Lalgarh-Bathinda Rail Line Doubling : राजस्थान-पंजाब के बीच 320 KM तक डाली जाएगी नई रेल लाइन, 3455 करोड़ रुपये आएगा खर्चा
लालगढ़ से बठिंडा के बीच रेलवे लाइन का होगा दोहरीकरण, यात्रियों को होगा लाभ, माल ढुलाई होगी तेज
Lalgarh-Bathinda Rail Line Doubling : बठिंडा – लालगढ़ के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि इस रेलवे लाइन का अब दोहरीकरण किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान रेलवे लाइन के साथ ही दूसरी नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इस पर 3455 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए केंद्रीय मंत्री परिषद ने मंजूरी भी दे दी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस परियोजना पर इसी साल काम शुरू हो जाएगा। इससे परियोजना को गति मिलने जा रही है। बठिंडा- लालगढ़ खेल खंड उत्तर पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। यह रेल मार्ग बहुत ही अहम है। रेलवे द्वारा 3455 करोड़ रुपये से 320.17 किलोमीटर लंबी रेल लाइन डाली जाएगी। हालांकि इस परियोजना के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण का कार्य भी हो चुका है। अब काम शुरू होने का इंतजार है।
1 महीना पहले मंजूर हो चुकी है डीपीआर
गौरतलब है कि इस परियोजना को लेकर रेलवे मंत्रालय काफी गंभीरता से काम कर रहा है। क्योंकि रेलवे बोर्ड की परियोजना मूल्यांकन समिति द्वारा परियोजना की डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को 20 फरवरी को स्वीकृति भी दी जा चुकी है।
इसके बाद रेलवे बोर्ड द्वारा इस परियोजना के लिए बजट अनुमोदन का लिए प्रस्ताव तैयार कर नीति आयोग के पास भेज दिया है। इस परियोजना को शुरू होने पर अब नीति आयोग की स्वीकृति ही बची हुई है। हालांकि इसके लिए रेलवे बोर्ड की परियोजना मूल्यांकन समिति ने 3455 करोड़ रुपये के एस्टीमेट मंजूरी दी है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) नीति आयोग को भेजी गई है।
डलेगी नई रेल लाइन, बनेंगे पुल
इस परियोजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा वर्तमान रेलवे लाइन के साथ ही करीब 320 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इसी परियोजना के तहत कई पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। बठिंडा-हनुमानगढ़-सूरतगढ़-लालगढ़ रेलखंड के दोहरीकरण से यात्रियों को खास लाभ होगा। साथ ही माल ढुलाई भी मजबूत होगी।
इससे रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी। क्योंकि 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए नीति आयोग से अनुमोदन और स्वीकृति लिया जाना जरूरी है। अब रेलवे को सरकार की औपचारिकताएं बाकी हैं। इनके पूरा होने के बाद ग्राउंड पर काम शुरू होगा। इसके लिए काम चल रहा है।
महत्वपूर्ण कॉरिडोर से बढ़ेगी मामल ढुलाई
यह रेल मार्ग फिलहाल सिंगल रेल लाइन होने के कारण माल गाड़ियों के साथ-साथ माल ढुलाई भी प्रभावित होती है। क्योंकि सूरतगढ़ थर्मल पावर स्टेशन तक कोयला पहुंचने के लिए मालगाड़ियों का आनाजाना लगा रहता है। इसके कारण प्रतिदिन कोयले के करीब 10 रैक की सूरतगढ़ थर्मल तक आते हैं।
साथ ही गुजरात का कांडला बंदरगाह से भी माल इसी मार्ग से पंजाब और दिल्ली को जाता है। ऐसे में यह रूट काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। देश में धीरे-धीरे सिंगल रेलवे लाइन को डबल किया जा रहा है। इसके लिए चरणबद्ध रूप से काम चल रहा है। इसी परियोजना के तहत अब इस रेलवे लाइन को डबल किया जा रहा है।
अन्य रेल मार्ग भी दोहरीकरण की योजना
इस योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 1412.3 किलोमीटर लाइन का दोहरीकरण किया जाना है। इसमें से बठिंडा – बीकानेर तक 320.17 किमी शामिल है। इसके अलावा लालगढ़ – जैसलमेर 314 किलोमीटर, 172 किलोमीटर मेड़ता रोड से बीकानेर और खेड़ा से हिसार 42.04 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग को दोहरा किया जाएगा।
बीकानेर मंडल के सीनियर डीसीएम भूपेश यादव के अनुसार बठिंडा-लालगढ़ रेल लाइन दोहरीकरण प्रोजेक्ट की डीपीआर को स्वीकृति मिल चुकी है। अब नीति आयोग से स्वीकृति मिलनी बाकी है। इसके बाद दोहरीकरण का काम शुरू होगा। यह परियोजना यात्रियों के साथ- साथ माल ढुलाई भी बेहतर होगी।यह रेल लाइन न सिर्फ इस क्षेत्र के लिए किंतु पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण होगी। अब इस पर काम शुरू होने जा रहा है।










