Weather update : पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में आंधी-बारिश की संभावना, 15 मार्च के बाद बदलेगा मौसम

Weather update : मार्च का महीना धीरे-धीरे उत्तर भारत के मौसम को एक नए दौर की ओर ले जा रहा है। सर्दियों की ठंडी हवाएं अब लगभग खत्म हो चुकी हैं और गर्मी की हल्की आहट महसूस होने लगी है। हालांकि मौसम में इस बदलाव के बीच वायुमंडल के ऊपरी हिस्सों में कुछ ऐसी गतिविधियां शुरू हो गई हैं, जो आने वाले दिनों में मौसम के मिज़ाज को बदल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले समय में उत्तर भारत का मौसम दो अलग-अलग चरणों से गुजर सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल उत्तर भारत के मौसम पर एक स्थिर दबाव प्रणाली का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण मैदानी इलाकों में मौसम ज्यादा नहीं बदल रहा। इसी बीच पश्चिम एशिया की ओर से दो कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। पहला सिस्टम 9 से 10 मार्च के आसपास और दूसरा 12 से 13 मार्च के बीच असर दिखा सकता है।

Weather update : पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के आसार

इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में मौसम में हलचल देखने को मिल सकती है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी की संभावना है। वहीं मध्य और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की फुहार या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है, हालांकि इसका असर बहुत व्यापक नहीं होगा।

यदि मैदानी राज्यों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम सूखा रहने की संभावना है। 9 मार्च के बाद आसमान में ऊंचाई वाले बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम ही रहेगी।दरअसल पश्चिमी भारत और पाकिस्तान के ऊपर इस समय एक मजबूत हाई प्रेशर सिस्टम सक्रिय है, जो पूरे क्षेत्र के मौसम को स्थिर बनाए हुए है। जब तक यह दबाव प्रणाली बनी रहती है, तब तक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस मैदानी इलाकों में ज्यादा असर नहीं दिखा पाते।

Weather update : 15 मार्च के बाद मौसम में बड़ा बदलाव संभव

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च के मध्य तक पहुंचते-पहुंचते मौसम का रुख बदल सकता है। वैज्ञानिक वैश्विक मौसम प्रणाली MJO (मैडेन जूलियन ऑस्सिलेशन) पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो भारतीय महासागर के आसपास सक्रिय होने की ओर बढ़ रही है। इसके सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ती है और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस को भी अधिक ताकत मिलती है। इसी दौरान 15 मार्च के आसपास एक मध्यम श्रेणी का वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत की ओर बढ़ सकता है। यह सिस्टम पहले के मुकाबले ज्यादा प्रभावी हो सकता है और मौजूदा हाई प्रेशर सिस्टम को कमजोर कर सकता है।

15 से 17 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में व्यापक बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी देखने को मिल सकती है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में सतही गर्मी और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ सकती है। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर और मध्य राजस्थान तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सभी जगहों पर इसका असर एक समान नहीं रहेगा।

Weather update Snowfall in the mountains, possibility of storm
Weather update Snowfall in the mountains, possibility of storm

Weather update : 18 से 20 मार्च के बीच एक और सिस्टम सक्रिय होने के संकेत

प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि 18 से 20 मार्च के बीच एक और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत की ओर आ सकता है। यदि यह सिस्टम धीमी गति से आगे बढ़ता है तो मौसम की गतिविधियां और ज्यादा क्षेत्रों में फैल सकती हैं। इस दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

Weather update : मार्च के अंत तक सक्रिय रह सकता है मौसम

मौसम संकेतों के अनुसार 20 मार्च से 5 अप्रैल के बीच उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की गतिविधियां काफी सक्रिय रह सकती हैं। इस दौरान बार-बार मौसम प्रणालियां बनने से कई इलाकों में बादल, बारिश और तापमान में गिरावट जैसे हालात बन सकते हैं। इससे कुछ दिनों के लिए हल्की ठंडक का अहसास भी हो सकता है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

जिन क्षेत्रों में फसलें पकने के करीब हैं, वहां किसानों को समय रहते कटाई की तैयारी कर लेनी चाहिए। क्योंकि बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे ये मौसम प्रणालियां करीब आएंगी, पूर्वानुमान और अधिक स्पष्ट होता जाएगा।

Weather update : हरियाणा में 12 मार्च तक मौसम रहेगा खुश्क

हरियाणा में कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार राज्य में सामान्यतः 12 मार्च तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 8 मार्च की रात से 11 मार्च के बीच कहीं-कहीं आंशिक बादल छाने की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में हवाओं की दिशा बदल सकती है और हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने के आसार हैं। दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button