UP Smart Meter Rollback: बिजली प्रीपेड स्मार्ट मीटर का अंत, उत्तर प्रदेश ने लोगों को बड़ी राहत
सरकार ने बदला नियम चल रहा था भारी विरोध, उपभोक्ता हो रहे थे परेशान
UP Smart Meter Rollback: उत्तर प्रदेश में बिजली के प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। यूपी की योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नियमों में बदलाव किया है। बड़ा बदलाव यह है कि अब सभी बिजली कनेक्शन पहले की तरह ही पोस्टपेड रहेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है।
सरकार द्वारा तय किए गए नए नियम के तहत पहले की तरह ही उपभोक्ताओं को खर्च की गई बिजली का बिल अगले महीने 15 दिनों में करना होगा। इस योजना के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में 83 लाख से अधिक प्रीपेड में किए गए थे। अब नई व्यवस्था के साथ नए होने वाले कनेक्शन पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के रहेंगे, लेकिन पहले दिए गए प्रीपेड के कनेक्शन दोबारा पोस्टपेड में किए जाएंगे।
पुराने मीटर बदलने का काम भी बंद
उपभोक्ताओं की दुविधा को देखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि पुराने पोस्टपेड मीटर को स्मार्ट प्रीपेड मोड में बदलने का कार्य फिलहाल बंद किया गया है। हालांकि यह पूरी तरह से राेका नहीं किया गया । साथ ही उपभोक्ताओं को बड़ी राहत यह दी कि 30 अप्रैल तक के बकाया बिजली बिल10 किस्तों में जमा करवा सकेंगे।
क्यों हुआ स्मार्ट प्रीपेड मीटर का विरोध
दरअसल स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बड़ी तकनीकी दिक्कत आ रही थी। इसको रिचार्ज करने के बाद भी लंबे समय तक कनेक्शन नहीं जुड़ पा रहा था। हालांकि कनेक्शन ऑटोमेटिक जुड़ने की सुविधा थी, लेकिन यह व्यवस्था ठीक प्रकार से काम नहीं कर रही थी। इसके कारण बिजली का बिल भी अधिक आ रहा था। ऐसे में उपभोक्ताओं में आक्रोश था। उत्तर प्रदेश के कई विद्युत उपकेंद्रों पर धरना-प्रदर्शन किया गया। कुछ जगह तोड़फोड़ भी की गई।
आईआईटी के प्रोफेसर सिमित कर रही है तकनीकी जांच
इसको लेकर सरकार बेहद गंभीर है। लोगों के विरोध के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। आइआइटी कानपुर के प्रोफेसर वाली यह जांच समिति स्मार्ट मीटर की तकनीक के साथ इनकी गुणवता की भी करेगी।
तकनीक से बदले जाएंगे मीटर
सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को यह बड़ी राहत मिली है। राज्य में 86.80 लाख स्मार्ट मीटर बदले जा चुके हैं। फिलहाल 83.20 लाख प्रीपेड मोड चल रहे हैं। अब लगे हुए नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को को पोस्पेड मोड में बदलना है। इसके लिए कमांड से ही यह तकनीक बदल जाएगी।
मंत्री को देना पड़ा बयान
हालांकि प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री एके शर्मा पहले इस व्यवस्था का बचाव कर रहे थे, लेकिन आखिरकार उन्होंने सोमवार को बयान दिया कि प्रीपेड मीटर वाली नई व्यवस्था को समाप्त करते हुए नए स्मार्ट मीटर अब पहले की तरह ही पोस्टपेड के रूप में काम करेंगे। साथ ही अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बकाया बिजली बिल होने पर कनेक्शन नहीं काटें। हालांकि उपभोक्ताओं को सुविधा दी गई है कि वे अपने 30 अप्रैल तक के बकाया बिल का भुगतान 10 किस्तों में कर सकते हैं।
क्या रहेगी बिल प्राप्ति की सुविधा
अब बिजली बिल प्राप्ति की व्यवस्था भी पहले की तरह हो जाएगी। बिजली का मासिक बिल पहले की तरह ही जमा किया जाएगा। इसके तहत हर महीने की 1 से 30 तारीख तक का बिल अगले महीने की 10 तारीख उपभोक्ता को मोबाइल फोन पर एसएमएस अथवा वाट्सएप पर मिल जाएगा। इस राशि का भुगतान उपभोक्ता अगले 15 दिन में कर कसेगा।
बिल में समायोजित होगी सिक्योरिटी की राशि
अब नई व्यवस्था के तहत सिक्योरिटी की राशि को उपभोक्ता के बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा। क्योंकि पहले से लगाए गए पोस्टपेड मीटर की जगह नए प्रीपेड स्माट मीटर लगाने पर सरकार द्वारा सिक्योरिटी राशि नहीं ली गई थी। हालांकि पहले से जो सिक्योरिटी राशि जमा की गई है, उसको बिल में समायोजित किया जाएगा। अब फिर से नए पोस्टपेड मीटर हो रहे हैं तो उपभोक्ता से चार बिलों में यह राशि वसूली जाएगी।









