drone pilot: ड्रोन पायलट बन कर कमाएं लाखों
देश में ही ले सकते हैं प्रशिक्षण
बदलते समय के अनुसार ड्रोन हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देश में ही लिया जा सकता है। कुछ समय पहले ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा ड्रोन पायलट के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। यह लाइसेंस मिलने के बाद अब क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी आधिकारिक रूप से ड्रोन उड़ा सकते हैं। इसके लिए सही प्रशिक्षण की भी जरूरत होती है।
देश में यूं तो आप कहीं भी ड्रोन उड़ता देख सकते हैं, लेकिन 250 ग्राम से अधिक भारी ड्रोन को उड़ाने के लिए उचित प्रशिक्षण जरूरी है। इसके बिना ड्रोन उड़ाने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है और इसके साथ ही उड़ाए जा रहे ड्रोन ज़ब्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं स्थिति को देखते हुए जेल भी हो सकती है। DGCA द्वारा स्वीकृत रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन (RPTO) से प्रशिक्षण लेने के बाद ड्रोन पायलट का प्रमाण पत्र दिया जाता है।
ड्रोन उड़ाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसके लिए योग्य ड्रोन पायलट बनना पड़ता है। इसके लिए सही प्रशिक्षण के साथ व्यवाहारिक ज्ञान, कौशल और समझ विकसित होनी चाहिए। यह प्रक्रिया पूरी कर ड्रोन पायलट बना जा सकता है। इसके बाद ड्रोन उद्योग में अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।
ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार ड्रोन जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी दी जाती हैं। इसके अलावा किस परिस्थिति में क्या कद उठाया जा सकता है। यह भी बताया जाता है। यह उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही ड्रोन पायल बनने के लिए युवाओं में जिज्ञासा रहती है।

ड्रोन को उड़ाने का काम करने वाले को भी पायलट ही कहा जाता हे। हालांकि यह बिना पायलट वाले यान होते हैं, लेकिन फिर भी इनका नियंत्रण मानवीय हाथों में ही रहती है। ड्रोन को उड़ाने वाला व्यक्ति ही यह निर्धारित करता है कि इसकी गति, ऊंचाई व दिशा क्या होगी। ड्रोन का मुख्य प्रयोग फोटो व वीडियो बनाने में हो रहा है। यह नियंत्रण भी ड्रोन पायलट के पास ही रहता है।
इसके अलावा ड्रोन का प्रयोग खेती में काफी बढ़ रहा है। विभिन्न प्रकार के सर्वे, निगरानी के साथ सामान को पहुंचने में भी ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है। विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन की उपयोगिता काफी बढ़ रही है। इसके आलवा अधिक भीड़ वाले शहरों में यातायात की समस्या से बचते हुए जरूरी दवा व जीवन रक्षक सामान को आसानी से ड्रोन के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है।
भारत में बहुत सारे लोग ड्रोन उड़ाते या इसका संचालन करते हैं। इसके लिए डीजीसीए द्वारा अनुमति दी जाती है। ड्रोन उड़ाने के लिए उम्मीदवार को रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (आरपीसी) प्राप्त करना पड़ता है। यही उसको कानूनी अनुमति देता है कि वह ड्रोन का संचालन कर सकता है। कोई भी 18 साल या इससे अधिक आयु का व्यक्ति निर्धरित प्रक्रिया को अपना कर लाइसेंस प्राप्त कर सकता है।
इसके लिए डीजीसीए द्वारा मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन (आरपीटीओ) से 5से 7 दिन का प्रशिक्षण लेना हाेता है। इस प्रशिक्षण में निर्धारित पाठ्यक्रत की थ्योरी के साथ मौसम, हवाई सुरक्षा सहित उड़ान अभ्यास का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इन सभी श्रेणी की परीक्षा को पास कराने के उपरांत लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
बेशक प्रशिक्षण का यह कार्य नागर विमानन महानिदेशालय ही देखता है, लेकिन महानिदेशाय द्वारा कई संस्थान स्वीकृत किए गए हैं। यह संस्थान ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देते हैं। इनमें चेन्नई स्थित गरुड़ा एयरोस्पेस, दिल्ली का आईजी ड्रोन, बेंगलुरु स्थित स्काईलार्क ड्रोन और रायबरेली स्थित ड्रोन डेस्टिनेशन शामिल हैं।
हालांकि कोई भी व्यक्ति अपने पास ड्रोन रख सकता है। इसके वजन के अनुसार ही नियम निर्धारित किए गए हैं। 250 ग्राम से कम वजन वाले ड्रोन को नैना ड्रोन कहा जाता है। इसको बिना किसी भी प्रकार की अनुमति संचािलित किया जा सकता है। इससे अधिक वजन के ड्रोन की भी श्रेणियां है और इसके लिए निर्धारित संस्थान से प्रामण पत्र लेना अनिवार्य है।
drone pilot: ड्रोन पायलट बन कर कमाएं लाखों कमाई के अवसर
देश में में ड्रोन पायलट को वेतन उसके अनुभव व योग्यता के आधार पर मिलता है। विशेषकर कई लोग पूरा प्रशिक्षण लेकर अपने स्तर भी काम करते हैं। आजकल खेती बाड़ी में इसका प्रयोग काफी बढ़ रहा है। केंंद्र सरकार द्वारा नमो ड्रोन दीदी योजना भी शुरू की है। इसके तहत महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण के साथ ड्रोन भी दिया गया है। यह ड्रोन विशेषकर कृषि कार्यों में प्रयोग होता है और महिलाओं की कमाई होती है। के आधार पर ड्रोन पयलट वेतन मिलता है। शुरूआती दौर में वेतन दो सो चार लाख रुपये वार्षिक रहता है। अनुभव व योग्यता के आधार पर यह बढ़ता रहता है।










