Difference Between png cng lpg and lng : क्या होता है LPG, PNG, LNG और CNG में अंतर

इंधन का एक स्वरूप, अलग-अलग प्रयोग के बारे में जानें

Difference Between png cng lpg and lng : ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल के चल रहे युद्ध के बीच विभिन्न प्रकार के ईंधन की आपूर्ति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विश्व भर के देश ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अलग-अलग प्रकार की गैसों का काफी जिक्र आता है। इनमें क्या अंतर होता है और प्रयोग किस प्रकार अलग होता है, आइए इसके बारे में जानते हैं।

जब से ताजा स्थिति बनी हुई है, लोगों को एलपीजी की जगह पीएनजी का विकल्प सुझाया जा रहा है। सरकार द्वारा भी यह कहा जा रहा है कि लोग एलपीजी की जगह पीएनजी का प्रयोग करें। ऐसे में लोगों को एलपीजी, पीएनजी, एलएनजी और सीएनजी जैसे शब्द काफी सुनने को मिल रहे हैं। इन चारों में क्या अंतर होता है, यह सभी को नहीं पता है।

पेट्रोलियम गैस और कोयला मुख्य ऊर्जा के साधन

विश्व भर में पेट्रोलियम, गैस और कोयल मुख्य रूप से ऊर्जा के साधन हैं। हालांकि कोयले का प्रयोग अब कम हाेने लगा है। अधिकतर दुनिया पेट्रोलियम और गैस पर ही निर्भर है। कच्चे तेल से अलग-अलग प्रकार के तेल तैयार हाेते हैं। इसमें मुख्य रूप से पेट्रोल, डीजल, कैरोसिन तेल, या एविएशन ईंधन शामिल हैं।

हालांकि पहले के जमाने में कोयला बहुत अधिक महतवपूर्ण था, लेकिन जैसे-जैस विकास हुआ है, पेट्रोलियम पदार्थों ने इसकी जगह ली है। आजकल सोलर ऊर्जा का प्रयोग भी बढ़ृ रह है। बिजली बनाने के लिए भी बड़े स्तर पर कोयला, गैस जैसे ईंधनों को प्रयोग किया जाता है। ऐसे में इन सभी पर मानव की निर्भरता अधिक रहती है।

सबसे अधिक प्रचलित शब्द है एलपीजी

आजकल लोग सबसे अधिक एलपीजी को जानते हैं। क्योंकि यह गैस खाना बनाने में सबसे अधिक प्रयोग देश में हो रही है। इसका पूरा नाम लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी होता है। देश में अधिकतर जगह खाना बनाने में इसी गैस का प्रयोग होता है।

एलपीजी के विभिन्न आकार और रंगों के सिलेंडर घरों, होटलों और स्ट्रीट फूड में भी प्रयोग होते मिलते हैं। एलपीजी को प्रोपेन और ब्यूटेन नामक गैसों को मिलाकर तैयार किया जाता है। क्योंकि यह गैस लिक्विड यानी तरल रूप में होती है, इसलिए इसको लिक्विड भी कहा जाता है। इसके लिए विभिन्न जगहों पर बोटलिंग प्लांट हैं, जहां से सिलेंडरों भर कर देश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचाया जाता है।

पीएनजी गैस के बारे में

दूसरे नंबर पर आती है पीएनजी। इसको लेकर आजकल सरकार भी जोर दे रही है कि इसका प्रयोग बढ़ाया जाए। देश भर के शहरी क्षेत्रों में पाइप के जरिये यह गैस लोगों की रसोई तक पहुंचाई जा रही है। पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस होती है। यह मीथेन गैस होती है, जो पाइप लाइन से आती है। इस गैस को सिलेंडर से नहीं भेजा जाता। ऐसे में इसको पाइप्ड नेचुरल गैस कहते हैं। इससे लोगों को सिलेंडर से छुटकारा मिल जाता है। इसलिए इसको एलपीजी से काफी बेहतर माना जाता है।

उद्योगों में होता है एलएनजी का प्रयोग

तीसरे नंबर पर जिक्र आता है एलएनजी का। यह लिक्वेफाइड नेचुरल गैस होती है। इसका प्रयोग खाना बनाने के लिए नहीं होता है। हालांकि बड़े उद्योगों के लिए यह महत्वपूर्ण ऊर्जा माध्यम है। एलएनजी का प्रयोग बिजली बनाने और जहाजों के लिए भी किया जाता है। सामान्य रूप् से इससे आम आदमी का वास्ता नहीं पड़ता।

गाड़ियों में प्रयोग होती है सीएनजी

सीएनजी यानी कंप्रेस्ड नेचुरल गैस होती है। यह प्राकृतिक गैस होती है और इसका प्रयोग मुख्य रूप से वाहनों में किया जाता है। यह गैस डीजल के मुकाबले काफी बेहतर जाती है। क्योंकि इसको स्वच्छ ईंधन के रूप में जाना जाता है। इस गैस को भी सिलेंडर के माध्यम से ही गाड़ियों में प्रयोग किया जाता है।

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