5 New Cities In Haryana : हरियाणा में बदल जाएगा एनसीआर का स्वरूप, केएमपी के किनारे सिंगापुर की तर्ज पर बसेंगे 5 नए शहर
हरियाणा सरकार ने 135 किलोमीटर में बनने वाले शहरों में औद्योगिक ढांचा विकसित करने का लिया फैसला
5 New Cities In Haryana : हरियाणा के कई शहर दिल्ली एनसीआर में आते हैं। अब एनसीआर का स्वरूप बदलने वाला है। हालांकि इस योजना में कुछ समय लग सकता है, लेकिन जैसे ही हरियाणा सरकार की यह योजना मूर्त रूप लेगी, यहां सिंगापुर की तर्ज पर ऐसे औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे, जिससे हरियाणा को आने वाले समय में नई पहचान मिलेगी। (haryana news)
दरअसल कुंडली-मानेसर – पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे हरियाणा की लाइफ लाइन बन कर उभरा है। अब इस हाईवे के किनारे 135 किलोमीटर क्षेत्र में सरकार ने 5 नए शहर बसाने का फैसला लिया है। सरकार की योजना है कि इन शहरों में औद्योगिक विकास सिंगापुर की तर्ज होगा। ऐसे में हरियाणा को आधारभूत ढांचा ही नहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी नई पहचान मिलेगी।
ग्राम विकास प्राधिकरण करेगा शहरों को विकसित
सरकार इस योजना को प्रमुखता से ले रही है। इसके लिए तय किया गया है कि इन शहरों को 2031 संभावित जनसंख्या के आधार पर विकसित किया जाएगा। (haryana news) इसके लिए सरकार द्वारा पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में केएमपी का महत्व बहुत ही विशेष है। यह मार्ग नया लॉजिस्टिक कॉरिडाेर बन कर उभरा है।
औद्योगिक नीति में भी हुए संशोधन
इस योजना के लिए सरकार द्वारा प्रदेश की औद्योगिक नीति में भी कुछ संशोधन किए हैं। इसका प्रभाव सीधा प्रदेश में होने वाले निवेश पर पड़ेगा। इसके साथ ही रोजगार और आधारभूत ढांचा के विकास में भी नई गति दी जा सकेगी। (5 New Cities In Haryana) क्योंकि प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए सरकार द्वारा 10 नई इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप (आइएमटी) स्थापित करने की घोषणा की गई थी।
इसमें से 5 आईएमटी मंजूर हो चुकी हैं। यहां पर जरूरी आधारभूत ढांचा भी तैयार किया जा रहा है। ऐसे में हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। क्योंकि उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
विदेशी निवेशकों के लिए सबसे बेहतर
दरअसल हरियाणा 3 ओर से दिल्ली को घेरे हुए है। यहां से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा में बना जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड़्डा बेहद करीब हैं। इसका लाभ हरियाणा को सीधे तौर पर विदेशी निवेश के रूप में मिलेगा।
क्योंकि नए विकसित होने वाले शहरों से भी यह दोनों ही जगह बहुत पास होंगी। साथ ही फिलहाल दिल्ली से सटे होने के कारण नोएडा और गुरुग्राम पर बढ़ रहे दबाव से भी राहत मिलेगी। यानी यहां सरकारी योजना के अनुरूप काम होने से यह क्षेत्र एनसीआर सबसे विकसित क्षेत्र हो सकता है।
सिंगापुर की तर्ज पर औद्योगिक विकास का क्या अर्थ है
दरअसल सरकार की योजना है कि यहां विकास के नाम पर सिर्फ आवासीय टाउनशिप नहीं बनाई जाएगी। यहां पर सिंगापुर की तर्ज पर औद्योगिक विकास होगा। यानी ऐसे सुनियोजित शहर बसाए जाएंगे, जो बेहतर आधारभूत ढांचा हो। साथ ही रोजगार, सड़कों के साथ निर्यात-उन्मुख वातावरण तैयार किया जाए। इसके साथ ही सिंगापुर मॉडल में व्यापार के लिए सुरक्षित और स्थिर वातारण बेहद महत्वपूर्ण है।
दोनों किनारों पर और औद्योगिक केंद्र
कुंडली -पलवल-मानेसर एक्सप्रेसवे पर के दाेनों किनारों पर ही बड़े औद्योगिक केंद्र हैं। अब खरखौदा भी आईएमटी विकसित हो रही है। गुरुग्राम और मानेसर अपनी औद्योगिक विकास गति के लिए पहले ही खास पहचान बना चुके है। यानी सीधी भाषा में कहा जाए तो यह क्षेत्र दिल्ली का विस्तार होगा।
पंचग्राम प्राधिकरण का काम
इस परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पंचग्राम प्राधिकरण की होने वाली है। क्योंकि यह प्राधिकरण ही इन शहरों का खाका तैयार करेगा। इसके लिए भविष्य की तैयारी करनी होगी, जैसे संभावित जनसंख्या और जरूरत का आंकलन। क्योंकि इन शहरों को ऐसा रूप दिया जाएगा कि भविष्य में भीड़ बढ़ने पर भी यहां असर नहीं पड़े। ऐसे में लोगों को जिस प्रकार रोजगार के अवसर इससे मिलेंगे, वहीं उनकी आवासीय जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।










