिपाया फीस का ब्योरा

महज 26. 46 प्रतिशत स्कूलों ने ही दी जानकारी, फार्म 6 नहीं भरने वाले स्कूलों में मान्य होगी पुरानी फीस

Arbitrariness Of Private Schools : नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में हर बार की तरह ही इस बार भी सत्र शुरू होने के साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी सामने आने लगी हैं। यह मनमानी है सरकारी नियमों के तहत फीस की जानकारी देने का। हालांकि जो स्कूल यह जानकारी फार्म-6 भर कर शिक्षा विभाग को नहीं भेजते, उनको फीस बढ़ने का अधिकार नहीं होता। इसके बावजूद प्रदेश के कई स्कूलों में बिना फार्म – 6 भरे ही फीस बढ़ा दी है। इससे अभिभावकों में नाराजगी है। हालांकि अब शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों को चेतावनी दी गई है।

1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। अब इसमें महज 2 दिन ही बचे हुए हैं। अभी तक प्रदेश के 6788 निजी स्कूलों ने फार्म- 6 नहीं भरा है। या यूं कहें कि इन स्कूलों ने अपने यहां दी जा रही सुविधाओं और फीस की जानकारी शिक्षा निदेशालय को भेजने की जहमत नहीं नहीं उठाई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि अभी तक सिर्फ केवल 26.46 प्रतिशत स्कूलों ने ही फार्म -6 भर कर अपनी जानकारी शिक्षा विभाग को उपलब्ध करवाई है।

पोर्टल पर अपलोड की जानी है जानकारी

यह जानकारी निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड की जानी होती है। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा आदेश भी जारी किए गए हैं। इसके तहत सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को यह जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। इसके बावजूद काफी निजी स्कूलों द्वारा इस व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है।

यह स्कूल अपनी फीस की व्यवस्था शिक्षा विभाग को नहीं बता रहे हैं। इसी के चलते ही अब तक 6788 निजी स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने अपने स्कूल की सुविधाओं और फीस का ब्योरा शिक्षा विभाग के निदेशालय को नहीं भेजा गया है।

9230 निजी स्कूल

प्रदेश में 9230 मान्यता प्राप्त स्कूल हैं। इसमें से महज 2442 ने फार्म नंबर-6 भरा है। बाकी बचे 6788 ने अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है। इनमें से अधिकतर स्कूलों ने शिक्षा विभाग की यह बात नहीं मानी है। क्योंकि अभी तक महज 26.46 प्रतिशत निजी स्कूलों द्वारा ही निर्धारित फार्म नंबर-6 भर कर अपलोड किया गया है। करीब 74 प्रतिशत निजी स्कूलों ने इसको जरूरी नहीं समझा है।

स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की योजना

अब स्कूलों द्वारा यह जानकारी नहीं देने पर शिक्षा विभाग सख्त है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख कर आदेश दिए गए हैं। इसमें 31 मार्च तक अपने जिले के हर निजी स्कूल का डाटा अपलोड करवाने को कहा गया है। यह काम हर हाल में तय समय में करना होगा। क्योंकि ऐसा नहीं होने पर निदेशालय ने साफ कर दिया है कि सख्ती से निपटा जाएगा।

सख्ती या दिखावा

हालांकि अलग-अलग मामलों में शिक्षा विभाग कई बार निजी स्कूलों पर सख्ती के लिए आदेश देता है, किंतु अक्सर यह सिर्फ दिखावा ही रह जाती है। क्योंकि सरकार द्वारा छुट्टी की घोषणा के बाद भी कई स्कूल कक्षाएं चलाते रहते हैं। पिछले साल इसके चलते बड़ी दुर्घटना भी हो गई थी। इसके बावजूद निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं।

किस जिला में कितने स्कूलों ने दी जानकारी

जिलावार बात की जाए तो फरीदाबाद जिला के कुल 1372 स्कूलों में से 274 स्कूलों ने ही जानकारी दी है। ऐसे में 1098 स्कूल अभी तक जानकारी देने में असमर्थ रहे हैं। वहीं गुरुग्राम जिला में कुल 583 स्कूलों में से 115 स्कूलों ने ही फार्म – 6 भरा है। 468 स्कूलों ने शिक्षा विभाग को जानकारी नहीं दी है।

पलवल जिला की बात की जाए तो 574 में से 97 स्कूलों द्वारा फार्म -6 भरा गया है। 477 स्कूलों ने फार्म 6 नहीं भरा है। नूंह जिला में 227 स्कूल हैं। इनमें से 52 ने फार्म 6 भरा है और 175 ने नहीं भरा। चरखी दादरी जिला के 161 स्कूलों में से 37 स्कूलों ने जानकारी दी है। 124 स्कूलों ने अपनी फीस और सुविधाओं की जानकारी सरकार को नहीं दी।

वहीं हिसार जिला में 646 निजी स्कूलों में 245 स्कूलों ने जानकारी दी है और 401 स्कूलों की जानकारी लंबित है। पानीपत जिला में कुल 509 निजी स्कूल हैं। इनमें से महज 145 ने ही निर्धारित फार्म भर कर जानकारी दी है। वहीं 364 निजी स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है।

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