Gold rate : सोने की चमक एक साल बढ़ी 64 प्रतिशत
एक साल में 578 प्रतिशत बढ़ा गोल्ड ईटीएफ निवेश
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने व चांदी की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है। भारत में त्योहारी सीजन चल रहा है। इस सीजन में लोग सोने व चांदी के आभूषण अधिक खरीदते हैं। हालांकि सोने व चांदी की कीमत सातवें आसमान हैं, लेकिन इन दोनों ही धातुओं की खरीद के प्रति लोगों का रूझान कम नहीं हो रहा है। पिछले एक साल में सोने की चमक 64 प्रतिशत तक बढ़ी है।
पिछले साल धनतेरस के मौके पर सोने की कीमत प्रति दस ग्राम 78,846 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गई थी। इस बार यह कीमत बढ़ कर 1.29 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच चुकी हैं। इसका मतलब एक साल में सोने की कीमत में भारी बढ़तोरी हुई है। यदि आपने पिछले साल दस ग्राम सोना खरीदा था तो इसने आपको 64 प्रतिशत रिटर्न दिया है। यह एक साल में कमाई को बहतु बड़ा आंकड़ा होता है।
यूं तो देश में पूरे साल ही सोने व चांदी की मांग रहती है, लेकिन दीवाली जैसे पर्व पर मांग में काफी वृद्धि होती है। साथ ही दीवाली के बाद शादियों का सीजन भी शुरू होता है। इस पर हर कोई शादी में अपने अनुसार सोने की खरीद जरूर करता है। इसके चलते कहा जा सकता है कि अभी सोने व चांदी की कीमतों में कमी आने की कोई संभावना नहीं लग रही है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, इस साल 17 अक्टूबर शुक्रवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 2,337 रुपये बढ़ कर 1,29,584 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गई हैं। हालांकि आभूषण के रूप में सोने की कीमत 2,328 रुपये बढ़ी है। इसकी कीमत प्रति दस ग्राम 1,29,065 हो गई है।
चांदी की बात की जाए तो इसमें 1,147 रुपये का उछाल आया है। प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत 1.69 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके मुकाबले पिछले साल इस धनतेरस के मौके पर कीमत देखी जाएं तो यह 97 हजार 873 रुपये प्रति किलो से बढ़ कर 1.69 लाख रुपये प्रति एक किलोग्राम तक पहुंची है। चांदी में सोने से भी अधिक 73 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निवेश की दृष्टि से देखें तो यह बहुत ही लाभ को सौदा रहा है।
सोने की कीमत एक लाख रुपये के पार जाने के बाद भी थम नहीं रही हैं। ऐसे में कई जानकार मानते हैं अगले एक-दो दिन में ही ही सोना प्रति दस ग्राम डेढ लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

Gold rate क्या है गोल्ड ईटीएफ
सोने की कीमत लगातार बढ़ने से निवेश के लिहाज से गोल्ड ईटीएफ में भी ग्राहकों का रूझान बढ़ा है। गोल्ड ईटीएफ एक प्रकार विशेष फंड है। यह सोने की बुलियन में इंवेस्ट करता है। साथ ही सोने के भाव व उसके के प्रदर्शन पर भी नज़र रखता है। सोने की तरह ही सिल्वर ईटीएफ भी है। यह चांदी की बुलियन में निवेश करने के साथ इसकी कीकतों पर जनर रखता है। ईटीएफ की इकाईयों द्वारा स्टाक एक्सचेंज में कारोबार किया जाता है। इसको भी अन्य किसी शेयर या स्टाक की तरह ही खरीदा व बेचा जाता है।
Gold rate ईटीएफ के लाभ
हालांकि हर कोई सोने व चांदी को इसके फिजिकल स्वरूप में ही रखना चाहता है, लेकिन कई लोग ईटीएफ में निवेश कर सोने व चांदी को अपना बनाते हैं, लेकिन यह भौतिक रूप में उनके पास नहीं होता। हालांकि इसकी कीमत उनके पास होती है। यही ईटीएफ को अधिक भरोसेमंद बनाता है। साथ ही इन कीमती धातुओं में निवेश करने आसान तरीका भी है। इसमें सोने व चांदी की शुद्धता की चिंता निवेशक का नहीं होती। न ही उसे भौतिक रूप से यह धातु अपने पास रखनी पड़ती। इससे चोरी का रिस्क भी नहीं रहता। निवेशक के डी-मैट खाते में इसकी कीमतों के अनुसार भुगतान की व्यवस्था रहती है।
Gold rate खरीदारी पर नहीं भाव का असर
बेशक सोने की कीमत लगातार चढ़ रही हैं, लेकिन इसका असर खरीदारी पर नहीं है। ग्राहकों का जोश कम नहीं हो रहा है। एआईजेजीएफ संस्था के अनुसार इस साल बेशक सोना महंगा है, लेकिन धनतेरस पर देश भर के बाजार में 50,000 करोड़ रुपये का व्यापार सोना व चांदी की धातुओं से हो सकता है। सर्वे के अनुसार अकेले दिल्ली में ही दस हजार करोड़ रुपये तक का व्यापार होने की उम्मीद है।










