Kalpana Rawat : सोनीपत की कल्पना ने पति की प्रेरणा से पाई UPSC में सफलता, अब IAS बन कर बिहार में संभालेंगी कमान
पति ने करवाई पढ़ाई अब पति-पत्नी बने पावर कपल
Kalpana Rawat : कहते हैं हर सफल व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होता है। यह इस कहावत का एक पहलू है। क्योंकि आज जो कहानी हम आपको बता रहे हैं, उसमें महिला की सफलता के पीछे पुरुष का हाथ है। जी हां यह कहानी है हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली कल्पना रावत की। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा 2024 के परिणाम में 78वें रैंक के साथ सफलता पाई है। हालांकि उनकी सफलता की कहानी खुद की लगन से लिखी गई है, लेकिन इसके पीछे उनके पति का हाथ है, जो पहले ही आईएएस हैं।
कल्पना रावत ने पांचवें प्रयास में यह सफलता पाई है और 78वां रैंक प्राप्त किया। कल्पना राव के पति आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने स्वयं उनको पढ़ाया और सिविल परीक्षा के लिए मार्गदर्शन दिया। हालांकि पहले चार प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन उनका जुनून लगातार सफलता के लिए प्रयास करने को प्रेरित करता रहा। इस सफलता के बाद कल्पना भी अपनी पति के साथ बिहार कैडर में आईएएस तैनात हुई हैं। प्रशासनिक सेवाओं में अब यह दोनों पावर कपल के नाम से जाना जाता है।
11 नए युवा अधिकारी मिले
बिहार को हाल ही में 11 नए युवा आईएएस अधिकारी मिले हैं। इनमें से एक कल्पना रावत हैं। कल्पना रावत की कहानी इसलिए भी सबसे अलग है कि उन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा के लिए बाहर से कोई कोचिंग नहीं ली। सिर्फ अपने आईएएस पति के मार्गदर्शन से स्वयं मेहनत कर यह सफलता पाई है। ऐसे में उनकी इस सफलता से युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।
सोनीपत की हैं कल्पना रावत दिल्ली में हुई पढ़ाई
कल्पना रावत मूल रूप से दिल्ली से सटे हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली हैं। हालांकि उनका पालन-पोषण दिल्ली में हुआ है। वे बचपन से दिल्ली के नजफगढ़ में रही हैं। हालांकि कल्पना रावत शुरू से ही पढ़ाई में काफी मेधावी रही हैं। वे अपने स्कूल में हाउस कैप्टन भी रह चुकी हैं।
यानी उनमें नेतृत्व की क्षमता बचपन से ही विकसित हुई है। साथ ही वे क्रिएटिव राइटिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड जीत चुकी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन करने के बाद वे सिविल सेवा की तैयारी की रही हैं।
पति बने ट्रेनर, मुश्किल हो गई आसान
बेशक आज कल्पना रावत की सफलता के बाद यह सब आसान लग रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है। क्योंकि शादी के बाद कल्पना के लिए भी पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था। उन्होंने बाहर से कोचिंग भी नहीं ली। बस अपने पति से ही कुछ मार्गदर्शन लेकर तैयारी कर रही थीं।
हालांकि पहले 4 प्रयासों में सफलता नहीं मिलने पर कुछ हताश जरूर हुई, लेकिन उनके पति आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने हौसला दिया। बेशक उनका जीवन प्रशासनिक कार्यों के कारण व्यस्तताओं भरा था, लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी को मुश्किल विषयों को समझाने में मदद की। विशेषतौर पर परीक्षा की तैयारी के लिए उत्तर लिखने की ट्रेनिंग दी। इससे कल्पना की राह काफी आसान हो गई।
अब दोनों की सेवाएं बिहार में
कल्पना की इस सफलता के बाद उनकी नियुक्ति बिहार कैडर में हुई है। उन्होंने यूपीएससी 2024 में 78वीं रैंक हासिल कर अपना आईएएस का सपना पूरा किया है। वहीं उनके पति सूर्य प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं ओर वे 2021 बैच के आईएएस हैं। वे बिहार के समस्तीपुर में डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (DDC) का पद संभाल रहे हैं। उनकी शादी कल्पना रावत से 2024 में हुई।










