Vishwakarma Haat 2026 : देश भर के शिल्पकारों के हुनर को मिलेगा मंच
18 जनवरी से दिल्ली हाट में सजेगा शिल्प मेला, 31 तक दिखेगी देश भर की छटा
Vishwakarma Haat 2026 : देश भर के शिल्पकारों को एक मंच देने के लिए सरकार द्वारा विशेष योजना तैयार की गई है। इसके तहत भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत विशेष योजना शुरू की गई है। इसके तहत कारीगरों और शिल्पकारों को समर्पित एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शन पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 के नाम से 18 जनवरी से होने जा रही है। इसके तहत 18 से 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए में आयोजन होगा। यह प्रदर्शनी सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगी।
रविवार 18 जनवरी को इसके शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे मौजूद रहेंगे। इस दौरान दोनों नेता देश भर से पहुंचे शिल्पकारों को संदेश भी देंगे। मंत्रालय का कहना है कि पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्देश्य भारत की समृद्ध पारंपरिक शिल्पकला विरासत का उत्सव मनाने और उसे प्रदर्शित करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। साथ ही कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, हितधारकों और आम जनता के सामने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करने और उनका विपणन करने के लिए एक प्रमुख मंच प्रदान किया जा रहा है।
Vishwakarma Haat 2026 : 117 से अधिक शिल्पकार लेंगे भाग
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा आयोजित की जाने वाली इस प्रदर्शनी में देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 117 से अधिक कारीगर भाग लेंगे। ऐसे में एक ही स्थान पर देश भर के विभिन्न हिस्सों से शिल्पकार व कारीगर जुट कर इस आयोजन को विविध पारंपरिक कौशल और शिल्पकला का केंद्र बना देंगे। यह आयोजन अखिल भारतीय स्तर के कामगारों का प्रतिनिधित्व करेगा।
इस हाट का उद्देश्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाना, लोगों तक अधिक से अधिक पहुंचना है।इससे इन लोगों को स्थाई आजीविका के अवसर सृजित किया जा सकता है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा हाट 2026 में विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। इससे भारतीय शिल्पकारों का हुनर विदेशों तक पहुंच सकेगा।
Vishwakarma Haat 2026 : शिल्प के साथ सांस्कृतिक अनुभव का प्रदर्शन
सरकार के स्तर पर होने वाले इस आयोजन में शिल्प कला तो दिखेगी ही, साथ ही देश भर की सांस्कृतिक छटा भी दिखेगी। क्योंकि यह प्रदर्शनी पारंपरिक शिल्पकलाओं की एक विस्तृत श्रृंखला होने वाली है। शिल्पकला के प्रत्यक्ष प्रदर्शन और सांस्कृतिक अनुभवों को प्रदर्शित करते हुए हस्थकला के हनुर का प्रदर्शन किया जाएगा।
विश्वकर्मा का अभियान, विकसित भारत का निर्माण की भावना को दर्शाएगी। पीएम विश्वकर्मा हाट 2026, कारीगरों को सशक्त बनाने, पारंपरिक कौशल को संरक्षित करने और लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तंत्र को मजबूत करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।










