Kerala High Speed Rail Corridor : 465 किलोमीटर होगा केरल हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, बनेंगे 20 स्टेशन
तैयार की गई संशोधित योजना, एसी चेयर कार के बराबर होगा किराया !
Kerala High Speed Rail Corridor : देश में बुलेट ट्रेन का सपना साकार होने की दिशा में एक और कदम बढ़ा है। इसके तहत केरल हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर परियोजना तैयार की गई है। यह कॉरिडोर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से लेकर कन्नूर तक बनाया जाना है। हालांकि इसकी योजना में पथानामथिट्टा और मलप्पुरम को भी शामिल किया गया है। यह कॉरिडोर करीब 465 किलोमीटर होगा। इस पर 200 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेन का संचालन हो सकेगा। यह यात्रा इस परियोजना पर करीब 56500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसको लेकर पिछले महीने ही मेट्रो मैन ई श्रीधरन ने कई विशेष जानकारियां दी थी। इसके तहत बदला हुआ अलाइनमेंट, स्टेशनों की स्थिति और अनुमानित टिकट किराया शामिल है। तिरुवनंतपुरम – कन्नूर के बीच यात्रा का समय भी अनुमानित किया गया है। 465 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 20 स्टेशन बनाए जाने हैं। मुख्य स्टेशनों पर ट्रेन का ठहराव 2 मिनट का होगा।
योजना में हुआ बदलाव
ई श्रीधरन द्वारा अब इस प्रस्तावित रेल कॉरिडोर के लिए संशोधित प्रस्ताव की जानकारी दी है। इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। इससे परियोजना पहले से अधिक तेजी से होगी और खर्च भी कम लगेगा। क्योंकि इसका अधिकतर हिस्सा एलिवेटिड या सुरंगों से होगा। ऐसे में जमीन अधिग्रहण संबंधित जटिलताएं कम होंगी। तिरुवनंतपुरम – कन्नूर के लिए तैयार इस परियोजना में अब पथानामथिट्टा और मलप्पुरम को भी शामिल कर लिया गया है।
एसी चेयर कार के बराबर होगा किराया
इस परियोजना में लोगों की उत्सुकता किराये में अधिक है। ऐसे में ई श्रीधरन ने कहा कि इस परियोजना में बिजली का उत्पादन इसको संचालित करने वाली कंपनी द्वारा स्वयं ही किया जाएगा। ऐसे में परिचालन ऊर्जा लागत के एक-तिहाई हिस्से की बचत होगी। हाई-स्पीड रेलवे एक सर्विस ओरिएंटेड सिस्टम बनेगा। इसके लिए किराए का निर्धारण न्यूनतम व्यवहार्य स्तर पर तय होगा। अनुमान है कि एसी चेयर कार किराए के बराबर किराया हो सकता है।
केरल सरकार बना रही क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना
एक ओर इस परियोजना पर काम चल रहा है, वहीं केरल की राज्य सरकार द्वारा अलग से क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना बनाई जा रही है। इसी समय में हाई स्पीड रेल कॉरिडाेर की यह अपडेट सामने आई है। केरल की पिनाराई विजयन सरकार द्वारा क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर (आरआरटीसी) को सैद्धांतिक मंजूरी भी दी जा चुकी है। हालांकि इसको अलग-अलग चरण में तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक संचालित किया जाना है। इससे क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली विकसित होगी। इसमें होने वाले खर्च के शुरूआती कामों के लिए सरकार द्वारा बजट की व्यवस्था भी की गई है।
अलग-अलग हैं योजना
इसको लेकर ई श्रीधरन का कहना है कि यह दोनों योजनाएं अलग-अलग हैं। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर उच्च गति और एलिवेटेड संरचना के माध्यम से लागत नियंत्रित पर आधारित है। इसके विपरीत राज्य सरकार की आरआरटीसी योजना से प्रमुख शहरी केंद्रों को आपस में जोड़ा जाना है। यह एक समेकित क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था के रूप में पेश की गई है। हालांकि इन दोनों ही परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अंतिम रूप में सामने नहीं आ पाई है। इसके आधार पर ही इनका निर्धारण होगा।










