Pratik Mudgal Achieved 54th Rank In UPSC : दादा ने कहा था आईएएस बन जाओ, सब तुम्हें जानेंगे, अलीगढ़ के प्रतीक ने पहले ही प्रयास में पाया 54वां रैंक

चाय की टपरी पर बातें करना और किताबें पढ़ना हैं प्रतीक के शौक, नहीं ली कोचिंग स्वयं की तैयारी

Pratik Mudgal Achieved 54th Rank In UPSC : देश की सबसे प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा पहचान बनाने के लिए अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। इसका अंदाजा अलीगढ़ के प्रतीक मुद्गल से लगाया जा सकता है। क्योंकि उनके दादा ने कहा था आईएएस बन जाओ सभी तुम्हें जानेंगे। यह वाक्य प्रतीक के लिए ऐसे प्रेरणा स्त्रोत बना कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 54वां रैंक प्राप्त कर आईएएस की सीट पक्की कर ली।

प्रतीक मुद्गल ने इस परीक्षा के लिए कभी कोचिंग नहीं ली। स्वयं ही तैयारी की और पहले ही प्रयास में 54वां रैंक प्राप्त कर लिया। प्रतीक मुद्गल का परिवार अलीगढ़ में मानसरोवर कालोनी में रहता है। पिता एडवोकेट हैं और बार एसोसिएशन में सचिव भी रह चुके हैं। अब प्रतीक की सफलता ने परिवार को नई पहचान दी है। इससे पूरे परिवार में खुशी की लहर है।

बीए एलएलबी पास हैं प्रतीक

प्रतीक मुद्गल पढ़ाई में काफी अच्छे रहे हैं। यही कारण है कि उन्होंने यूपीएससी जैसी कड़ी परीक्षा बिना कोचिंग के पास की है। वह भी 54वां रैंक लेकर। इसके लिए उन्होंने सेल्फ स्टडी को अपनाया और सफलता प्राप्त की। अब 24 वर्षीय प्रतीक अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्त्राेत बन गए हैं। उन्हाेंने अपनी मेहनत के बल पर यह परीक्षा परिणाम दिया है। प्रतीक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता एडवोकेट हैं तो मां गृहणी हैं। प्रतीक ने सीनियर सैकेंडरी परीक्षा वर्ष 2019 में संत फितेलिस स्कूल से की और इसके बाद एएमयू से बीएएलएलबी की डिग्री 2024 में प्राप्त की।

दिल्ली में की सेल्फ स्टडी

प्रतीक मुद्गल को आईएएस बन कर अपनी पहचान बनानी थी। ऐसे में उन्होंने दिल्ली का रूख किया। यहां कमरा किराये पर लेकर किराए का कमरा लेकर सेल्फ स्टडी करते हुए सिविल परीक्षा की तैयार की। हालांकि यूपीसीडीएस की परीक्षा में 19वीं रैंक रहा, लेकिन इसको छोड़ दिया। क्योंकि उनके कानों में दादा के वे शब्द गूंज रहे थे। आईएएस बनने के लिए उन्होंने मेहनत जारी रखी और अब इसका परिणाम आ गया है।

चाय की टपरी पर बातें करना और कितबें पढ़ना है पसंद

प्रतीक कहते हैं कि उन्हें फिल्म देखना और किताबे पढ़ना काफी पसंद है। इसके अलावा उन्हें चाय की टपरी पर बातें करना भी काफी पसंद है। बचपन से ही उनकी रूचि किताबों में रही है। वे दर्शनशास्त्र, राजनीति, इतिहास जैसी किताबों को बढ़ते रहते थे। इसके अलावा फिल्में देखने का भी काफी शौक रहा। वहीं चाय की टपरी या दुकान पर बैठ कर बातचीत करना प्रतीक को पसंद रहा है। इससे काफी व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होता है।

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