Sujeet Kalkal : हरियाणा का यह पहलवान बना विश्व कुश्ती किंग, अब ओलंपिक पदक पर दाव की तैयारी

संघर्ष की मिट्टी से मेहनत के मैट पर चमका सुजीत कलकल

Sujeet Kalkal : यूं तो हरियाणा ने हर क्षेत्र में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन बात की जाए कुश्ती को तो हरियाणा के पहलवानों की देश में अपनी पहचान है। अब इसमें नया नाम उभरा है सुजीत कलकल। हालांकि भारतीय कुश्ती में सुजीत कलकल नया नाम नहीं है, लेकिन विश्व के नंबर एक रैंकिग पाने वाले इस खिलाड़ी का डंका अब विश्व भर में बज रहा है।

सुजीत कलकल हरियाणा के चरखी दादरी जिला के इमलोटा गांव से आते हैं। 5 नवंबर 2002 को जन्मे यह फ्रीस्टाइल पहलवान भारत को भविष्य में ओलंपिक पदक पक्का करने की उम्मीद है। क्योंकि पहलवान सुजीत कलकल लगातार एक के बाद एक सफलता के नए अध्याय अपने करियर में जोड़ रहे हैं। देश के लिए लगातार मेडल जीत रहे सुजीत अब कुश्ती की विश्व रैंकिंग में नंबर 1 पर आ गए हैं।

देश में खुशी का माहौल

सुजीत कलकल को अपने शानदार खेल के दम पर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की नई रैंकिंग में टॉप पर जगह मिली है। यानी वे दुनिया के नंबर 1 पहलवान बन चुके हैं। इससे उनके जिले दादरी के साथ-साथ देश भर में खुशी का माहौल है। उन्होंने 65 किलोग्राम भार वर्ग फ्री स्टाइल कुश्ती करते हुए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतने वाले सुजीत कलकल अब भारत के लिए ओलंपिक में मेडल की आस बन गए हैं।

लगातार 6 गोल्ड मेडल जीत कर बनाई अपनी जगह

सुजीत कलकल आज किसी परिचय के मोहताज नहीं रहे गए हैं। उनके पिता और कोच दयानंद कलकल के अनुसार वे फिलहाल शानदार लय में प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब एक साल में सुजीत कलकल ने जिस भी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है, वहीं स्वर्णिम प्रदर्शन किया है।

अपने खास दाव से विरोधियों पर भारी हैं सुजीत

पहलवान सुजीत कलकल ने अपने कुछ खास दाव से विरोधियों को चित करने की रणनीति बनाई है। वे मुख्य रूप से डबल लेग होल्ड, फीतले बांधना और भारंदाज दाव से विरोधियों को हरा रहे हैं। 1 साल में वे 6 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। 2025 में सीनियर वर्ल्ड रैंकिंग में दो बार गोल्ड मेडल जीते।

इसके बाद अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं विश्व सीनियर रैंकिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 2 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। सीनियर एशियन चैंपियनशिप में अब फिर से उन्होंने स्वर्ण दाव लगाया है।

देश के युवाओं के लिए प्रेरणा

सुजीत कलकल जहां देश भर में अपनी पहचान बना चुके हैं, वहीं देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन कर उभरे हैं। क्योंकि अब हर किसी को यह लग रहा है कि सुजीत में ओलिंपिक पदक जीतने का मादा है। वे विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी बने हैं, इससे देश को भी उम्मीद बंधी है। इससे अन्य युवाओं में भी खेल और कुश्ती के प्रति विश्वास बढ़ेगा।

Sujeet Kalkal: This wrestler from Haryana became the world wrestling king
हरियाणा का यह पहलवान बना विश्व कुश्ती किंग, अब ओलंपिक पदक पर दाव की तैयारी

JEE की तैयारी छोड़ वर्ल्ड चैंपियनिशप में जीता गोल्ड

आमतौर पर पहलवान का नाम आते ही लोग सोचते हैं कि इतनी मेहनत के साथ पढ़ाई नहीं हो पाती होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। क्योंकि सुजीत कलकल ने इस मिथक को तोड़ दिया है। जहां एक ओर अब कुश्ती में सुजीत कलकल का कोई सानी नहीं बचा है, वहीं वे पढ़ाई में भी काफी अच्छे रहे।

क्योंकि 12वीं की परीक्षा में उन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर अपनी मेहनत को दिखा दिया। हालांकि उन्होंने जेईई जैसी परीक्षा की तैयारी की भी योजना बनाई, लेकिन इंजीनियरिंग को छोड़ कर कुश्ती में अपना करियर बना लिया।

1 साल से अजेय रहे हैं कलकल

सुजीत कलकल पिछले 1 साल से अजेय पहलवान रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सर्किट में 65 किलोग्राम वर्ग में कोई भी पहलवान उनके सामने टिक नहीं पाया है। उनका कहना है कि वे स्वयं को ही अपना सबसे अधिक पसंदीदा व्यक्ति मानते हैं। सुजीत कलकल कुश्ती में रक्षात्मक रणनीति के साथ खेलने वाले पहलवान हैं। इसको ही अपनी सबसे बड़ी विशेषता बनाया है।

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