Private Bus Pass Rules : परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, सहकारी समिति की बस में मान्य करना होगा रियायती या मुफ्त बस पास

सरकार ने किया साफ नहीं मिलेगा अतिरिक्त अनुदान, बस पास मान्य नहीं किए तो होगी कार्रवाई

Private Bus Pass Rules : हरियाणा में आए दिन विभिन्न श्रेणी के यात्रियों से सहकारी समिति की बसों में टिकट को लेकर विवाद के मामले सामने आते हैं। अब इसको लेकर हरियाणा के परिवहन आयुक्त ने साफ कर दिया है कि सभी परमिट पर चलने वाली बसों को हरियाणा रोडवेज की तर्ज पर ही सभी प्रकार के रियायती व फ्री बस पास का लाभ देना होगा।

साथ ही यह भी साफ किया है कि इसके बदले परिवहन सिमित को किसी प्रकार की सब्सिडी भी नहीं दी जाएगी।
परिवहन आयुक्त द्वारा इस आशय का पत्र सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTOs) और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को भेजा गया है। यह पत्र 21 अप्रैल को ही जारी किया गया है।

ऐसे में अब जो भी सहकारी समिति बस संचालक या परिचालक किसी भी श्रेणी के बस पास की मान्यता से मना करता है इसकी विधिवत शिकायत की जा सकती है। हालांकि यह नियम पहले से ही है, लेकिन कुछ निजी बस ऑपरेटर इस नियम को नहीं मान रहे थे।

आए दिन होते हैं विवाद

इस प्रकार के विवाद आए दिन विशेषकर छात्राओं व बुजुर्गों के साथ होते हैं। स्कूल कालेज में पढ़ने वाली छात्राओं को निशुल्क और 60 से अधिक आयु के बुजुर्गों को सरकार द्वारा आधा किराया माफी का लाभ दिया जाता है। वहीं निजी बस ऑपरेटर अक्सर छात्राओं व बुजुर्गों को पूरी टिकट के लिए परेशान करते हैं।

कुछ दिन पहले हरियाणा के जींद जिला के 70 वर्षीय बुजुर्ग के साथ भी ऐसी ही घटना घटी थी। बुजुर्ग ने जींद से असंध रूट पर चलने वाली एक निजी बस के स्टाफ पर अभद्रता के साथ -साथ बीच रास्ते बस से उतारने का आरोप लगाया था। ऐसे में इस प्रकार की सख्ती की मांग लगातार उठ रही थी।

स्टेज कैरिज स्कीम की बसों में आती है दिक्कत

दरअसल हरियाणा प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तीन प्रकार से चलती है। परिवहन विभाग को हरियाणा रोडवेज अपनी बस चलाता है। इसके अलावा किलोमीटर योजना के तहत बस चलती हैं। इन दोनों ही बसों में सभी प्रकार लाभ प्राप्त लोगों को उनका लाभ दिया है। तीसरी श्रेणी है स्टेज कैरियर स्कीम। यह बस परिवहन विभाग से किसी विशेष रूट के लिए परमिट प्राप्त करती हैं। इसमें पूरा स्टाफ ऑपरेटर का ही होता है। इन बसों में अक्सर बुजुर्गों और विद्यार्थियों को परेशान किया जाता है। (haryana roadways news)

क्या कहा है परिवहन आयुक्त ने

परिवहन आयुक्त द्वारा 21 अप्रैल को सभी जिलों के परिवहन अधिकारी (DTOs) को लिखे पत्र में कहा है कि विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ निजी बस ऑपरेटर (स्टेज कैरिज स्कीम 2016 ) द्वारा शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।

जबकि स्कीम के तहत परमिट धारक ऑपरेटरों के लिए यह जरूरी है कि बसों में छात्रों के साथ-साथ रियायती या मुफ्त पास धारकों को ठीक उसी प्रकार यात्रा की सुविधा दें, जैसे हरियाणा रोडवेज की बसों में मिलती है। साथ ही इसमें कहा गया है कि निजी ऑपरेटरों को उन सभी नियमों का भी पालन करना होगा, जो समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं।

बिंदु 11 को किया विशेष रेखांकित

परिवहन आयुक्त द्वारा लिखे गए पत्र में निजी ऑपरेटरों के लिए बिंदु 11 को विशेषतौर पर रेखांकित किया है। क्योंकि बिंदु 11 में निजी ऑपरेटरों को खासतौर पर यह हिदायत दी गई है कि उनकी बसों में ठीक उसी प्रकार यात्रा करवाई जाए, जैसे हरियाणा रोडवेज में सुविधा दी जाती है। ऐसे में साफ है कि निजी बस ऑपरेट किसी भी ऐसे व्यक्ति को परेशान नहीं कर सकते, जिसको सरकार द्वारा निशुल्क यात्रा का लाभ दिया जाता है।

किन लोगों को मिलता है यात्रा का लाभ

हरियाणा सरकार द्वारा उन श्रेणियों को पहले ही निर्धारित गया है, जिनको यात्रा में लाभ दिया जाता है। इसके तहत हरियाणा के विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद को लाभ मिलता है। फ्रीडम फाइटर, फ्रीडम फाइटर की विधवा, गलैंटरी अवार्ड से सम्मानित पुलिसकर्मियों, प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित लेखक व कवि, सरकार से सम्मानित कलाकार, सरकार द्वारा निर्देशित खिलाड़ियों, युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विरांगनाओं को भी यह लाभ मिलता है। (haryana news)

इसके अलावा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेताओं को भी फ्री यात्रा का लाभ मिलता है। 100 प्रतिशत दिव्यांगों और दृष्टिहीन और उनके सहायकों को। दिव्यांग पूर्व सैनिक, रक्षा बंधन के मौके पर सभी महिलाओं और 15 साल तक के बच्चों को भी मुफ्त यात्रा का लाभ मिलता है। मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति और उसके साथ एक सहयोगी भी निशुल्क यात्रा कर सकते हैं।

पैराओलंपिक खिलाड़ी, हिमोफीलिया के मरीज, सभी नंबरदार, सेना के तीनों अंगों से गलैंटरी पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को भी यह लाभ दिया जाता है। स्कूल व कालेज में पढ़ने वाली सभी छात्राएं व कैंसर मरीज निशुल्क लाभ की श्रेणी में आते हैं। मान्यता प्राप्त प्रेस रिपोर्टर को साल में 4000 किलोमीटर की निशुल्क यात्रा का लाभ सामान्य बसों में मिलता है।

हिंदी आंदोलन के आंदोलनकारियों और हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों के साथ उनकी विधवा या विधुर को भी यह लाभ मिलता है। छात्रों के लिए हर महीने 10 टिकट के पैसे का पास बनाया जाता है। पुलिस कर्मियों के लिए 120 रुपये प्रति महीने के हिसाब से बस पास की सुविधा है। ऐसे 39 श्रेणियों के लिए निशुल्क या रियायती बस पास की सुविधा है।

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