Haryana Cabinet meeting in Gurugram : हरियाणा कैबिनेट की बैठक पहली बार गुरुग्राम में, 12 अहम प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना

22 अप्रैल को गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्टहाउस में होगी बैठक, जानें क्या हैं गुरुग्राम में बैठक के मायने

Haryana Cabinet meeting in Gurugram : हरियाणा कैबिनेट की बैठक 22 अप्रैल को होगी। हालांकि कैबिनेट की बैठक राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय होता है, लेकिन इस बैठक में इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि बैठक गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्टहाउस में होगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि हरियाणा कैबिनेट की बैठक गुरुग्राम में हो रही है। ऐसे में इसके खास मायने भी रहने वाले हैं। आइए इसके बारे में बताते हैं।

22 अप्रैल को होने वाली बैठक में 12 अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यूं तो कैबिनेट की बैठक अक्सर प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ में ही होती आई, लेकिन इस बार यह बैठक गुरुग्राम में की जा रही है। ऐसे में जानकारों का मानना है कि यह गुरुग्राम को पावर सेंटर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। बहराल इस बैठक को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही हैं।

हरियाणा की आर्थिक राजधानी है गुरुग्राम

गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक राजधानी के रूप में विकसित हुआ है। दिल्ली से सटा हुआ यह शहर निर्माण और सेवा क्षेत्र में देश भर में अपना खास स्थान रखता है। अब 22 अप्रैल को यहां पर कैबिनेट की बैठक कर सरकार ने भी दिखा है कि गुरुग्राम कितना महत्वपूर्ण केंद्र है। क्योंकि कैबिनेट की बैठक अक्सर प्रदेश की राजधानी में ही होती है। इस बैठक से सरकार पूरे देश व दुनिया में यह संदेश दे रही है कि गुरुग्राम भविष्य का शहर है। माना जा रहा है कि इससे निवेश को लेकर भी सकारात्मक महौल बनेगा।

अब नई पहचान की दहलीज पर गुरुग्राम

बेशक आर्थिक रूप से गुरुग्राम अपनी खास पहचान रखता है, लेकिन सत्ता की शक्ति का केंद्र नहीं रहा। ऐसे में अब होने वाली बैठक पावर सेंटर के रूप में नई पहचान दिलवा रही है। कैबिनेट की इस बैठक का गवाह बनेगा गुरुग्राम का पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस। क्योंकि अब चंडीगढ़ से बाहर कैबिनेट की बैठक होने पर गुरुग्राम एक आसान विकल्प बन गया है। अभी तक की बात की जाए तो हरियाणा कैबिनेट की बैठक चंडीगढ़ से बाहर सिर्फ दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में ही होती आई हैं।

40 साल की विकास यात्रा की कहानी

दरअसल गुरुग्राम को आज जिस विकास के लिए पहचाना जाता है, इसकी शुरूआत 1980 के बाद में हुई थी। हालांकि आज विश्व के मानचित्र पर गुरुग्राम अपनी पहचान रखता है, लेकिन पहली बार 1982 में यहां पर मारुति सुजूकी इंडिया के प्लांट की स्थापना हुई थी। दिल्ली से सटा होने के कारण यहां पर विकास का पहिया काफी तेजी से घूमा और इस विकास यात्रा में गुरुग्राम ने भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

समय के साथ यहां पर ऑटो मोबाइल क्षेत्र इस प्रकार फैला की आज गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक राजधानी के रूप में स्थापित हो चुका है। ऑटोमोबाइल के साथ आईटी, टेलीकॉम, गारमेंट क्षेत्र में भी बेहतरीन विकास हुआ है। वर्तमान समय की बात की जाए तो अकेले गुरुग्राम में 7 हजार से अधिक आईटी एवं टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियां कार्यरत हैं। साथ ही मानेसर व धारुहेड़ा जैसे उपनगर भी विकसित हो चुके हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है गुरुग्राम

गुरुग्राम सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी खास पहचान रखता है। इसको पहचान मिली है, साइबर सिटी के रूप में। क्योंकि विश्व भर की 500 फार्च्यून कंपनियाें में अकेले गुरुग्राम में 400 से अधिक कंपनियों के कॉरपोरेट कार्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा यहां आधारभूत ढांचे में भी काफी विकास हुआ है।

हुड्डा की कोठी के पीनल रेंट पर भी चर्चा की संभावना

सरकारी सूत्रो का कहना है कि इस बैठक में विकास कार्यों की चर्चा के साथ कुछ नए फैसले भी लिए जाएंगे। वहीं चर्चा इस बात की है कि बैठक में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी के बकाया पीनल रेंट पर भी चर्चा हो सकती है। इस पर करीब 16. 5 लाख रुपये बकाया है। हालांकि इससे पहले भी यह प्रस्ताव कैबिनेट में आया था, लेकिन कुछ मंत्रियों को इस पर आपत्ति थी। ऐेसे में अब फिर से यह प्रस्ताव कैबिनेट में आ सकता है। बहराल सुबह 9 बजे होने वाली बैठक में इसका पता चलेगा।

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