Success Story : बिहार की गीता ने अपने कर्म से लिखा सफलता का सार, खड़ा कर दिया लाखों का कारोबार

लॉकडाउन के दौरान पंजाब में फंसा पति, कठिनाइयों में ढूंढ ली कामयाबी की राह

Success Story : आपदा में अवसर कहावत तो आपने बहुत सुनी होगी, लेकिन कुछ लोगों ने इसको सही में करके दिखा दिया है। इनमें से ही एक हैं बिहार के शिवहर जिला के छोटे से गांव निवासी गीता देवी। गीता देवी ने आपदा में ऐसा अवसर तलाशा की आज उनकी सफलता की कहानी हर कोई जानना चाहता है। क्योंकि गीता देवी का कारोबार आज देश भर में चर्चित हो गया है।

इसकी शुरूआत उन्होंने कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान की थी। आज उनका कारोबार सालाना 35 लाख रुपये का हो गया है। आज गीता देवी ने आइसक्रीम का इतना बड़ा सैटअप लगा दिया कि वे अपने आप में एक ब्रांड बन गई हैं। हालांकि इसकी शुरूआत कोविड लॉकडाउन के दौरान हुई, जब वे आर्थिक कठिनाइयों से जूझते हुए आगे बढ़ी।

जीवन की मुश्किल ने दिखाई राह

गीता देवी के कारण आज उनके गांव हथसर ने देश भर में पहचान बना ली है। यह गांव बिहार के शिवहर जिले में पूर्णिया विकास खंड में आता है। गीता देवी के प्रयासों के कारण आज उनके साथ-साथ कई अन्य परिवारों का भी रोजगार चल रहा है। यहां पर गीता देवी ने 2020 में घर से ही अपना व्यवसाय चालू किया। क्योंकि गीता देवी के पति लॉकडाउन के कारण पंजाब में फंस गए थे। ऐसे में देश भर की तरह उनकी आजीविका भी अस्त-व्यस्त हो गई थी। ऐसे में उन्होंने दूध बेचने के साथ-साथ हाथ से बने पंखे भी बेचने शुरू किए।

जीवीका ने दिया नया मंच

हालांकि गीता देवी के जीवन में बड़ा बदलाव तब आ गया था, जब वे संचालित स्वयं सहायता समूह पहल जीवीका से जुड़ी थी। क्योंकि वे कोरोना काल से पहले ही इससे जुड़ चुकी थी। ऐसे में अपना काम करने के लिए एक हौसला था। क्योंकि वे 2017 से ही इस पहल से जुड़ गई थी। इसके चलते पहले ही बुनियादी प्रशिक्षण और आजीविका के अवसरों की जानकारी थी। ऐसे में उन्होंने आइसक्रीम का कारोबार करने का फैसला लिया।

सागर नाम से खड़ा हुआ ब्रांड

गीता देवी के प्रयासों के साथ उनकी मेहनत भी बहुत सार्थक रही। उन्होंने सागर नाम से अपना ब्रांड तैयार कर आइसक्रीम का काम शुरू किया। शुरूआत में इसकी बिक्री स्थानीय स्तर पर शुरू हुई। इससे प्रति माह 10 से 20 हजार रुपये की बचत भी शुरू हो गई। जैसे जैसे लोगों को उनके उत्पादों का पता चला, मांग काफी बढ़ी और आज सागर ब्रांड प्रतिष्ठित हो गया है। फिलहाल वे हर साल करीब 35 लाख रुपये का कारोबार करती हैँ। उनके 18 स्थानीय विक्रेता भी हैं।

अब होगा विस्तार

सागर ब्रांड अभी तक भी सीमित संसाधनों के साथ ही चल रहा है, लेकिन अब इसको विस्तार देने की तैयारी है। इसके लिए बैंक से भी मदद मिली है। अब इस कारोबार को और अधिक गति दी जाएगी। क्योंकि इससे गीता देवी का जीवन पूरी तरह से बदल चुक है।

जीवन में सफलता के साथ विभिन्न स्वाद

बेशक गीता देवी ने अपने जीवन में सफलता का स्वाद भरा है, लेकिन उनकी इस सफलता से लाेगों को भी विभिन्न स्वाद मिल रहे हैं। इसमें वेनिला, बटरस्कॉच, आम, सेब के साथ स्ट्रॉबेरी स्वादों में आइसक्रीम तैयार की जाती है। स्थानीय बाजार में इसकी मांग काफी अधिक रहती है। इसके कारण गीता देवी के साथ करीब 2 दर्जन अन्य परिवारों को भी रोजगार मिल गया है।

लखपति दीदी बनी गीता देवी

इस प्रयास ने वे अपने क्षेत्र में तो खास पहचान बनाने में सफल हुई ही हैं, साथ ही सरकार की खास योजना में भी शामिल हुई। क्योंकि उनकी इस पहल को आईआईएम कलकत्ता द्वारा भी नवाचार कार्यक्रम रेखांकित किया गया है। साथ ही उनका नाम सरकार की विशेष योजना लखपति दीदी में भी शामिल हो गया है।

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