Survey For gas and oil : पंजाब में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज शुरू, पोटाश के मिल चुके हैं भंडार
ऊर्जा क्षेत्र का हब बनने की राह पर पंजाब, सर्वेक्षण के बाद साफ होगी स्थिति
Survey For gas and oil : पंजाब का नाम आते ही देश के समृद्ध और अन्न भंडार क्षेत्र की तस्वीर हमारे सामने उभरने लगती है। अब पंजाब इससे भी आगे बढ़ने वाला है। क्योंकि पंजाब में अब प्राकृतिक गैस और तेल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। तेल की खोज के लिए यहां पर सर्वेक्षण भी शुरू हो चुका है। करीब एक साल पहले ही पंजाब में पोटाश के तीन प्रमुख भंडार मिले थे। ऐसे में अब पंजाब ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनी खास पहचान बनने की राहत पर है।
इसको लेकर पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को घोषणा की है। इससे पहले उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत हाइड्रोकार्बन महानिदेशक (डीजीएच) एवं ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। पंजाब में प्राकृतिक गैस और तेल की संभावनाओं को तलाशने के लिए ही यह प्रतिनिधि मंडल चंडीगढ़ पहुंचा था। अब पंजाब के अलग-अलग जिलों में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की पहचान के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण किया जाना है।
पंजाब के आर्थिक विकास में जुड़ेगा नया आयाम
चूंकि पंजाब में पहले ही पोटाश की संभावनाएं चिन्हित की जा चुकी हैं और अब प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की खोज की योजना है। ऐसे में यह नई पहल पंजाब के आर्थिक विकास में नया अध्याय जोड़ेगी। पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल के अनुसार हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज से राज्य के आर्थिक विकास में नया आयाम जुड़ने की संभावना है।
इस दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल आफ हाइड्रोकार्बन (डीजीएच) के साथ आयल इंडिया लिमिटेड (ओआइएल) के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे हुए हैं। इसमें डीजीएच के एचओडी अजय कुमार शर्मा, डीजीएम सुरेंद्र कुमार दास और ओआइएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनूप कुमार विशेषतौर पर मौजूद हैं। इस परियोजना को सरकार द्वारा मिशन अन्वेषण नाम दिया गया है।
किया जाएगा 2डी सिस्मिक सर्वे
पंजाब में प्राकृतिक गैस और तेल की संभावनाओं को तलाशने के लिए चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। क्योंकि केंद्र सरकार के निर्देश पर ओआइएल द्वारा पंजाब में 2डी सिस्मिक सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे से जमीन के नीचे की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन कर तेल और गैस की की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा।
दरअसल यह 2डी (2D) भूकंपीय सर्वेक्षण होता है। इसके तहत जमीन के नीचे की संरचना का पता लगाने के लिए ध्वनि तरंगों या विस्फोट को छोड़ा जाता है। तरंगें के चट्टानों से टकराकर वापस आने वाली प्रतिध्वनि को जियोफोन से रिकॉर्ड कर अध्ययन किया जाता है।
कहां होगा सर्वे
पंजाब में प्राकृतिक गैस और तेल की संभावनाएं तलाशने के लिए मुक्तसर साहिब, फरीदकोट, बठिंडा, जालंधर, मोगा के साथ कपूरथला जिलों का चुनाव किया गया है। इस दौरान सिस्मिक सर्वेक्षण कर इसका वास्तविक भू-वैज्ञानिक डाटा एकत्रित होगा। इसके अध्ययन के बाद ही यहां की स्थिति का पता लगेगा।










